भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहां खेती से जुड़े कई व्यवसाय होते हैं। इन दिनों किसानों में मुर्गी पालन का व्यवसाय खासा चर्चा में है। पोल्ट्री फार्मिंग यानी मुर्गी पालन से मांस और अंडे की बिक्री होती है। यह आमदनी का एक अहम जरिया बन चुका है। यह व्यवसाय शुरू करने वालों के लिए यह खबर खास है। यहां मुर्गी पालन के लोन की पूरी जानकारी दी जा रही है।
ग्रामीण इलाकों में मुर्गी पालन के लिए अक्सर पैसों की जरूरत पड़ती है। लोग इसके लिए सस्ते लोन की तलाश में रहते हैं। आइए जानते हैं मुर्गी पालन के लिए कितना लोन मिलता है। साथ ही इसकी पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के बारे में भी जानेंगे।
कितना लोन मिलता है
मुर्गी पालन के लिए लोन की राशि बैंक और पात्रता पर निर्भर करती है। कई बैंक मुर्गी पालन के लिए लोन की सुविधा देते हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) पशुपालन योजना के तहत किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को लोन देता है। इस योजना का संचालन पशुपालन एवं डेयरी विभाग और नाबार्ड (NABARD) करते हैं। इस योजना के तहत अलग-अलग कारोबार के लिए लोन मिलता है। अधिकतम राशि 50 लाख रुपए से कम हो सकती है। मुर्गी पालन के लिए अनुमानित राशि एक से 5 लाख रुपए तक है। इसमें पोल्ट्री शेड, मुर्गियां और दवाएं जैसी चीजों के लिए लोन लिया जाता है। बिजनेस की साइज और जरूरत के हिसाब से यह राशि बढ़ भी सकती है।
क्या सब्सिडी भी मिलती है
हां, मुर्गी पालन के लिए सब्सिडी योजना भी उपलब्ध है। सरकार किसानों और उद्यमियों के लिए कई सब्सिडी योजनाएं चलाती है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन में प्रोजेक्ट लागत की 50 फीसदी तक सब्सिडी मिलती है। नाबार्ड के पोल्ट्री वेंचर कैपिटल फंड में 25 से 33 फीसदी सब्सिडी मिलती है। किसान क्रेडिट कार्ड से लोन लेकर समय पर चुकाने पर अतिरिक्त छूट मिलती है। यह छूट भुगतान पर करीब 3 फीसदी तक हो सकती है।
कौन से दस्तावेज चाहिए
मुर्गी पालन के लिए लोन लेने पर कुछ जरूरी दस्तावेज मांगे जाते हैं। इनमें पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी शामिल हैं। जमीन के दस्तावेज भी जमा करने होते हैं। इसके साथ प्रोजेक्ट रिपोर्ट देनी होती है। इसमें पूरा प्लान और अनुमानित खर्च बताना होता है। स्थानीय प्रशासन से एनओसी भी जरूरी दस्तावेज में शामिल है। इसके अलावा पासपोर्ट साइज फोटो भी देनी होती है।
लोन के लिए पात्रता क्या है
मुर्गी पालन लोन के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं। आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए। उम्र सीमा 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। कुछ मामलों में यह सीमा 65 वर्ष तक भी हो सकती है। आवेदक किसान, पशुपालक या ग्रामीण उद्यमी होना चाहिए। मुर्गी पालन के लिए जमीन या शेड की व्यवस्था जरूरी है। आवेदक किसी बैंक में डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए। उस पर कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। पहले से कोई बड़ा बकाया या लोन नहीं होना चाहिए। सिबिल स्कोर 650 या उससे अधिक होना जरूरी है।
किन बैंकों में कितनी ब्याज दर
अलग-अलग बैंकों में मुर्गी पालन लोन की ब्याज दरें अलग-अलग हैं। एसबीआई में यह दर 11.25 फीसदी सालाना से शुरू होती है। बैंक ऑफ बड़ौदा में शुरुआती दर 8.55 फीसदी सालाना है। बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक और फेडरल बैंक में दर तय नहीं है। इन बैंकों में दर आवेदक की प्रोफाइल और जरूरत पर निर्भर करती है। लोन लेने से पहले अलग-अलग बैंकों की दरें जरूर जांचें।
लोन के लिए आवेदन कैसे करें
पशुपालन लोन के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके मौजूद हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए नाबार्ड से जुड़ी वेबसाइट ahidf.udyamimitra.in पर जाया जा सकता है। इसके अलावा एसबीआई की वेबसाइट पर भी आवेदन किया जा सकता है। हालांकि, इस तरह के लोन के लिए ऑफलाइन प्रक्रिया को बेहतर माना जाता है।
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
सबसे पहले संबंधित बैंक की नजदीकी शाखा में जाएं। बैंक मैनेजर से मिलकर मुर्गी पालन लोन की जानकारी लें। बैंक से आवेदन फॉर्म लेकर सभी जानकारी सावधानी से भरें। फॉर्म के साथ जरूरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी लगाएं। इसके बाद बैंक अधिकारी वेरिफिकेशन के लिए फार्म या जमीन का दौरा करेंगे। वे आपकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट की भी जांच करेंगे। जांच में सब कुछ सही पाए जाने पर लोन मंजूर हो जाएगा। मंजूरी के बाद लोन की राशि सीधे बैंक खाते में आ जाएगी।
कौन-कौन से बैंक देते हैं लोन
भारत में कई बैंक पोल्ट्री फार्मिंग के लिए लोन देते हैं। इनमें एसबीआई, पीएनबी, एचडीएफसी और केनरा बैंक शामिल हैं। इसके अलावा कई अन्य बैंक भी यह सुविधा देते हैं। आवेदन से पहले अलग-अलग बैंकों की शर्तें जरूर देख लें। इससे सही बैंक चुनने में मदद मिलेगी।
ये भी पढ़ें…
गाय-भैंस के बछड़ों के दिल पर सीधा असर करती है FMD बीमारी, ऐसे बचाएं अपने पशुओं को, जानें तरीका
राजस्थान में चार साल बाद लौटा लंपी वायरस, 10 हजार गोवंश संक्रमित, छह मौतें और टीकाकरण पर सवाल
