देश में मानसून के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। 17 सितंबर को कई राज्यों में बारिश और आंधी की चेतावनी है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसका असर कई राज्यों के मौसम पर पड़ सकता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 राज्यों में मौसम खराब रह सकता है। इनमें दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान शामिल हैं। मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में बारिश संभव है। गुजरात, ओडिशा, पंजाब और पूर्वोत्तर राज्यों में भी असर रहेगा। दक्षिण भारत में केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक प्रभावित हो सकते हैं।
राजस्थान में फिर बदलेगा मौसम
राजस्थान में 17 सितंबर को बारिश और आंधी का असर दिख सकता है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। अजमेर, जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर में भारी बारिश संभव है। भरतपुर, पाली, टोंक और अलवर में भी अलर्ट है। डूंगरपुर और डीडवाना में भी मौसम खराब रह सकता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राजस्थान के दोनों हिस्सों में आंधी की चेतावनी दी है। पश्चिमी राजस्थान और पूर्वी राजस्थान दोनों प्रभावित हो सकते हैं। यह चेतावनी 17 सितंबर के लिए जारी की गई है।
मध्य प्रदेश में इन जिलों पर नजर
मध्य प्रदेश में भी बारिश का असर कई जिलों में दिख सकता है। छिंदवाड़ा और उज्जैन में भारी बारिश की चेतावनी है। नर्मदापुरम, धार, हरदा और देवास भी अलर्ट में हैं। उमरिया, मंडला, सिवनी और बालाघाट में भी बारिश संभव है। गुना और जबलपुर में भी मौसम खराब रह सकता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बारिश और गरज की संभावना है।
दिल्ली में हल्की बारिश की संभावना
दिल्ली में 17 सितंबर को हल्की बारिश हो सकती है। यहां आंधी और गरज-चमक का अलर्ट भी है। हवा की गति 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। इसलिए दिल्ली में 80 किलोमीटर की हवा का अलर्ट नहीं समझना चाहिए। अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम की तीव्रता अलग रह सकती है।
80 किलोमीटर की हवा कहां?
मौसम रिपोर्ट में कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं की संभावना बताई गई है। अधिकतम हवा की गति करीब 80 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। यह गति हर राज्य में रहने की उम्मीद नहीं है। दिल्ली में हवा की गति 20 से 30 किलोमीटर बताई गई है। इसलिए स्थानीय चेतावनी को ध्यान से देखना जरूरी है।
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके असर से पूर्वी और आसपास के क्षेत्रों में मौसम बदल सकता है। असम और आसपास ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी मौजूद है। इससे पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश बढ़ सकती है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
बारिश और तेज हवा के दौरान किसान खेतों में सावधानी रखें। तैयार फसल होने पर सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था पहले करें। बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों में जाने से बचें। पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से भी बचें।
मानसून की गतिविधियां सितंबर के मध्य में भी बनी हुई हैं। हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की वापसी जल्द शुरू हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान से वापसी करीब 19 सितंबर से संभव है। इसके बावजूद अगले कुछ दिनों में बारिश और आंधी जारी रह सकती है।
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