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पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान और एमपी में बादल-बारिश, सीजी में मौसम साफ रहने का अनुमान

newz@gmail.com | Oct 24, 2026, 08:00 IST

24 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ से राजस्थान में हल्की बारिश होगी। मध्य प्रदेश के पश्चिमी जिलों में आंधी का अलर्ट है और छत्तीसगढ़ में मौसम सूखा रहेगा। दक्षिण भारत में भारी बारिश जारी है। जानिए किसान क्या करें।

मौसम

शनिवार को देश के अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग रहेगा। उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। दक्षिण में तेज बारिश का दौर जारी है। कटी फसल और रबी की तैयारी वाले किसानों के लिए यह जरूरी है। मध्यप्रदेश में पिछले छह दिन से बादल और बारिश का दौर चल रहा है। रायसेन में एक इंच से ज्यादा पानी गिरा। भोपाल और इंदौर समेत करीब 15 जिलों में बारिश हुई। इसकी वजह दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बना चक्रवाती सिस्टम बताई गई है। अरब सागर का कम दबाव भी एक कारण बताया गया है।

मध्यप्रदेश में नया सिस्टम सक्रिय

आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर के लिए अलर्ट जारी हुआ है। यहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। इससे पहले 11 जिलों में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी हुआ था। इनमें नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास, इंदौर और धार भी शामिल थे। इन जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और बिजली चमकने की बात थी।

24 अक्टूबर से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है। इसका असर प्रदेश तक पहुंचने में दो से तीन दिन लग सकते हैं। उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश फिर तेज हो सकती है। अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में बारिश के आसार हैं।

रातें ठंडी होने लगीं

इस सीजन में पहली बार न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस से नीचे गया। कटनी के करौंदी में पारा 13.4 डिग्री दर्ज हुआ। अमरकंटक में 14.5, रीवा में 15 और उमरिया में 15.4 डिग्री रहा। शहडोल के कल्याणपुर में 15.9 डिग्री दर्ज हुआ। दिन का पारा भी नीचे आया है। इंदौर और टीकमगढ़ में अधिकतम तापमान 34 डिग्री से कम रहा। आने वाले दिनों में रात का तापमान दो से तीन डिग्री गिर सकता है।

मौसम विज्ञानी शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक 10 साल का पैटर्न यही है। अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का मिला-जुला दौर रहता है। इस बार भी वही दिख रहा है।

राजस्थान में कहां होगी बारिश

मौसम विभाग के जयपुर केंद्र के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ का असर राजस्थान पर रहेगा। पूर्वी राजस्थान के जयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग में हल्की बारिश हो सकती है। पश्चिम में बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश का अनुमान है। पूरे प्रदेश में बारिश की उम्मीद नहीं है।

अलवर, भरतपुर, डीग, झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ और सीकर के लिए चेतावनी है। यहां गरज के साथ बिजली चमक सकती है। हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है।

चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश संभव है। उत्तरी राजस्थान में 24 और 25 अक्टूबर को मौसम बदल सकता है। दक्षिणी राजस्थान के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर चल रहा है।

राजस्थान के किसान क्या करें

मौसम विभाग की सलाह है कि खुले खेतों में रखी फसल बचाएं। मंडियों में पड़ी उपज और अनाज को भी बारिश से बचाना है। तिरपाल या ढकी हुई जगह इसके लिए ठीक रहती है।

25 अक्टूबर से मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, जो राहत की बात है। यह स्थिति 29 अक्टूबर तक बनी रह सकती है। यानी बारिश थमने पर खेत के काम के लिए साफ मौसम मिल सकता है।

छत्तीसगढ़ में सूखा रहेगा मौसम

छत्तीसगढ़ में आने वाले पांच दिन बारिश की संभावना नहीं बताई गई है। किसी इलाके के लिए बारिश की चेतावनी जारी नहीं हुई है। रायपुर में आसमान साफ रहने का अनुमान है। यहां अधिकतम तापमान करीब 33 और न्यूनतम करीब 22 डिग्री रह सकता है।

अगले 24 घंटे में तापमान में बड़ा बदलाव नहीं दिखेगा। उसके बाद रात का पारा एक से तीन डिग्री गिर सकता है। बुधवार को अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री रहा।

किसानों के लिए क्या मायने

मध्य प्रदेश के पश्चिमी जिलों के किसान कटी फसल को बारिश से बचाएं। तेज हवा चलने पर खेत में पेड़ों के नीचे न रुकें। छत्तीसगढ़ में सूखे मौसम का फायदा कटाई और उपज सुखाने में मिल सकता है।

रबी की बुवाई की तैयारी में रात का तापमान देखना उपयोगी रहता है। ठंडी होती रातों के बीच खेत की नमी जांचकर ही बुवाई तय करें। अपने कृषि विज्ञान केंद्र (Krishi Vigyan Kendra) से स्थानीय सलाह जरूर लें।

देश के बाकी हिस्सों का हाल

पश्चिमी हिमालय में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बादल रहेंगे। यहां हल्की बारिश का अनुमान है। हिमाचल और उत्तराखंड में 24 और 25 अक्टूबर को हल्की बारिश रह सकती है। उत्तराखंड में 3,500 मीटर से ऊपर बर्फबारी हो सकती है।

दिल्ली में भी बादल और हल्की बारिश के आसार हैं। इसका असर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ तक जा सकता है। हिमाचल की ऊंची जगहों पर भी बर्फबारी संभव है। पहाड़ी इलाकों के सेब और सब्जी किसान अपडेट देखते रहें।

दक्षिण भारत में बारिश का जोर बना हुआ है। केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। कुछ जगह 115.6 से 204.4 मिलीमीटर पानी गिर सकता है।

अंडमान निकोबार और आंतरिक कर्नाटक में 24 अक्टूबर को भी भारी बारिश संभव है। समुद्र में हवा की रफ्तार 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। झोंके 55 किलोमीटर तक पहुंच सकते हैं। मछुआरों को चेतावनी मानने की सलाह है।

अंडमान सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र मजबूत हो सकता है। मौसम मॉडल के मुताबिक असर 27 से 28 अक्टूबर के आसपास दिख सकता है। यह तमिलनाडु या आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में संभव है। रास्ता और ताकत अभी तय नहीं है।

गुजरात के ऊपर बने सिस्टम से मुंबई और गोवा में गर्मी और उमस है। 21 अक्टूबर को राजकोट में सबसे ज्यादा 40.4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। असम और मेघालय में भी तापमान सामान्य से ऊपर चल रहा है।

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