17 अक्टूबर का मौसम इस बार कई राज्यों में बदला हुआ दिखेगा। मानसून 15 अक्टूबर को पूरे देश से लौट चुका है। अब पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर मौसम तय कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसका सबसे ज्यादा असर उत्तर और मध्य भारत में रहेगा।
मध्य प्रदेश में बारिश कहां
राज्य में पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सर्कुलेशन सक्रिय हैं। इस दिन ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी और श्योपुर में बारिश का अनुमान है। गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़ और निवाड़ी में भी बादल बरस सकते हैं। टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना भी इस सूची में हैं। बारिश का दौर 18 और 19 अक्टूबर को भी जारी रह सकता है। एक अन्य रिपोर्ट में 15 जिलों में तेज बारिश और आंधी बताई गई है।
भोपाल में 17 अक्टूबर को अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री रह सकता है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक बताई गई है। 16 अक्टूबर तक अमरकंटक का न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री रहा था। यह प्रदेश में सबसे कम था। रिपोर्ट के मुताबिक 20 अक्टूबर के बाद ठंड का असर ज्यादा महसूस होगा।
राजस्थान में मौसम का हाल
आईएमडी (India Meteorological Department) के मुताबिक पूर्वी राजस्थान में हल्की बारिश हो सकती है। यह बारिश भरतपुर और कोटा संभाग में कहीं कहीं होगी। पश्चिमी राजस्थान में मौसम सूखा रहने का अनुमान है।
एक रिपोर्ट के अनुसार 17 अक्टूबर के लिए जिलेवार चेतावनी जारी नहीं हुई है। दूसरी रिपोर्ट 11 जिलों में मध्यम बारिश की बात करती है। इसमें हवा की रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है।
जयपुर में अधिकतम तापमान करीब 31 और न्यूनतम करीब 21 डिग्री रह सकता है। 16 अक्टूबर को झुंझुनूं के उदयपुरवाटी में सबसे ज्यादा 61 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। बाड़मेर में पारा 40.5 डिग्री रहा। मौसम विभाग के मुताबिक 18 अक्टूबर से 5 से 6 दिन आसमान साफ रहेगा।
छत्तीसगढ़ के लिए क्या संकेत
17 अक्टूबर के लिए छत्तीसगढ़ का साफ पूर्वानुमान अभी नहीं मिला है। छत्तीसगढ़ समेत पूर्वी भारत में बारिश जारी रह सकती है। उसी दिन की 16 राज्यों की चेतावनी सूची में छत्तीसगढ़ का नाम नहीं है। इसलिए बड़े पैमाने पर बारिश का अनुमान फिलहाल नहीं दिखता। राज्य में सटीक जानकारी के लिए रायपुर मौसम केंद्र का बुलेटिन देखना बेहतर रहेगा।
बाकी देश का मौसम
उत्तर भारत में पहाड़ों पर बर्फबारी का असर दिख रहा है। हिमाचल प्रदेश के सच पास पर करीब 30 सेंटीमीटर बर्फ गिरी है। मनाली का तापमान माइनस 5 डिग्री तक जा सकता है। श्रीनगर के पारे में करीब 7 डिग्री की गिरावट की बात कही गई है।
उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में बारिश या आंधी की चेतावनी है। उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा भी इसमें शामिल हैं। कई जगह हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 31 और न्यूनतम करीब 18 डिग्री रहेगा।
दक्षिण में तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और कर्नाटक के हिस्सों में भारी बारिश संभव है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण प्रायद्वीप में बारिश 22 अक्टूबर तक संभव है। मुंबई और आसपास पारा करीब 35 डिग्री तक पहुंच रहा है।
किसानों पर क्या असर
राजस्थान में बारिश और ओलों से नुकसान की खबरें पहले ही आ चुकी हैं। सूरतगढ़ में ओले गिरने से फसल को नुकसान हुआ। अलवर की मंडियों में खुले में रखा अनाज और कपास भीग गया। किसानों और कारोबारियों को और नुकसान का डर है।
17 अक्टूबर को मुरैना, भिंड और श्योपुर जैसे जिलों में बारिश का अनुमान है। बाजरा और सोयाबीन जैसी खरीफ फसलों की कटाई का दौर अभी चल रहा है। ऐसे में कटी उपज का भीगना किसान के लिए बड़ा नुकसान है।
किसान क्या करें
जहां बारिश का अनुमान है, वहां कटी फसल को तिरपाल से ढककर रखें। उपज को खुले में या खेत में न छोड़ें। मंडी ले जाने का काम बारिश थमने के बाद करना ठीक रहेगा। सिंचाई और खाद डालने का काम 18 से 19 अक्टूबर तक टाल सकते हैं। रबी की बुवाई की तैयारी खेत सूखने के बाद करें। स्थानीय सलाह के लिए कृषि विज्ञान केंद्र से बात करें। जिले के कृषि अधिकारी भी इसमें मदद कर सकते हैं।
अब आगे कैसा रहेगा मौसम
मध्य प्रदेश में बारिश 18 और 19 अक्टूबर तक चल सकती है। उसके बाद मौसम खुलने और ठंड बढ़ने की बात कही गई है। राजस्थान में 18 अक्टूबर से अगले कई दिन मौसम साफ रहने का अनुमान है। दक्षिण भारत में बारिश का दौर अभी कुछ और दिन जारी रह सकता है। मौसम बदलता रहता है, इसलिए ताजा अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।
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