मानसून की विदाई का दौर शुरू हो चुका है। पर मध्य भारत में बारिश अभी थमी नहीं है। 22 सितंबर मंगलवार को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बादल छाए रहेंगे। कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राजस्थान में मौसम साफ रहने और गर्मी बढ़ने की बात कही गई है।
बारिश की बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी का नया सिस्टम है। IMD (India Meteorological Department) ने इस पर अपडेट जारी किया है। किसानों के लिए यह मौसम राहत और चिंता दोनों लेकर आया है।
बंगाल की खाड़ी का सिस्टम
IMD के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना है। यह पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। 21 सितंबर को इसके अवदाब यानी डिप्रेशन में बदलने का अनुमान था। 22 सितंबर को यह और मजबूत होकर गहरा अवदाब बन सकता है। इसके असर से 23 सितंबर की सुबह मौसम ज्यादा सक्रिय हो जाएगा। 24 सितंबर से कई जिलों में तेज बारिश शुरू हो सकती है।
22 सितंबर को एमपी का मौसम
मध्य प्रदेश में 22 सितंबर को आसमान में बादल रहेंगे। कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में छिटपुट बारिश का अनुमान है। तेज हवाएं चलने से मौसम में ठंडक रह सकती है। कुछ संवेदनशील जगहों पर तेज बारिश को लेकर सतर्कता की सलाह है।
23 सितंबर की सुबह से बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। 24 सितंबर को 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। इनमें छतरपुर, सतना, दमोह, डिंडौरी और सिवनी शामिल हैं। छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा में भी तेज बारिश हो सकती है।
एमपी के 32 जिलों में सामान्य से कम बारिश
मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 33.9 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य कोटे का करीब 91 प्रतिशत है। यानी प्रदेश में औसत बारिश अब भी थोड़ी कम है। मौसम विभाग के मुताबिक 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। इनमें भोपाल, ग्वालियर, आगर-मालवा, राजगढ़ और खरगोन जैसे जिले हैं। वहीं 32 जिलों में बारिश सामान्य से कम है।
कम बारिश वाले जिलों में जबलपुर, कटनी, सागर, इंदौर और उज्जैन शामिल हैं। इन जिलों में सामान्य से पांच से 49 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है। नीमच, रतलाम, मंदसौर, सीहोर और विदिशा भी कमी वाली सूची में हैं।
छत्तीसगढ़ में तेज बारिश
छत्तीसगढ़ में 22 सितंबर को भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग का रायपुर केंद्र लगातार पूर्वानुमान जारी कर रहा है। 23 और 24 सितंबर को एक-दो जगह भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। 25 सितंबर को भी एक-दो जगह बहुत भारी बारिश की आशंका है। 26 सितंबर को भी राहत की उम्मीद कम है। कई जगह हल्की से मध्यम और कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है।
गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। रायपुर के लिए अधिकतम तापमान करीब 34 और न्यूनतम 25 डिग्री बताया गया है। पिछले दिन राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 34 डिग्री दर्ज हुआ। पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री रहा।
राजस्थान में मानसून विदाई
राजस्थान से मानसून की विदाई शुरू हो चुकी है। इसके साथ बारिश का दौर कमजोर पड़ने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार से पांच दिन मौसम साफ रह सकता है। 22 सितंबर को भी बारिश की गतिविधियां बहुत कम रहने का अनुमान है। 21 सितंबर को सिर्फ चार जिलों में बारिश का अलर्ट था।
बारिश कम होने से गर्मी बढ़ गई है। सितंबर में भी लोगों को मई जैसी तेज गर्मी महसूस हो रही है। जैसलमेर में दिन का तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंचा। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री दर्ज हुआ। जयपुर जैसे शहरों में दिन का पारा 34 से 35 डिग्री के आसपास रह सकता है। राजस्थान में इस साल मानसून का असर काफी कमजोर रहा है।
रविवार को उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और भरतपुर में हल्की बारिश हुई। चित्तौड़गढ़ के कपासन में सबसे ज्यादा 13 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। बारां के शाहबाद में 8 और उदयपुर के भींडर में 5 मिलीमीटर पानी गिरा।
किसानों पर क्या असर
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश से खेतों में नमी बनी रहेगी। कम बारिश वाले जिलों को इससे कुछ राहत मिल सकती है। पर 24 और 25 सितंबर की भारी बारिश से नुकसान का खतरा भी है। जिन खेतों में फसल पकने या कटने के करीब है, वहां जोखिम ज्यादा है। आकाशीय बिजली से खेत में काम करने वालों को भी खतरा रहेगा।
पहले ही कई इलाकों में बारिश से सोयाबीन और उड़द खराब होने की खबरें हैं। ऐसे में नई बारिश किसानों की चिंता बढ़ा सकती है। राजस्थान में साफ मौसम कटाई और सुखाने के काम के लिए अनुकूल हो सकता है। पर वहां तेज गर्मी में पशुओं और खड़ी फसल का ध्यान रखना होगा।
आगे कैसा रहेगा मौसम
अगले कुछ दिन मौसम मध्य भारत में सक्रिय रहेगा। 24 सितंबर से मध्य प्रदेश में बारिश और तेज हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 23 से 25 सितंबर सबसे भारी दिन माने जा रहे हैं। राजस्थान में मौसम साफ रहने से पारा चढ़ा रह सकता है। मौसम का रुख सिस्टम की चाल पर निर्भर करेगा। इसलिए ताजा बुलेटिन देखते रहना जरूरी है।
ये भी पढ़ें…
मानसून विदाई से पहले MP-CG और राजस्थान में बारिश-आंधी का अलर्ट, जानें अपने जिले का हाल
एक साल में पलटा राजस्थान का मानसून: 2025 में 64% ज्यादा बारिश, 2026 में करीब 26% की कमी
