देशभर में 13 राज्यों के लिए ऐसा अलर्ट जारी हुआ है। कुछ राज्यों में 75 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की आंधी की आशंका है। किसानों के लिए यह मौसम दोनों तरह का असर ला सकता है। कुछ इलाकों में बारिश से राहत मिल सकती है। वहीं खेतों में पकने को तैयार फसलों को नुकसान का डर भी है। मौसम विभाग ने किसानों को खास सावधानी बरतने को कहा है।
बारिश के पीछे कौन से सिस्टम
उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के आसपास पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। साथ ही ऊपरी हवाओं का एक चक्रवाती घेरा भी सक्रिय है। यह घेरा पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान से सटे इलाकों में है।
बंगाल की खाड़ी में भी कम दबाव का क्षेत्र बना है। IMD के अपडेट के मुताबिक यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है। इनका असर मध्य भारत की नमी और बारिश पर पड़ रहा है।
एमपी के इंदौर, रतलाम, देवास में बारिश
मध्य प्रदेश में 21 सितंबर को बारिश और आंधी का अलर्ट जारी हुआ है। इंदौर, रतलाम, देवास, खंडवा और हरदा जैसे जिलों में मौसम बदल सकता है। विदिशा, नरसिंहपुर, कटनी, बैतूल और दमोह भी अलर्ट वाले जिलों में हैं। अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी जारी हुई है।
हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। भोपाल में अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 23 डिग्री रह सकता है।
बीते दिनों भी प्रदेश में बारिश का दौर दिखा था। ग्वालियर में 18 सितंबर को दिनभर उमस के बाद शाम को झमाझम बारिश हुई। उसी दिन भोपाल, सीहोर और देवास में भी तेज बारिश दर्ज हुई। सोनकच्छ में कुछ देर अंधेरा छा गया और वाहनों की हेडलाइट जलानी पड़ी।
मानसून की असमान चाल
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक मानसून अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ। उनके अनुसार 22 सितंबर से बारिश का दायरा कुछ सीमित हो सकता है। सितंबर के आखिरी सप्ताह तक प्रदेश में मानसून सक्रिय रह सकता है। इससे कम बारिश वाले जिलों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
इस बार मध्य प्रदेश में बारिश का बंटवारा असमान रहा है। अब तक 18 जिलों में सामान्य या उससे ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिलों में बारिश सामान्य से कम है। आलीराजपुर में अब तक सामान्य की आधी बारिश ही हुई है। निवाड़ी में सामान्य से 54 प्रतिशत ज्यादा पानी गिर चुका है। ये आंकड़े 18 सितंबर तक के बताए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अनुमान
छत्तीसगढ़ में 20 और 21 सितंबर को मौसम ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के बुलेटिन में हल्की से मध्यम बारिश की बात है। एक-दो जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी है।
रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, धमतरी और महासमुंद में आंधी-पानी का माहौल बनेगा। मनेंद्रगढ़, सूरजपुर और जांजगीर में भी यही स्थिति रहेगी। इन जिलों में हवा के झोंके 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। प्रदेश में अब तक मौसमी बारिश सामान्य से 5 प्रतिशत कम दर्ज हुई है। यह आंकड़ा 18 सितंबर के बुलेटिन का है।
राजस्थान में मानसून विदाई
राजस्थान में 21 सितंबर को कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश संभव है। जयपुर, उदयपुर, कोटा, बूंदी और भीलवाड़ा इनमें शामिल हैं। अलवर, भरतपुर, दौसा, बारां और सवाई माधोपुर में भी असर दिखेगा। चूरू, बाड़मेर और जैसलमेर का नाम भी सूची में है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके चल सकते हैं। जयपुर में अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम 24 डिग्री रह सकता है।
मानसून की विदाई पश्चिमी राजस्थान से शुरू होने की बात कही जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां घट सकती हैं। इससे विदाई के लिए हालात अनुकूल बन सकते हैं।
किसानों पर क्या असर होगा
मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं से खेतों में पकने को तैयार फसलों को नुकसान हो सकता है। कमजोर ढांचे, टिन शेड और पुराने पेड़ भी खतरे में रह सकते हैं। खेतों में काम करने वाले किसान आकाशीय बिजली से खास सतर्क रहें।
मध्य प्रदेश में इस साल कई जिलों में बारिश सामान्य से कम रही है। ऐसे जिलों के किसानों के लिए मानसून की सक्रियता राहत भरी हो सकती है। कुछ इलाकों से बारिश में सोयाबीन और उड़द खराब होने की खबरें आई हैं। ऐसे किसानों के लिए नई बारिश चिंता बढ़ा सकती है।
आगे मौसम कैसा रहेगा
22 सितंबर से मध्य प्रदेश में बारिश का दायरा कुछ घट सकता है। लेकिन 24 और 25 सितंबर के लिए फिर भारी बारिश की चेतावनी है। इन दिनों पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट बताया गया है। यानी किसानों को अगले कुछ दिन मौसम पर नजर रखनी होगी।
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