किसान की बात,सूत्र के साथ

विदा होते मानसून के बीच एमपी-सीजी के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार, राजस्थान में मौसम शुष्क

newz@gmail.com | Sep 29, 2026, 08:00 IST

29 सितंबर को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। राजस्थान में मौसम शुष्क होने लगेगा। कटाई के समय किसान फसल सुरक्षित रखें।

आज का मौसम

लौटते मानसून के बीच मंगलवार 29 सितंबर को मौसम मिला-जुला रहेगा। यह असर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में दिखेगा। कहीं गरज-चमक के साथ बारिश होगी। कहीं धूप और उमस परेशान करेगी। राजस्थान में बारिश का दौर अब थमने की ओर है। यह समय किसानों के लिए बेहद अहम है। खरीफ फसल कटाई के करीब है। कई खेतों में कटी फसल सूखने के लिए रखी है।

29 सितंबर को मौसम की तस्वीर

मौसम विभाग (India Meteorological Department) के मुताबिक मानसून की वापसी रेखा बढ़ रही है। राजस्थान में यह रेखा उदयपुर तक पहुंच चुकी है। मध्य प्रदेश में भी विदाई के लिए हालात अनुकूल बताए गए हैं। इसके बावजूद दो मौसमी सिस्टम अब भी सक्रिय हैं। एक मानसून की अक्षीय रेखा है। यह जम्मू-कश्मीर से बंगाल की खाड़ी तक बनी है। दूसरा उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के आसपास ऊपरी हवा का चक्रवाती सिस्टम है।

एमपी : भोपाल, जबलपुर में बारिश, इंदौर में मौसम साफ

एक रिपोर्ट के मुताबिक भोपाल, जबलपुर और रीवा समेत कई जिलों में बारिश होगी। यहां गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। सतना और सीधी में भी बारिश की संभावना बताई गई है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल अंचल में मौसम अलग रहेगा। यहां आसमान साफ रहने और धूप निकलने का अनुमान है। उमस से लोगों को परेशानी हो सकती है।

एक अन्य रिपोर्ट में अलग बात कही गई है। इसके मुताबिक 28 और 29 सितंबर को संभाग स्तर पर कोई चेतावनी नहीं है। यानी भारी बारिश का अलर्ट फिलहाल नहीं दिखता। हालांकि स्थानीय स्तर पर मौसम बदल सकता है।

छत्तीसगढ़ : सरगुजा, जशपुर में पानी, रायपुर में धूप

छत्तीसगढ़ में मानसून अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। बीते 24 घंटे में दुर्ग, रायपुर, राजनांदगांव, धमतरी और बिलासपुर में बारिश हुई। सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर में भी पानी गिरा। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर और बलरामपुर में बारिश हो सकती है। यह हल्की से मध्यम रह सकती है। उसी रिपोर्ट में 29 सितंबर को रायपुर और बस्तर संभाग शुष्क बताए गए हैं।

दूसरी रिपोर्ट में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा चल सकती है। इसलिए खुले खेतों में काम करने वाले सावधानी रखें। तापमान की बात करें तो 28 सितंबर को बालोद सबसे गर्म रहा। वहां अधिकतम पारा 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री रहा।

राजस्थान में बारिश और सूखा

राजस्थान में मौसम का रुख बदलने लगा है। मौसम केंद्र जयपुर के मुताबिक पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश संभव है। यह 29 सितंबर को हल्की और छुटपुट रहेगी। पश्चिमी राजस्थान में 29 सितंबर से मौसम शुष्क होने का अनुमान है। पूर्वी राजस्थान में 30 सितंबर से 3 अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहेगा। इसके बाद पांच से छह दिन ज्यादातर हिस्सों में मौसम सूखा रह सकता है।

बीते दो दिन राजस्थान के लिए उथल-पुथल भरे रहे। 27 सितंबर को कई जिलों में बारिश हुई। बीकानेर और श्रीगंगानगर के कुछ इलाकों में ओले गिरने की सूचना आई। नागौर के अलाय गांव में भी जमकर ओले गिरे। बारिश के बाद तापमान 5 से 10 डिग्री तक नीचे आ गया।

बारिश के आंकड़े क्या कहते हैं

मौसम विभाग के आंकड़े देखें। 1 जून से 27 सितंबर तक बारिश सामान्य से 4 प्रतिशत कम रही। प्रदेश में औसतन 907.9 मिलीमीटर पानी गिरा। सामान्य आंकड़ा 942.9 मिलीमीटर है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से 5 प्रतिशत ज्यादा रही। पश्चिमी मध्य प्रदेश में यह 11 प्रतिशत कम रही। इंदौर, धार, झाबुआ, रतलाम, हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल में कमी दर्ज हुई। सतना, मऊगंज, निवाड़ी, शहडोल, उमरिया और सिंगरौली में बारिश सामान्य से ज्यादा हुई। छत्तीसगढ़ में इस सीजन सामान्य से करीब 6 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है।

किसान क्या सावधानी रखें

सबसे पहले कटी हुई फसल को सुरक्षित जगह पहुंचाएं। खेत में खुली पड़ी फसल भीगने से दाने खराब हो सकते हैं। बारिश की संभावना वाले जिलों में फसल को ढककर रखना बेहतर होगा। मंडी ले जाने से पहले मौसम का हाल जरूर देख लें। गीली उपज के दाम घट सकते हैं। खुले में तौल या ढुलाई भी बारिश में मुश्किल हो जाती है।

गरज-चमक के समय खेत में न रुकें। बिजली गिरने का खतरा पेड़ों के नीचे और खुले मैदान में ज्यादा रहता है। ओलावृष्टि से नुकसान हुआ हो, तो फसल बीमा की शर्तें देखें। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नियमों में ओलावृष्टि स्थानीय आपदा मानी गई है। ऐसे नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर देनी होती है। यह सूचना बीमा कंपनी, बैंक या कृषि विभाग को दी जा सकती है। कम बारिश वाले पश्चिमी मध्य प्रदेश के किसान नमी और सिंचाई पर नजर रखें। रबी की तैयारी से पहले खेत की नमी जांच लेना समझदारी होगी।

अगले कुछ दिन कैसे रहेंगे

राजस्थान में आने वाले दिनों में मौसम सूखा रहने का अनुमान है। यह कटाई और सुखाई के काम के लिए राहत की बात हो सकती है। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का सिलसिला जल्द शुरू हो सकता है। छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर कुछ और दिन जारी रहने की संभावना है।

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