रविवार 27 सितंबर को मध्य प्रदेश में मौसम सक्रिय रहेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने चेतावनी जारी की है। IMD का पूरा नाम India Meteorological Department है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक की चेतावनी जारी है।
तेज हवा के साथ बिजली गिरने का खतरा भी रह सकता है।
एमपी में कहां ज्यादा असर
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 27 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी गरज-चमक का असर रहेगा। 27 सितंबर के बाद भी कुछ गतिविधियां जारी रह सकती हैं। मौसम विभाग ने 28 और 29 सितंबर के लिए भी चेतावनी दी है। इन दिनों गरज-चमक और तेज हवा की संभावना बनी है।
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए यह अपडेट अहम है। कई क्षेत्रों में खेतों में फसलें अभी मौजूद हैं। बारिश से खेतों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है। कटाई या अन्य कृषि काम प्रभावित हो सकते हैं। खेतों में मशीनों का इस्तेमाल भी मौसम देखकर करना चाहिए।
किसानों को पकी फसल सुरक्षित जगह रखने पर ध्यान देना चाहिए। खुले में रखी उपज को ढककर रखना जरूरी है। खेत में पानी निकासी की व्यवस्था भी देखनी चाहिए। बिजली चमकने के दौरान खुले खेत में नहीं रहना चाहिए।
छत्तीसगढ़ में गरज-चमक का अलर्ट
छत्तीसगढ़ में 27 सितंबर को गरज-चमक की चेतावनी है। 26 सितंबर को यहां बहुत भारी बारिश की चेतावनी थी। इसके बाद 27 सितंबर को भी मौसम सक्रिय रहेगा। 28 सितंबर से फिलहाल कोई चेतावनी नहीं है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में बने मौसम तंत्र का असर रहा है। मौसम विभाग ने इसके प्रभाव की जानकारी दी थी। इस सिस्टम से पहले छत्तीसगढ़ में भारी बारिश हुई। 27 सितंबर को मुख्य चिंता गरज-चमक और बिजली है।
छत्तीसगढ़ के किसानों को खेतों में सावधानी रखनी चाहिए। बिजली चमकने पर पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होना चाहिए। खुले खेत में काम रोकना सुरक्षित विकल्प हो सकता है। पशुओं को भी सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखना चाहिए।
राजस्थान में पूर्वी हिस्से पर नजर
राजस्थान में 27 सितंबर को मौसम दो हिस्सों में दिखेगा। पश्चिमी राजस्थान में कोई चेतावनी जारी नहीं है। पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक की चेतावनी जारी है। यह चेतावनी 27 से 29 सितंबर तक रहेगी।
राजस्थान के कई इलाकों में मौसम अलग-अलग रह सकता है। इसलिए पूरे राज्य के लिए एक जैसा अनुमान नहीं है। पूर्वी हिस्सों में किसानों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए। स्थानीय स्तर पर बारिश और बिजली की स्थिति बदल सकती है।
राजस्थान में किसान खुले में रखी उपज सुरक्षित करें। बारिश की संभावना वाले इलाकों में सुखाई का काम टालें। कटी फसल को सुरक्षित और ढके स्थान पर रखें। कृषि उपकरणों को भी खुले में नहीं छोड़ना चाहिए।
किसानों के लिए जरूरी सावधानी
मौसम बदलने पर किसानों को खेतों की निगरानी करनी चाहिए। खेत में पानी जमा होने पर निकासी की व्यवस्था करें। खुले खेत में बिजली चमकने पर काम रोक दें। ट्रैक्टर और मशीनों को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें। खुले में रखी खाद और बीज को ढककर रखें।
फसल कटाई की तैयारी हो तो मौसम जरूर देखें। बारिश के दौरान कटी फसल को खुले में नहीं छोड़ें। नमी बढ़ने से भंडारण में परेशानी हो सकती है। इसलिए उपज को सूखे और हवादार स्थान पर रखें।
पशुपालक भी विशेष सावधानी बरतें। पशुओं को खुले मैदान में बांधकर नहीं रखना चाहिए। बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित शेड का इस्तेमाल करें। पानी भरे स्थानों से पशुओं को दूर रखें।
कहां बारिश और कहां राहत
27 सितंबर को तीनों राज्यों में मौसम अलग रहेगा। मध्य प्रदेश में पश्चिमी हिस्सा ज्यादा प्रभावित हो सकता है। छत्तीसगढ़ में गरज-चमक प्रमुख मौसम गतिविधि रहेगी। पूर्वी राजस्थान में भी गरज-चमक की चेतावनी है। पश्चिमी राजस्थान में फिलहाल कोई चेतावनी नहीं है।
मौसम विभाग के अनुसार चेतावनियां लगातार अपडेट होती हैं। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार इनमें बदलाव संभव है। इसलिए किसान ताजा जिला स्तरीय अपडेट देखते रहें। मौसम विभाग की चेतावनी कृषि योजना में मदद कर सकती है।
मौसम तंत्र का असर आगे भी दिखेगा
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के संकेत भी दिए हैं। मध्य प्रदेश में 28 और 29 सितंबर को गरज-चमक रह सकती है। छत्तीसगढ़ में 28 सितंबर के बाद फिलहाल चेतावनी नहीं है। राजस्थान के पूर्वी हिस्से में 29 सितंबर तक चेतावनी है। इसलिए किसानों के लिए अगले तीन दिन महत्वपूर्ण हैं। खासकर फसल संभालने और खेतों में काम को लेकर सावधानी जरूरी है। बारिश के दौरान अनावश्यक जोखिम लेने से बचना चाहिए। जिला स्तर का मौसम पूर्वानुमान सबसे उपयोगी रहेगा।
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