BHOPAL. कृषि प्रधान मध्य प्रदेश की 72 फीसदी आबादी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से खेती पर निर्भर है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 47 प्रतिशत योगदान कृषि उत्पादन का है। यही वजह है कि मध्य प्रदेश की राजनीति की धुरी भी खेती किसानी है। प्रदेश की ज्यादातर विधानसभा सीटें ग्रामीण अंचल से आती हैं। इन सीटों से किसानों के समर्थन के बिना विधायक बन पाना मुश्किल है। मध्य प्रदेश विधानसभा में 230 सीटें हैं। सोलहवीं विधानसभा में 164 सीटों के साथ बीजेपी की सरकार है। जबकि विधानसभा में कांग्रेस के 64 विधायक हैं। दोनों मुख्य दलों के 186 विधायकों का व्यवसाय खेती है या वे किसी और रूप में किसानी से नाता रखते हैं। बीजेपी में खेती के व्यवसाय से जुड़े विधायकों की संख्या 132 है। वहीं कांग्रेस के 54 विधायकों का व्यवसाय या रिश्ता किसानी से है। वहीं भारतीय आदिवासी पार्टी के इकलौते विधायक कमलेश्वर डोडियार भी खेती के व्यवसाय में शामिल हैं।
जनता और नेताओं के पोषक किसान
मध्य प्रदेश में खेती न केवल 70 फीसदी लोगों की आय का साधन है, बल्कि राजनीति का भी आधार है। राजनीति की ऊंचाई पर पहुंचने वाले ज्यादातर नेता किसान परिवारों से आते हैं या किसी अन्य रूप में इसमें शामिल हैं। बात चाहे बीजेपी की हो या कांग्रेस की दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों में किसान पृष्ठभूमि वाले नेताओं का वर्चस्व रहा है। विधानसभा सीटों के लिए टिकट बांटने के दौरान भी किसानों के रुख का ध्यान रखना ही पड़ता है। राजनीति में किसानों की इतना दखल है फिर भी अन्नदाता हर बार हासिए पर रह जाता है।
कृषक पृष्ठभूमि वाले 186 विधायक
साल 2023 में विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी के टिकट पर कृषि व्यवसाय से जुड़े 132 नेता अब विधायक हैं। वहीं कांग्रेस के टिकट पर किसान परिवार से आने वाले 54 नेता विधायक बने हैं। यानी दोनों प्रमुख दलों से मध्य प्रदेश विधानसभा में 186 विधायक आमजनता के साथ ही किसानों का भी प्रतिनिधित्व करते हैं।
मध्य प्रदेश विधानसभा की वेबसाइट पर विधायकों की प्रोफाइल में भी उनका व्यवसाय खेती बताया गया है। वहीं चुनाव आयोग को दिये गए शपथ पत्र में भी इसका उल्लेख है।
विधानसभा के सत्रों में भी किसानों से जुड़े मुद्दे छाए रहते हैं। विपक्ष के प्रदर्शन से लेकर सरकार द्वारा लाए जाने वाले बिलों या विधेयकों का केंद्र भी खेती किसानी होती है। हर साल किसानों के लिए बेशुमार योजनाएं भी आती हैं।
किसान बनाते हैं राजनीति में सफल
मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा विधायक सीधे किसान या कृषि व्यवसाय से जुड़े परिवारों से हैं। किसानों के बीच पहचान बनाने और उनके मुद्दों को उठाने वाले ज्यादातर नेता राजनीति में भी सफल रहे हैं। विधानसभा में कृषक पृष्ठभूमि वाले विधायकों की स्थिति से प्रदेश की राजनीति में खेतों में अन्न उपजाने वाले किसान की ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
31 में से 25 मंत्रियों की पृष्ठभूमि खेती
मध्य प्रदेश की सोलहवी विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर भी खेती किसानी से जुड़े हैं। मुरैना के दिमनी विधानसभा से चुने गए तोमर का मुख्य व्यवसाय भी कृषि है। उनके अलावा बीजेपी सरकार के मुखिया डॉ.मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, संपतिया उइके, निर्मला भूरिया, उदयप्रताप सिंह, विजय शाह, राकेश सिंह, एदलसिंह कंषाना, प्रहलाद पटेल, गोविंद सिंह राजपूत, तुलसीराम सिलावट, प्रद्युम्न सिंह, करण सिंह वर्मा, नारायण सिंह कुशवाह भी खेती से जुड़े हैं। मंत्री मंडल में शामिल नागर सिंह चौहान, इंदर सिंह परमार, राकेश शुक्ला के अलावा धर्मेन्द्र सिंह लोधी, नरेन्द्र शिवाजी पटेल, प्रतिमा बागरी, राधा सिंह, नारायण सिंह पंवार, लखन पटेल, गौतम टेटवाल और दिलीप जायसवाल भी कृषक परिवारों से आते हैं। यानी सरकार के 31 मंत्रियों में से 25 मंत्री या तो किसान हैं या कृषि व्यवसाय से जुड़े परिवारों से आते हैं।
खेती से जुड़े विभाग भी किसानों के पास
प्रदेश की राजनीति ही नहीं सरकार पर भी किसानों का सीधा प्रभाव नजर आता है। किसानों से संबंधित सभी महत्वपूर्ण विभागों की कमान भी कृषक वर्ग से आने वाले नेताओं के पास है। किसान कल्याण एवं कृषि विभाग एदलसिंह कंषाना संभाल रहे हैं। कंषाना स्वयं सीधे तौर पर कृषि व्यवसाय से जुड़े हैं। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग नारायण सिंह कुशवाह के पास है जो स्वयं किसान हैं। राजस्व विभाग करण सिंह वर्मा के हाथ में हैं। वर्मा स्वयं इछावर के समृद्ध किसानों में गिने जाते हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी सागर के सुरखी क्षेत्र के कृषक परिवार से हैं। किसान मूलरूप से गांव में रहते हैं ऐसे में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाएं उनके लिए अहम होती हैं। यह विभाग प्रहलाद पटेल के पास है जो खुद आधुनिक खेती करते हैं। सिंचाई के बिना खेती करना कठिन है और सिंचाई की जिम्मेदारी उठाने वाला जलसंसाधन विभाग भी किसान परिवार से आने वाले नेता तुलसीराम सिलावट के पास है। बिजली न हो तो खेती करना कष्टकारी हो जाता है। किसानों के लिए महत्वपूर्ण ऊर्जा विभाग प्रद्युम्न सिंह तोमर के हाथ में है।
खेती से जुड़े हैं बीजेपी के 132 विधायक
गंगा उइके घोड़ाडोंगरी, संपतिया उइके मंडला, राजकुमार कर्राहे लांजी, एदल सिंह कंषाना सुमावली, नरेन्द्र सिंह कुशवाह भिंड, नारायण सिंह कुशवाह ग्वालियर दक्षिण, शरद जुगलाल कोल ब्यौहारी, रमेश प्रसाद खटीक करैरा,हरिशंकर खटीक जतारा, हेमंत विजय खंडेलवाल बैतूल, सुरेन्द्र सिंह गहरवार चित्रकूट, माधव सिंह गहलोत आगर, गिरीश गौतम देव तालाब, श्रीकांत चतुर्वेदी मैहर, घनश्याम चंद्रवंशी काला पीपल, अर्चना चिटनिस बुरहानपुर, डॉ. प्रभुराम चौधरी सांची, मनोज नारायण सिंह चौधरी हाटपिपल्या, नागर सिंह चौहान आलीराजपुर, महेन्द्र केशर सिंह चौहान भैंसदेही, दिलीप जायसवाल कोतमा, अनिल जैन निवाड़ी, अनिल जैन उज्जैन उत्तर, देवेन्द्र कुमार जैन शिवपुरी, शैलेन्द्र कुमार जैन सागर, मुकेश टंडन विदिशा, कुंवर सिंह टेकाम धौहनी, गौतम टेटवाल सारंगपुर, कालू सिंह ठाकुर धरमपुरी, नीरज सिंह ठाकुर बरगी, हरदीप सिंह डंग सुवासरा, मथुरालाल डामर रतलाम ग्रामीण,
कंचन मुकेश तनवे खंडवा, सिद्धार्थ तिवारी त्योंथर, सुशील कुमार तिवारी पनागर, प्रद्युम्न सिंह तोमर ग्वालियर, हजारीलाल दांगी खिलचीपुर, मंजू राजेन्द्र दादु नेपानगर, चंद्रशेखर देशमुख मुलताई, ओमप्रकाश धुर्वे शहपुरा, ठाकुरदास नागवंशी पिपरिया, महेन्द्र नागेश गोटेगांव, नरेन्द्र शिवाजी पटेल उदयपुरा, नारायण पटेल मांधाता, प्रदीप पटेल मऊगंज, प्रहलाद सिंह पटेल नरसिंहपुर, मनोज निर्भय सिंह पटेल देपालपुर, लखन पटेल पथरिया, अरविंद पटैरिया राजनगर, बृजबिहारी पटैरिया देवरी, जितेन्द्र उदयसिंह पण्डया बडनगर, इंदर सिंह परमार शुजालपुर, दिलीप सिंह परिहार नीमच, गायत्री राजे पंवार देवास, नारायण सिंह पंवार ब्यावरा, बालकृष्ण पाटीदार खरगोन, विश्वामित्र पाठक सिहावल, संजय सत्येन्द्र पाठक, प्रणय प्रभात पांडे बहोरीबंद, डॉ. अभिलाष पांडे जबलपुर उत्तर, डॉ. राजेन्द्र पांडे जावरा, गौरव सिंह पारधी कटंगी, इंजी. नरेन्द्र प्रजापति मनगवां, श्याम बरडे पानसेमल, प्रतिमा बागरी रैगांव, सचिन बिरला बडवाह, गोपाल भार्गव रहली, रमाकांत भार्गव बुधनी, अरुण भीमावद शाजापुर, निर्मला भूरिया पेटलावद, जयसिंह मरावी जैतपुर, कमल मर्सकोले बरघाट, अनिरुद्ध मारू मनासा, डॉ. चिंतामणि मालवीय आलोट, सतीश मालवीय घट्टिया, सूर्यप्रकाश मीणा शमशाबाद, राजेन्द्र मेश्राम देवसर, छाया गोविंद मोरे पंधाना, अमर सिंह यादव राजगढ़, बृजेन्द्र सिंह यादव मुंगावली, महेन्द्र रामसिंह यादव कोलारस, लिता यादव छतरपुर, जगन्नाथ सिंह रघुवंशी चंदेरी, हरिसिंह रघुवंशी गंज बासौदा, गोविंद सिंह राजपूत सुरखी, मोहन सिंह राठौर भितरवार, दिनेश राय मुनमुन सिवनी, रामनिवास रावत विजयपुर, सरला बिजेन्द्र रावत सबलगढ़, धर्मेन्द्र सिंह लोधी जबेरा, प्रहलाद लोधी पवई, प्रीतम लोधी पिछोर, वीरेन्द्र सिंह लोधी बण्डा, करण सिंह वर्मा इछावर, नीना वर्मा धार, प्रेमशंकर वर्मा सिवनी मालवा, महादेव वर्मा राऊ, संतोष वरकड़े सिहोरा, उमाकांत शर्मा सिरोंज, मोहन शर्मा नरसिंहगढ़, रामेश्वर शर्मा हुजूर भोपाल, सीतासरन शर्मा होशंगाबाद, कमलेश प्रताप शाह अमरवाड़ा, रामनिवास शाह सिंगरौली, कुं. विजय शाह हरसूद, राजेन्द्र शुक्ल रीवा, राकेश शुक्ल मेहगांव, राजेश कुमार शुक्ला बिजावर, ओमप्रकाश सखलेचा जावद, हरिसिंह सप्रे कुरवाई, भगवानदास सबनानी भोपाल दक्षिण- पश्चिम, तुलसीराम सिलावट सांवेर, चंदरसिंह सिसौदिया गरोठ, उदयप्रताप सिंह गाडरवारा, कामाख्या प्रताप सिंह महाराजपुर, इंजीनियर गोपाल सिंह आष्टा, दिव्यराज सिंह सिरमौर, धीरेन्द्र बहादुर सिंह धीरू बड़वारा, नागेन्द्र सिंह गुढ़, नागेन्द्र सिंह नागौद, बृजेन्द्र प्रताप सिंह पन्ना, बिसाहूलाल सिंह अनूपपुर, भूपेन्द्र सिंह खुरई, मनीषा सिंह जयसिंहनगर, राकेश सिंह जबलपुर पश्चिम, राधा रवीन्द्र सिंह चितरंगी, विक्रम सिंह रामपुर बघेलान, विजयपाल सिंह सोहागपुर, विश्वनाथ सिंह तेंदूखेड़ा, शिवनारायण सिंह बांधवगढ़, डॉ. राजेश सोनकर सोनकच्छ,
कांग्रेस के 54 विधायकों का व्यवसाय खेती
आतिफ अकील भोपाल उत्तर, ऋषि अग्रवाल बमोरी गुना, संजय उइके बैहर, निलेश पुसाराम उइके पांढुर्णा, सुनील उइके जुन्नारदेव, पंकज उपाध्याय जौरा, हेमंत कटारे अटेर, कैलाश कुशवाह पोहरी, सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा सतना, दिनेश गुर्जर मुरैना, साहब सिंह गुर्जर ग्वालियर ग्रामीण, प्रताप ग्रेवाल सरदारपुर, विजय रेवनाथ चौरे सौंसर, बाबूसिंह जंडेल श्योपुर, केदार चिड़ाभाई डावर भगवानपुरा, केशव देसाई गोहद, डॉ. रामकिशोर दोगने हरदा, नारायण सिंह पट्टा बिछिया, देवेन्द्र पटेल सिलवानी, विवेक पटेल वारासिवनी, सेना महेश पटेल जोबट, महेश परमार तराना, सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल कुक्षी, बाला बच्चन राजपुर, फूलसिंह बरैया भांडेर, सोहनलाल वाल्मीकि परासिया, मधु भगत परसवाड़ा, वीरसिंह भूरिया थांदला, राजन मंडलोई बडवानी, ओमकार सिंह मरकाम डिंडौरी, कुं. अभिजीत शाह टिमरनी, भंवरसिंह शेखावत बदनावर, देवेन्द्र सखवार अम्बाह, निर्मला सप्रे बीना, डॉ. सतीश सिकरवार ग्वालियर पूर्व, उमंग सिंघार गंधवानी, अजय अर्जुन सिंह चुरहट, जयवर्द्धन सिंह राघौगढ़, भैंरोसिंह सुसनेर, यादवेन्द्र सिंह टीकमगढ़, योगेन्द्र सिंह बाबा लखनादौन, रजनीश हरवंश सिंह केवलारी, राजेन्द्र कुमार सिंह अमरपाटन, झूमा ध्यानसिंह सोलंकी भीकनगांव, मोंटू सोलंकी सेंधवा, चौधरी सुजीत मेर सिंह चौरई, अभय कुमार मिश्रा सेमरिया, अनुभा मुंजारे बालाघाट, सचिन सुभाषचंद्र यादव कसरावद, नितेन्द्र बृजेन्द्र सिंह राठौर पृथ्वीपुर, घनश्याम सिंह दतिया, चैनसिंह वरकड़े निवास, आरिफ मसूद भोपाल मध्य, फुंदेलाल सिंह मार्को पुष्पराजगढ़,
