दो अक्टूबर का मौसम तीनों राज्यों में ज्यादातर शांत रहने वाला है। ये राज्य हैं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान। यहां मानसून की विदाई का दौर चल रहा है। कुछ जगह हल्की बारिश के आसार हैं, लेकिन बड़ी चेतावनी की स्थिति नहीं है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं हुआ है। राजस्थान में अगले छह से सात दिन मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। यह जानकारी ताजा रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसमें भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी (India Meteorological Department) का पूर्वानुमान शामिल है।
गांधी जयंती की छुट्टी पर घूमने निकलने वालों को ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। किसानों के लिए यह समय और भी अहम है। कटाई और उपज सुखाने के काम मौसम पर टिके होते हैं।
मध्य प्रदेश में कैसा रहेगा हाल
मध्य प्रदेश में मानसून अब विदाई के अंतिम चरण में है। मौसम का मिजाज बीच-बीच में बदल रहा है। 2 अक्टूबर के लिए किसी भी जिले में भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। गंभीर मौसम का अलर्ट भी जारी नहीं किया गया है।
बुलेटिन के मुताबिक आठ जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इनमें बैतूल, खंडवा, खरगोन, सिंगरौली और बालाघाट के नाम सामने आए हैं। बाकी ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा। अगले पांच दिन मौसम में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। पांच अक्टूबर को कुछ इलाकों में बदलाव के संकेत जरूर मिले हैं।
छत्तीसगढ़ का मौसम पूर्वानुमान
छत्तीसगढ़ में दो अक्टूबर को मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। ताजा पूर्वानुमान में किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। आसमान साफ रहने से दिन में धूप खिल सकती है।
कुछ दिन पहले आए अनुमान में कुछ अलग तस्वीर थी। उसमें एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की बात कही गई थी। बाद के अपडेट में मौसम शुष्क बताया गया। इसलिए ताजा अपडेट पर नजर रखना ठीक रहेगा। दोनों ही अनुमानों में बारिश घटने का रुझान साफ दिखता है।
राजस्थान में मानसून की विदाई
राजस्थान में मानसून लगभग खत्म होने की कगार पर है। विदाई रेखा फिलहाल धौलपुर और उदयपुर से होकर गुजर रही है। आईएमडी के अनुसार अगले छह से सात दिन मौसम शुष्क रहने की संभावना है। पहले और दूसरे हफ्ते में ज्यादातर हिस्सों में कम बारिश का अनुमान है। 2 से 15 अक्टूबर तक तापमान सामान्य के आसपास रह सकता है।
बीते 24 घंटे में राजसमंद जिले में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हुई। सबसे ज्यादा 16 मिमी बारिश आग्मेट (राजसमंद) में दर्ज की गई। फलौदी में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहा। सिरोही में न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने कारण बताया। उनके मुताबिक विदाई के समय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर दिखता है। हाल ही में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ था। इसके साथ बंगाल की खाड़ी की नमी भी आई। इसी वजह से 27 और 28 सितंबर को कई जिलों में बारिश हुई। तेज हवा भी दर्ज की गई।
बारिश की कमी और सूखे का सर्वे
इस बार राजस्थान में मानसून कमजोर रहा। एक जून से 30 सितंबर तक राज्य में 358 मिमी बारिश दर्ज हुई। सामान्य तौर पर इस अवधि में 435.6 मिमी बारिश होती है। यानी करीब 18 फीसदी कम पानी बरसा।
पूर्वी राजस्थान में 533.5 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 626.6 मिमी है। यह 15 फीसदी की कमी है। पश्चिमी राजस्थान में सिर्फ 218.3 मिमी बारिश दर्ज हुई। वहां सामान्य आंकड़ा 283.6 मिमी है। कमी 23 फीसदी रही।
रिपोर्ट्स के मुताबिक जलाशयों में पर्याप्त पानी नहीं आ पाया। किसानों की जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं। सरकार ने सूखे के सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है। सितंबर के आखिर की बेमौसम बारिश से भी किसान परेशान बताए गए हैं।
किसानों के लिए क्या मायने हैं
सूखा मौसम किसानों के लिए कटाई के काम में मददगार हो सकता है। कई इलाकों में खरीफ फसल की कटाई का समय चल रहा है। कटी फसल को सुखाने के लिए साफ मौसम जरूरी होता है। मध्य प्रदेश के जिन आठ जिलों में हल्की बारिश संभव है, वहां सावधानी रखें। कटी उपज को खुले में छोड़ने के बजाय तिरपाल से ढककर रखना समझदारी है। मंडी ले जाने का समय भी मौसम देखकर तय करें।
छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए ताजा अनुमान राहत भरा है। शुष्क मौसम में खेतों का काम आसानी से निपट सकता है। राजस्थान की स्थिति अलग है। वहां कम बारिश के बाद आगे भी शुष्क दौर रहने का अनुमान है। ऐसे में सिंचाई के पानी की योजना सबसे अहम होगी। किसान अपने जिले की कृषि मौसम सलाह देखते रहें। कृषि विज्ञान केंद्र और स्थानीय कृषि विभाग से भी जानकारी मिल सकती है।
आने वाले दिनों का हाल
मध्य प्रदेश में अगले पांच दिन कोई बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा। फिर भी 5 अक्टूबर पर नजर रखनी होगी। उस दिन कुछ इलाकों में मौसम बदल सकता है। राजस्थान में 2 से 15 अक्टूबर के बीच बारिश कम रह सकती है। तापमान सामान्य के आसपास रहने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर फिलहाल घटता दिख रहा है।
कुल मिलाकर तीनों राज्यों में मानसून अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। आने वाले दिनों में धूप और शुष्क हवा का असर बढ़ सकता है।
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