मानसून की विदाई के बाद भी मौसम पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। शुक्रवार को देश के कई हिस्सों में बादल और बारिश का असर रहेगा। मौसम विभाग यानी IMD (India Meteorological Department) ने अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट 15 राज्यों के लिए है। इनमें मध्य प्रदेश और राजस्थान भी शामिल हैं। तस्वीर हर राज्य में अलग है। कहीं हल्की बौछार पड़ सकती है, तो कहीं मौसम सूखा रहेगा।
मध्य प्रदेश में मौसम का हाल
मध्य प्रदेश में 9 अक्टूबर को मौसम मिला-जुला रह सकता है। 8 अक्टूबर की शाम के पूर्वानुमान में 12 जिलों के नाम आए थे। इनमें सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना और अनूपपुर शामिल हैं। शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट और मैहर में भी बौछार की संभावना जताई गई। इन जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। बाकी जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान था।
9 अक्टूबर की सुबह के अपडेट में कुछ और जिलों के नाम जुड़े हैं। इनमें विदिशा, दमोह, सागर, इंदौर, उज्जैन और छिंदवाड़ा शामिल हैं। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 45 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
स्काइमेट वेदर के विश्लेषण में मध्य प्रदेश का मौसम मुख्यतः शुष्क बताया गया है। यह विश्लेषण महेश पलावत के नाम से प्रकाशित है। वे स्काइमेट में मौसम विज्ञान और जलवायु परिवर्तन के उपाध्यक्ष हैं। ऐसे में बारिश कुछ ही इलाकों तक सीमित रह सकती है।
राजधानी भोपाल में सुबह आसमान साफ रहने की संभावना जताई गई है। दिन का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। न्यूनतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
प्रदेश से मानसून 3 अक्टूबर को विदा हो चुका है। इस बार मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा। उसने 24 जून को दस्तक दी थी। अब दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंड का दौर बन रहा है।
छत्तीसगढ़ में बारिश के आसार
छत्तीसगढ़ में 9 अक्टूबर को कुछ जगह बारिश और गरज-चमक हो सकती है। स्काइमेट के मुताबिक यहां तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। पिछले 24 घंटे में भी कुछ इलाकों में बारिश दर्ज की गई थी।
मानसून की वापसी रेखा अभी रायपुर से होकर गुजर रही है। अगले 2 से 3 दिन में कुछ और हिस्सों से मानसून लौट सकता है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून 8 अक्टूबर तक कई हिस्सों से जा चुका था। इनमें झारखंड और छत्तीसगढ़ के इलाके भी शामिल हैं।
झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ होते हुए तेलंगाना तक एक ट्रफ (Trough) बनी हुई है। ट्रफ यानी कम दबाव की लंबी पट्टी। इस सिस्टम से कुछ इलाकों में बादल और बौछार बनी रह सकती है।
राजस्थान का मौसम और असर
राजस्थान को लेकर अलग-अलग अपडेट सामने आए हैं। 8 अक्टूबर के अनुमान में 9 तारीख को मौसम ज्यादातर शुष्क बताया गया था। यानी बारिश से राहत की बात कही गई थी।
9 अक्टूबर की सुबह के अपडेट में तस्वीर कुछ बदली दिखी। इसमें बीकानेर, अजमेर, धौलपुर, भरतपुर और बूंदी में बारिश की संभावना जताई गई। इन इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
असल बदलाव 10 अक्टूबर से दिख सकता है। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और शेखावाटी में बादल और हल्की बारिश के आसार हैं। हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। मौसम विभाग ने तापमान को लेकर भी अनुमान जताया है। 10 अक्टूबर के बाद पारा 2 से 3 डिग्री गिर सकता है। 13 और 14 अक्टूबर को बीकानेर संभाग में भी कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।
जयपुर में 9 अक्टूबर को अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। 7 अक्टूबर को देश में सबसे ज्यादा पारा राजस्थान के पिलानी में रहा। वहां 39.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
किसान क्या सावधानी रखें
अक्टूबर में खरीफ फसलों की कटाई और मंडी में आवक का दौर चलता है। ऐसे समय हल्की बारिश भी खेत और खलिहान के लिए जोखिम बन सकती है। कटी फसल भीगने से दाने की गुणवत्ता घट सकती है।
जिन जिलों में बौछार का अलर्ट है, वहां कटी फसल को ढककर रखें। गरज-चमक के दौरान थ्रेशिंग (मड़ाई) का काम टालना बेहतर रहेगा। उपज मंडी ले जाने से पहले ताजा मौसम जरूर देख लें। यह सामान्य सावधानी है और हर इलाके में हालात अलग हो सकते हैं।
रात का तापमान गिर रहा है और रबी की तैयारी का समय करीब है। बुवाई से पहले इलाके के कृषि विज्ञान केंद्र (Krishi Vigyan Kendra) से सलाह लें। वहां से मिट्टी और मौसम के हिसाब से सही जानकारी मिल सकती है।
बारिश के पीछे कौन से सिस्टम
मौसम विभाग के मुताबिक बारिश के पीछे कई सिस्टम सक्रिय हैं। इनमें स्थानीय मौसम सिस्टम शामिल हैं। साइक्लोनिक सर्कुलेशन (Cyclonic Circulation) यानी चक्रवाती हवाओं का घेरा भी असर डाल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) यानी पश्चिम से आने वाला मौसमी सिस्टम भी सक्रिय है।
स्काइमेट के विश्लेषण के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती घेरा बना है। हरियाणा के आसपास भी ऐसा ही एक घेरा सक्रिय है।
आने वाले दिनों का अनुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में कहा गया है कि मानसून की विदाई जारी रहेगी। अगले 3 से 4 दिन में मानसून कुछ और हिस्सों से लौट सकता है। इनमें पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर शामिल हैं। मानसून की वापसी का मतलब बारिश का रुकना नहीं है।
हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 9 से 14 अक्टूबर तक कहीं-कहीं बारिश संभव है। बिहार में 11 अक्टूबर तक बारिश की गतिविधि जारी रह सकती है। ओडिशा में यह दौर 14 अक्टूबर तक चल सकता है।
उत्तराखंड में कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में हवा 45 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट है।
पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है। दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। न्यूनतम तापमान 22 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।
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