छिंदवाड़ा में अनुसूचित जनजाति वर्ग को मछली पालन योजना का मौका मिल रहा है। इसके लिए 30 अक्टूबर तक आवेदन मांगे गए हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अब धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में शामिल है। पात्र हितग्राहियों को इकाई लागत का 90 फीसदी अनुदान मिलेगा। आवेदन छिंदवाड़ा के जिला कार्यालय में किए जा सकते हैं।
क्या है यह योजना
मछली पालन विभाग की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अब एक अभियान से जुड़ी है। यह अभियान धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान है। इसके तहत छिंदवाड़ा जिले के चुने हुए जनजातीय गांवों में काम होगा।
योजना का मकसद पात्र आदिवासी हितग्राहियों को स्वरोजगार से जोड़ना है। जो लोग मछली पालन करना चाहते हैं, वे इसमें आवेदन कर सकते हैं। मछली बेचने का काम शुरू करने वाले भी इसके दायरे में आते हैं।
किन कामों के लिए आवेदन
आवेदन कई तरह की इकाइयों के लिए मांगे गए हैं। इनमें मिनी आरएएस (Recirculating Aquaculture System) शामिल है। बायोफ्लॉक और पॉन्ड बायोफ्लॉक इकाइयों के लिए भी आवेदन लिए जा रहे हैं।
मछली बेचने के लिए साधन भी इस सूची में हैं। इनमें आइस बॉक्स के साथ साइकिल, मोटरसाइकिल या ऑटो रिक्शा शामिल हैं। संवर्धन पोखर बनाने के लिए भी आवेदन किए जा सकते हैं। मछली बिक्री के लिए किओस्क भी इस योजना में शामिल है। मछली पालन की अन्य गतिविधियों के लिए भी आवेदन मांगे गए हैं।
90 फीसदी तक अनुदान
योजना की सबसे बड़ी बात अनुदान की राशि है। पात्र हितग्राहियों को इकाई लागत का 90 फीसदी हिस्सा अनुदान के रूप में मिलेगा। यानी लागत का बड़ा हिस्सा सरकार देगी।
खबर में अलग अलग इकाइयों की लागत नहीं बताई गई है। इसलिए किस इकाई पर कितने रुपए का अनुदान मिलेगा, यह साफ नहीं है। इसकी जानकारी विभाग के कार्यालय से लेनी होगी।
कौन कर सकता है आवेदन
योजना का लाभ सिर्फ अनुसूचित जनजाति के हितग्राहियों को मिलेगा। साथ ही आवेदक छिंदवाड़ा के चयनित जनजातीय गांवों का निवासी होना चाहिए। यानी चयनित गांव से बाहर रहने वाले लोग इसके दायरे में नहीं आते। आवेदन से पहले अपने गांव की स्थिति जान लें।
एक नजर में जरूरी बातें
योजना प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना है। अभियान का नाम धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान है। जिला छिंदवाड़ा है और अनुदान 90 फीसदी है। आवेदन की आखिरी तारीख 30 अक्टूबर है। पात्र सिर्फ चयनित गांवों के अनुसूचित जनजाति हितग्राही हैं।
आवेदन की आखिरी तारीख
आवेदन की आखिरी तारीख 30 अक्टूबर 2026 की है। यानी आवेदन के लिए कुछ ही दिन बचे हैं।इसलिए इच्छुक लोगों को देर नहीं करनी चाहिए। आखिरी तारीख के बाद आवेदन की स्थिति खबर में साफ नहीं है।
कहां और कैसे करें आवेदन
आवेदन मछली पालन विभाग, छिंदवाड़ा के जिला कार्यालय में किए जा सकते हैं। आवेदन और योजना की जानकारी के लिए कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 9074998646 दिया गया है।
इस नंबर पर फोन करके जरूरी जानकारी ली जा सकती है। बेहतर होगा कि आवेदक पहले कार्यालय से पूरी जानकारी लें। उसके बाद ही आवेदन जमा करें।
आदिवासी परिवारों के लिए मायने
योजना का मकसद स्वरोजगार है। 90 फीसदी अनुदान से शुरुआती खर्च का बोझ कम हो सकता है। इससे जनजातीय परिवारों को कमाई का नया रास्ता मिल सकता है।
मछली बेचने के साधनों पर भी अनुदान की बात कही गई है। इससे छोटे स्तर पर मछली बेचने का काम शुरू करना आसान हो सकता है। हालांकि असली फायदा साफ और समय पर चयन प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
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