किसान की बात,सूत्र के साथ

नमो ड्रोन दीदी योजना: गांव की महिलाएं बनीं टेक पायलट, खेतों में भर रहीं उड़ान

editor | Aug 25, 2026, 08:20 IST

मध्य प्रदेश में नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत महिलाएं ड्रोन चलाकर खेतों में छिड़काव करेंगी। जानिए योजना से किसानों और महिलाओं को क्या लाभ मिलेगा।

namo-drone-didi-yojana-farmers-benefits

भोपाल | खेती को तकनीक से जोड़ने और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मध्य प्रदेश में कृषि विभाग ने नमो ड्रोन दीदी योजना शुरू की है। इस केंद्रीय क्षेत्र की पहल के तहत अब गांव की स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं ड्रोन उड़ाकर किसानों के खेतों में कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव करेंगी। सरकार का मकसद खेती में समय और लागत घटाना और महिलाओं को हाईटेक रोजगार से जोड़कर उद्यमी बनाना है।

क्या है नमो ड्रोन दीदी योजना

योजना में ड्रोन खरीदने के लिए सरकार सबसे बड़ी मदद कर रही है। ड्रोन और उसके सहायक उपकरणों की कुल लागत का 80 प्रतिशत हिस्सा, अधिकतम 8 लाख रुपए तक, केंद्र सरकार सीधे सब्सिडी के रूप में देती है। शेष राशि के लिए भी महिलाओं को परेशान नहीं होना पड़ता। राष्ट्रीय कृषि अवसंरचना वित्त पोषण सुविधा के तहत उन्हें सिर्फ 3 प्रतिशत ब्याज छूट के साथ आसान ऋण मिलता है।

ड्रोन उड़ाने का मिल रहा प्रशिक्षण

चयनित SHG की महिलाओं ड्रोन उड़ाना, नेविगेशन, बैटरी का रखरखाव और आपात स्थिति को संभालने का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने पर DGCA से मान्यता प्राप्त रिमोट पायलट सर्टिफिकेट भी मिलता है।

खेत से लेकर खाते तक फायदा

ड्रोन से छिड़काव पारंपरिक तरीकों से कई गुना तेज और सटीक है। एक ड्रोन दीदी एक दिन में 20 से 25 एकड़ तक नैनो यूरिया, तरल उर्वरक और कीटनाशक का समान छिड़काव कर सकती है। इसमें पानी की खपत 90 प्रतिशत तक और रसायन की खपत 30 प्रतिशत तक कम हो जाती है। कृषि विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि सेवा शुल्क के जरिए हर महिला प्रति वर्ष कम से कम 1 लाख रुपए तक की अतिरिक्त आय कमा सकती है। विभाग SHG और किसानों के बीच अनुबंध कराने में भी मदद कर रहा है।

महिलाओं के लिए सरकार के प्रयास

ट्रेनिंग से बाजार तक योजना को जमीन पर उतारने के लिए जिलों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। सबसे पहले ऐसे SHG को चुना जा रहा है जो पहले से कृषि या आजीविका गतिविधियों से जुड़े हैं। प्रशिक्षण के लिए राज्य में कृषि विश्वविद्यालयों और अधिकृत संस्थानों को सेंटर बनाया गया है। यहां महिलाओं को थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल उड़ान का अभ्यास कराया जा रहा है। विभाग जिलों में भी डेमो कैंप लगा रहा है। शिविरों में किसानों को दिखाया जाता है कि ड्रोन से छिड़काव कितना तेज, सस्ता और सुरक्षित है। पंचायत स्तर पर महिला समूहों की बैठक कर उन्हें योजना की जानकारी दी जाती है।

महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय

अब तक ड्रोन उड़ाना पुरुषों का काम माना जाता था। नमो ड्रोन दीदी योजना ने इस सोच को काफी हद तक बदल दिया है। सरकार का मानना है कि महिलाएं खुद ड्रोन चलाकर कमाई करेंगी तो उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी और दूसरी महिलाएं भी तकनीक से जुड़ेंगी।अधिकारियों का कहना है कि योजना से एक तरफ किसानों की लागत कम होगी, कृषि उत्पादकता बढ़ेगी और ग्रामीण महिलाएं नई पहचान के साथ आत्मनिर्भर होंगी।

GENERAL editor

Read more