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CG में भारी बारिश का अलर्ट, MP में गरज-चमक, राजस्थान में मानसून की विदाई और दक्षिणी जिलों में यलो अलर्ट

newz@gmail.com | Sep 20, 2026, 08:00 IST

IMD के मुताबिक 20 सितंबर को छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का दौर तेज हो सकता है। मध्य प्रदेश में गरज-चमक और तेज हवा की चेतावनी है। राजस्थान में मानसून की विदाई शुरू है, पर दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बारिश संभव है।

आज का मौसम

रविवार, 20 सितंबर को तीन राज्यों में मौसम अलग-अलग रंग दिखाएगा। छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का दौर तेज हो सकता है। मध्य प्रदेश में गरज-चमक और तेज हवा की चेतावनी है। राजस्थान में मानसून की विदाई शुरू हो चुकी है। IMD (India Meteorological Department) के पूर्वानुमान के मुताबिक कहीं बारिश का जोर रहेगा। कहीं सिर्फ बादल और हल्की बौछारें होंगी।

मध्य प्रदेश में गरज-चमक

मध्य प्रदेश में 20 सितंबर को मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। पश्चिमी और पूर्वी, दोनों हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवा चल सकती है। मौसम विभाग ने 18, 19 और 20 सितंबर के लिए यही चेतावनी दी थी।

यह चेतावनी मुख्य रूप से आकाशीय बिजली और तेज हवा पर है। इसे पूरे प्रदेश के लिए भारी बारिश का अलर्ट नहीं कहा जा सकता। स्थानीय स्तर पर बारिश अलग-अलग हो सकती है।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक 20-21 सितंबर को मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश, आंधी और बिजली की गतिविधि ज्यादा बताई गई है।

MP के किन जिलों में असर

पश्चिमी हिस्से में मौसम बदल सकता है। इनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, रतलाम, मंदसौर और नीमच शामिल हैं। धार, खरगोन, खंडवा, सीहोर और रायसेन में भी असर दिख सकता है।

पूर्वी हिस्से में जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला और बालाघाट का नाम आया है। यहां भी कहीं-कहीं बारिश की संभावना है। हालांकि पूर्वी हिस्से के लिए पश्चिमी मध्य प्रदेश जैसी बड़ी चेतावनी नहीं बताई गई।

बारिश का आंकड़ा और किसान

इस मानसून में मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 33.1 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य कोटे का 88.7 प्रतिशत है। प्रदेश में मानसून के दौरान औसतन 37.3 इंच बारिश होती है। यह आंकड़ा 16 सितंबर के आसपास की एक रिपोर्ट का है।

उसी रिपोर्ट के अनुसार 23 जिलों में सामान्य या ज्यादा पानी गिर चुका है। यानी कई जिलों में अब भी बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ है। ऐसे जिलों के किसानों की नजर आने वाली बारिश पर टिकी है।

छत्तीसगढ़ में भारी बारिश

छत्तीसगढ़ में मौसम का सबसे बड़ा बदलाव 20 सितंबर से दिख सकता है। मौसम विभाग ने 20 से 23 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। कुछ रिपोर्ट में यह अलर्ट 24 सितंबर तक बताया गया है। इससे पहले 17 से 19 सितंबर तक गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना थी। अब बारिश का दायरा बढ़ने का अनुमान है। मानसून की सक्रियता 20 और 21 सितंबर को सबसे ज्यादा रह सकती है।

इस दौरान ज्यादातर इलाकों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। राजधानी रायपुर में भी बादल छाए रहने और बारिश की संभावना बनी है। 22-23 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। बारिश बढ़ने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। लेकिन निचले इलाकों में जलभराव और आकाशीय बिजली का खतरा भी रहेगा।

राजस्थान में मानसून की विदाई

राजस्थान में मानसून की विदाई का दौर शुरू हो गया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती हिस्सों से लौट गया। प्रदेश से मानसून की सामान्य विदाई 17 सितंबर से मानी जाती है। इस बार यह दो दिन देरी से शुरू हुई।

विभाग के अनुसार अगले 3-4 दिनों में कुछ और हिस्सों से मानसून लौट सकता है। इनमें पंजाब और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्से शामिल हैं। हालांकि आधिकारिक घोषणा आगे के अपडेट पर निर्भर होगी।

दक्षिण राजस्थान में यलो अलर्ट

विदाई के बीच दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश जारी है। दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में 20 सितंबर को मध्यम से तेज बारिश संभव है। यह बारिश कहीं-कहीं होगी। इसमें कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ हिस्से शामिल हैं।

मौसम विभाग ने आठ जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। ये जिले बांसवाड़ा, बारां, डूंगरपुर, झालावाड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूंबर और उदयपुर हैं। यहां कहीं-कहीं गरज के साथ बारिश हो सकती है। एक अन्य रिपोर्ट में नौ जिलों का जिक्र है। अंतिम सूची विभाग से मिला लें।

पश्चिमी राजस्थान में 20 सितंबर को कोई खास चेतावनी नहीं है। वहां मौसम मुख्य रूप से शुष्क रह सकता है। पिछले 24 घंटे में बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ में बहुत भारी बारिश दर्ज हुई। बांसवाड़ा के घाटोल में 207 मिलीमीटर पानी गिरा। प्रतापगढ़ के पीपलखूंट में 190 मिलीमीटर बारिश हुई। यह जानकारी जल संसाधन विभाग के आंकड़ों पर आधारित है।

देश के बाकी हिस्सों का हाल

देश के दूसरे हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहेगा। एक राष्ट्रीय रिपोर्ट के मुताबिक बहुत भारी बारिश का असर कई राज्यों में रहेगा। इनमें ओडिशा, छत्तीसगढ़ और गंगीय पश्चिम बंगाल शामिल हैं। बिहार, झारखंड और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश और बिजली चमकने की संभावना है।

उत्तर भारत के कई हिस्सों में लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। दिल्ली-NCR में किसी बड़े अलर्ट की स्थिति नहीं बताई गई। उत्तर प्रदेश और पंजाब-हरियाणा में भी कोई खास चेतावनी नहीं है।

21 सितंबर के बाद क्या

राजस्थान में 21 सितंबर से ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। धीरे-धीरे ठंड का असर भी शुरू हो सकता है। छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का दौर आगे भी जारी रह सकता है।

मध्य प्रदेश में आने वाले दिनों में भी गरज-चमक की संभावना बनी रहेगी। मानसून की विदाई शुरू होने का मतलब यह नहीं कि बारिश खत्म हो गई। मध्य, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश और गरज-चमक जारी रह सकती है।

आम लोगों के लिए सलाह यही है कि छाता और रेनकोट साथ रखें। नदी-नालों और निचले रास्तों से बचें। कमजोर पेड़, होर्डिंग और अस्थायी ढांचों से दूर रहें।

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