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मिलने नहीं आए खंडवा कलेक्टर, किसानों ने कुत्ते के गले में लटकाया ज्ञापन, जमीन अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर प्रदर्शन

newz@gmail.com | Sep 16, 2026, 00:23 IST

खंडवा में जमीन अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर किसानों का प्रदर्शन हुआ। कलेक्टर के न मिलने से नाराज किसानों ने कुत्ते के गले में ज्ञापन बांधा। राष्ट्रीय किसान-मजदूर महासंघ अध्यक्ष कक्काजी ने अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया।

किसान प्रदर्शन

मुश्ताक मंसूरी@ खंडवा/भोपाल. मंगलवार को खंडवा में राष्ट्रीय किसान-मजदूर महासंघ की अधिकार रैली में राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार कक्काजी के तीखे तेवर नजर आए। रैली में शामिल किसानों ने कलेक्टर के मिलने नहीं आने से नाराज होकर कुत्ते के गले में ज्ञापन बांधकर जमकर नारेबाजी की। कलेक्टर के बाहर न आने से गुस्साए किसानों ने करीब दो घंटे तक कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। पांच दिन पहले ऐसे ही प्रदर्शन के दौरान सिवनी में कक्काजी समेत राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के पदाधिकारियों पर केस दर्ज हो चुका है।

किसान-मजदूर महासंघ का प्रदेश भर में आंदोलन

राष्ट्रीय किसान-मजदूर महासंघ प्रदेश भर में किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन चला रहा है। महासंघ ने खंडवा में नेशनल हाईवे 347-B के लिए हो रहे जमीन अधिग्रहण में विसंगति के विरोध में रैली का आयोजन किया था। जमीन अधिग्रहण से किसानों में खासी नाराजगी है। किसान जमीन का सही मुआवजा नहीं मिलने की शिकायतें कर रहे हैं। वहीं किसानों को मुआवजा देने में अधिकारियों के पक्षपात के मामले भी सामने आ रहे हैं।

कक्काजी ने प्रशासन पर लगाए कई आरोप

जमीन अधिग्रहण में विसंगति को लेकर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा कक्काजी के साथ सैकड़ों किसान खंडवा में इकट्ठा हुए। किसान अधिकार रैली के बाद कक्काजी ने किसानों की सभा को संबोधित किया। उन्होंने किसानों की शिकायतों को उठाते हुए प्रशासन और सरकार को विसंगतियां गिनाईं। राष्ट्रीय अध्यक्ष कक्काजी ने कहा कि मुआवजा राशि तय करने में जमीन की प्रकृति और रकबे का वास्तविक मूल्यांकन नहीं किया जा रहा।

जमीन अधिग्रहण के दोबारा मूल्यांकन की मांग

मुख्यमंत्री मंच से जमीन अधिग्रहण के बदले चार गुना मुआवजा देने की घोषणा कर रहे हैं, जबकि किसान को उसकी सही कीमत तक नहीं मिल पा रही। उन्होंने प्रशासन से जमीन अधिगृहण के बदले में मुआवजा राशि तय करने के नियम और शासन के आदेश की प्रति मांगी। वहीं किसानों ने भी जमीन अधिग्रहण का दोबारा मूल्यांकन की मांग की।

कलेक्टर बैठक में, बाहर जमकर नारेबाजी

सभा के बाद महासंघ के पदाधिकारी और किसानों का जत्था कलेक्ट्रेट पहुंचा। किसानों ने ज्ञापन लेने आए अधिकारी के सामने कलेक्टर को मौके पर बुलाने की जिद शुरू कर दी। कलेक्टर ऋषव गुप्ता टीएल बैठक में होने के कारण ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे तो किसान भड़क गए और नारेबाजी शुरू कर दी।

मौके पर पहुंचे अधिकारी से किसानों की तीखी बहस भी हुई। इस दौरान महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा और किसानों ने मुआवजे पर अंतिम निर्णय से पहले किसानों पर जमीन अधिग्रहण का दबाव न बनाने की मांग की। उन्होंने जमीन का अवार्ड और अधिग्रहण होने के बावजूद कई किसानों को मुआवजा राशि न देने की भी शिकायत की। कक्काजी ने ऐसे किसानों को भुगतान में हुई देरी की अवधि का ब्याज देने की भी मांग रखी।

किसानों पर दबाव बना रहे अधिकारी

अधिकार रैली में शामिल किसानों ने अधिग्रहण की कार्रवाई के दौरान खेतों में खड़ी फसलों की सुरक्षा की मांग की। उनका कहना था किसानों को जल्दबाजी में सूचना देकर अधिग्रहण किया गया है, ऐसे में कई किसानों की फसल अभी खेत में है। सरकार को इस स्थिति को देखते हुए फसल कटाई करने तक रियायत देना चाहिए। उनका आरोप था अधिग्रहण प्रक्रिया में शामिल कई अधिकारी किसानों पर दबाव बना रहे हैं। कई किसानों की जमीन सिंचित होने के बावजूद उन्हें असिंचित के बराबर मुआवजा दिया गया है। जबकि सड़क से सटी जमीन का मुआवजा भी कम दर से दिया जा रहा है।

कक्काजी बोले- कई कलेक्टरों की अकड़ निकाल चुके

कलेक्ट्रेट परिसर में किसानों का जत्था काफी देर तक कलेक्टर के आने का इंतजार करता रहा। करीब एक घंटे बाद कलेक्टर के नहीं आने की जानकारी लगी तो किसानों ने नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। रैली की अगुवाई कर रहे महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कक्काजी ने कहा- जिले का मुख्य अधिकारी ही किसानों से मिलने तैयार नहीं हैं। खंडवा कलेक्टर के सामने महासंघ पहले भी शिकायतें उठा चुका है, लेकिन वे कहते हैं कि शिकायत सुनना उनका काम नहीं है। अधिकारी आम जनता और किसानों को दूसरे दर्जे का समझने लगे हैं। जनता की कमाई से जमा टैक्स से ही अधिकारी को वेतन मिलता है। कक्काजी ने कहा- हम पहले भी कई कलेक्टरों की अकड़ निकाल चुके हैं, इनकी भी निकाल देंगे।

कुत्ते के गले में लटकाया ज्ञापन

महासंघ के किसान आंदोलन लगातार तेज होते जा रहे हैं। वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा कक्काजी और अन्य किसान नेताओं के तेवर भी कड़े नजर आ रहे हैं। बीते सात दिनों में महासंघ का यह दूसरा बड़ा आंदोलन है, जब किसानों से मिलने न पहुंचने पर कक्काजी और किसान नेताओं ने अधिकारियों को खुले मंच से फटकारा है। मंगलवार को खंडवा कलेक्टर के बाहर न आने पर किसानों ने कुत्ते के गले में ज्ञापन लटका दी। इससे पहले कक्काजी ने ऐसे ही तीखे कटाक्ष सिवनी कलेक्टर को लेकर भी किए थे। जिसके बाद कक्काजी समेत कई किसान नेताओं पर केस भी दर्ज कराए गए थे।

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