संजय शर्मा@भोपाल/भीकनगांव. खाद के बाद बिजली के संकट से जूझ रहे निमाड़ के किसानों में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। महाकौशल अंचल में एमएसपी की मांग के बाद अब निमाड़ अंचल के भीकनगांव में 500 से ज्यादा ट्रैक्टरों की रैली निकालकर किसानों ने अपनी नाराजगी जाहिर कर दी है। भारतीय किसान संघ की अगुवाई में खंडवा, खरगोन और बड़वानी जिलों के चार हजार से ज्यादा किसान भीकनगांव पहुंचे। किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर सभा की और मंच से सरकार के सामने बिजली की समस्या दूर न करने और गांवों में ट्रांसफार्मर की संख्या और क्षमता न बढ़ाने पर आंदोलन की चेतावनी तक दे डाली।
भारतीय किसान संघ ने की अगुवाई
भारतीय किसान संघ के आह्वान पर निमाड़ अंचल के किसान मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में भीकनगांव पहुंचे थे। ट्रैक्टरों पर सवार किसानों के जुटने से आसपास की सड़कों पर जाम के हालात नजर आए। वहीं किसानों ने हलधर भगवान बलराम की प्रतिमा के साथ बैलगाड़ी और ट्रैक्टर रैली निकाली। ट्रैक्टर रैली शहर के मुख्य रास्तों से गुजरी। किसानों की भीड़ को संभालने के लिए कस्बे में भारी पुलिस बल भी तैनात करना पड़ा।

किसानों का आरोप- निमाड़ अंचल से हो रहा छलावा
किसानों की रैली भीकनगांव के मध्य में सभा स्थल पर खत्म हुई। यहां किसान संघ के मालवा प्रांत के पदाधिकारियों ने सभा को संबोधित किया। किसानों ने कहा कि निमाड़ अंचल के किसानों के साथ छलावा किया जा रहा है। भीकनगांव-बिंजलवाड़ा सिंचाई परियोजना को 2016 में स्वीकृति मिली थी। 2018 में इसका काम शुरू हुआ लेकिन करीब 800 करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी परियोजना पूरी नहीं हो पाई।
एनवीडीए के दावों को खोखला बताया
सिंचाई परियोजना को लेकर नर्मदाघाटी विकास प्राधिकरण के दावों को लेकर भी किसान आक्रोशित नजर आए। उनका कहना था एनवीडीए परियोजना के काम को 98 फीसदी पूरा बता रहा है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। परियोजना पूरी होने से पहले ही पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है। पाइप खेतों में सड़ रहे हैं। एनवीडीए और प्रशासन के अधिकारी कई बार किसानों को आश्वासन दे चुके हैं लेकिन परियोजना का काम पूरा नहीं करा पाए हैं। अंचल के खेत रबी सीजन में सूखे का शिकार हो रहे हैं।

भूमि अधिग्रहण में विसंगति और भेदभाव
किसानों ने नेशनल हाईवे के निर्माण के लिए देशगांव से जुलवानिया के बीच भूमि अधिग्रहण की विसंगति और भेदभाव का मुद्दा भी उठाया। किसानों ने सरकार के सामने 43 बिंदुओं पर अपनी मांग रखते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। भारतीय किसान संघ ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने के साथ ही किसानों की मांगों की अनदेखी करने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी सरकार को दी है।
बिजली कटौती और एमएसपी पर जताई नाराजगी
खाद के बाद प्रदेश में कहीं किसान सरकार के दावों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की कटौती से नाराज हैं तो कहीं एमएसपी पर उपज की खरीद, राजस्व प्रकरणों पर अधिकारियों की बेरुखी और सिंचाई परियोजनाओं की धीमी रफ्तार से नाखुश है।
बीते सप्ताह सिवनी में राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के आंदोलन के बाद अब निमाड़ में भारतीय किसान संघ की विशाल ट्रैक्टर रैली सरकार से उनकी नाराजगी को उजागर कर रही है। किसानों में बढ़ती यह नाराजगी और किसान संगठनों के आंदोलन आने वाले दिनों में सरकार के सामने मुश्किल खड़ी कर सकती है।
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