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एमपी के 17 जिलों और सीजी में आज भारी बारिश का अलर्ट, राजस्थान में गर्मी

newz@gmail.com | Sep 23, 2026, 08:00 IST

23 सितंबर से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का नया दौर शुरू होगा। 24-25 सितंबर को एमपी के 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट है। राजस्थान से मानसून की विदाई जारी है और तापमान 40 डिग्री पार पहुंचा है। किसान सतर्क रहें।

आज का मौसम

मानसून जाते-जाते फिर से जोर दिखाने वाला है। 23 सितंबर बुधवार से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का नया दौर शुरू होगा। यह बारिश बंगाल की खाड़ी में बने एक सिस्टम की वजह से हो रही है। वहीं राजस्थान में मानसून की विदाई के साथ गर्मी अपना असर दिखा रही है।

IMD (India Meteorological Department) के मुताबिक 24 और 25 सितंबर को यह सिस्टम ज्यादा मजबूत रहेगा। इसी वजह से इन दो दिनों में मध्य प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का खतरा है। किसानों के लिए यह मौसम राहत और चिंता दोनों लेकर आया है।

बंगाल की खाड़ी का सिस्टम एक्टिव

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना है। मौसम विभाग के मुताबिक 21 सितंबर को यह अवदाब में बदल सकता था। 22 सितंबर को इसके और गहरे अवदाब में बदलने की संभावना थी। यह सिस्टम पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है।

इसी सिस्टम के असर से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में नमी बढ़ेगी। इससे 23 सितंबर से बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। मौसम विभाग ने इसे लेकर कई जिलों में अलर्ट जारी किया है।

23 सितंबर से एमपी में बारिश का नया दौर

मध्य प्रदेश में 23 सितंबर से बारिश का नया दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक 24 और 25 सितंबर को यह सिस्टम ज्यादा सक्रिय रहेगा। इन दो दिनों में प्रदेश के 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है।

सबसे ज्यादा असर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में दिखेगा। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तेज बारिश का अनुमान है। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में भी इसका असर रहेगा।

बारिश की कमी अब भी बरकरार

मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 33.7 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस समय तक 36.3 इंच बारिश हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में सामान्य से करीब 2.6 इंच कम पानी गिरा है। यह आंकड़ा औसत से करीब छह प्रतिशत पीछे है।

जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में बारिश अब भी सामान्य से कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला और सिवनी में पांच से 23 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है। हालांकि पिछले एक हफ्ते की बारिश से स्थिति में कुछ सुधार आया है।

छत्तीसगढ़ में भी तेज होगी बारिश

छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर अभी थमने वाला नहीं है। मौसम विभाग के रायपुर केंद्र के मुताबिक 23 और 24 सितंबर को बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

इस दौरान तेज गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। मौसम विभाग ने 25 सितंबर को भी एक-दो जगह बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से छह प्रतिशत कम बारिश हुई है।

पिछले 24 घंटे में जगदलपुर में 43.6 मिलीमीटर और पेंड्रा रोड में 38 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। रायपुर में भी बादल छाए रहने और हल्की बौछारों की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान करीब 34 और न्यूनतम 25 डिग्री रहने का अनुमान है।

राजस्थान में मानसून की विदाई तेज

राजस्थान से मानसून की विदाई का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो गया है। बीकानेर संभाग के सभी इलाकों से मानसून लौट चुका है। जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों से भी मानसून विदा हो गया है। झुंझुनूं जिले और सीकर व नागौर के कुछ हिस्सों से भी मानसून लौट चुका है।

मौसम विभाग के मुताबिक 23 सितंबर को राजस्थान में कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं है। अगले चार दिनों तक प्रदेश में मौसम साफ रहने का अनुमान है। अगले दो से तीन दिन में कुछ और इलाकों से भी मानसून विदा हो सकता है।

पश्चिमी राजस्थान में बढ़ी गर्मी

मानसून की विदाई के साथ पश्चिमी राजस्थान में गर्मी तेजी से बढ़ रही है। जोधपुर और बीकानेर संभाग के ज्यादातर जिलों में तापमान 36 से 40 डिग्री के बीच दर्ज हुआ है। जैसलमेर में सबसे ज्यादा गर्मी रही, यहां तापमान 40.5 डिग्री तक पहुंच गया। बाड़मेर में भी तापमान 39.5 डिग्री तक पहुंचा।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस साल राजस्थान में मानसून सीजन कमजोर रहा। कई इलाकों में उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हुई। अब विदाई आगे बढ़ने से बारिश की संभावना भी घटती जा रही है।

किसानों पर क्या असर

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से खेतों में जलभराव का खतरा बढ़ सकता है। जिन खेतों में फसल पकने या कटने के करीब है, वहां जोखिम ज्यादा है। तेज गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। पहले से ही कई इलाकों में बारिश से सोयाबीन और उड़द खराब होने की खबरें आई हैं। नई भारी बारिश से यह नुकसान और बढ़ सकता है।

राजस्थान में मौसम साफ रहने से कटाई और सुखाने के काम को फायदा मिल सकता है। पर तेज गर्मी में पशुओं और खड़ी फसल का ध्यान रखना जरूरी होगा। जैसलमेर और बाड़मेर जैसे इलाकों में दोपहर के समय खेत का काम टालना बेहतर रहेगा।

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