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केंद्र ने UP-कर्नाटक-तेलंगाना में 5547 करोड़ की खरीद की मंजूरी दी, दलहन-तिलहन किसानों को मिलेगा फसल का सही दाम

newz@gmail.com | Oct 1, 2026, 13:47 IST

केंद्र सरकार ने खरीफ 2026-27 के लिए यूपी, कर्नाटक और तेलंगाना में दलहन-तिलहन की MSP पर 5,547.99 करोड़ रुपए की खरीद मंजूर की है। यूपी को सबसे बड़ा हिस्सा मिला है।

फसल खरीद

दलहन और तिलहन किसानों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। खरीफ विपणन सीजन 2026-27 में तीन राज्यों में एमएसपी खरीद मंजूर हुई है। ये राज्य उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक हैं। कुल 5,547.99 करोड़ रुपए की फसल खरीदी जाएगी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह मंजूरी दी है। यह मंजूरी मूल्य समर्थन योजना यानी पीएसएस (Price Support Scheme) के तहत है। मकसद है कि कम कीमत मिले तो भी किसानों को नुकसान न हो।

यूपी में सबसे बड़ी खरीद

इस फैसले में उत्तर प्रदेश का हिस्सा सबसे बड़ा है। राज्य में कुल 3,992.57 करोड़ रुपए की उपज खरीदी जाएगी। इसमें 4.66 लाख मीट्रिक टन तुअर शामिल है। इसकी कीमत करीब 3,937.70 करोड़ रुपए बताई गई है।

इसके अलावा राज्य में 6,250 मीट्रिक टन मूंग की खरीद होगी। इसकी अनुमानित कीमत 54.87 करोड़ रुपए है। इस तरह तुअर-मूंग से यूपी किसानों को एमएसपी पर बेचने का मौका मिलेगा।

कर्नाटक में तीन फसलों की खरीद

कर्नाटक के किसानों के लिए भी बड़ी खरीद मंजूर हुई है। राज्य में कुल 1,107 करोड़ रुपए की फसल एमएसपी पर खरीदी जाएगी। इसमें करीब 1,15,500 मीट्रिक टन सोयाबीन शामिल है। इसकी कीमत 659.27 करोड़ रुपए है। इसके अलावा 38,250 मीट्रिक टन मूंग 335.83 करोड़ रुपए में खरीदा जाएगा। 13,413 मीट्रिक टन सूरजमुखी की खरीद 111.90 करोड़ रुपए में होगी।

तेलंगाना में सोयाबीन और मूंग

तेलंगाना में भी दलहन-तिलहन किसानों के लिए खरीद मंजूर हुई है। राज्य में कुल 448.42 करोड़ रुपए की फसल खरीदी जाएगी। इसके तहत 62,000 मीट्रिक टन सोयाबीन की खरीद होगी। इसकी अनुमानित कीमत 353.90 करोड़ रुपए है। वहीं 10,766 मीट्रिक टन मूंग की खरीद 94.52 करोड़ रुपए में होगी।

क्या है पीएसएस योजना

मूल्य समर्थन योजना यानी पीएसएस (Price Support Scheme) के तहत सरकार कुछ प्रमुख दलहन-तिलहन फसलें एमएसपी पर खरीदती है। मकसद है कि भाव एमएसपी से नीचे जाए तो भी किसान मजबूर न हो। उसे कम दाम पर बेचना न पड़े।

केंद्र सरकार पहले भी राज्यों में पीएसएस के तहत खरीद मंजूर कर चुकी है। जून 2026 में भी चार राज्यों में मूंग-उड़द-मूंगफली की खरीद मंजूर हुई थी। इनमें उत्तर प्रदेश भी शामिल था।

बैंक खाते में सीधा भुगतान

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक खरीद व्यवस्था को पारदर्शी रखा जा रहा है। खरीद केंद्रों पर किसानों की उपज खरीदी जाएगी।

भुगतान समय पर सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था रहेगी। सरकार के मुताबिक इससे किसानों को कम कीमत के नुकसान से बचाया जा सकेगा। साथ ही दलहन-तिलहन की खेती को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

क्यों जरूरी है यह जोर

केंद्र सरकार देश में दाल और खाद्य तेल का उत्पादन बढ़ाना चाहती है। पीएसएस के तहत खरीद से किसानों को बाजार का भरोसा मिल सकता है। शिवराज के मुताबिक उपज का उचित मूल्य दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। हाल के महीनों में केंद्र ने कई राज्यों में ऐसे फैसले लिए हैं।

किसानों के लिए क्यों अहम

जब फसल मंडी में सस्ते दाम पर बिकने लगती है, तब एमएसपी पर सरकारी खरीद किसानों के लिए राहत का जरिया बनती है। दलहन-तिलहन किसानों के लिए यह भरोसा खास अहम होता है। इनके भाव में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहता है।

तीन राज्यों में यह खरीद मंजूर हुई है। पर इसका असर देश की दलहन-तिलहन नीति पर भी दिखता है। सरकार जब खरीद बढ़ाती है, तो किसान इनकी खेती भी बढ़ाने लगते हैं।

यह मंजूरी सिर्फ यूपी, कर्नाटक और तेलंगाना के लिए है। एमपी, सीजी और राजस्थान के किसानों के लिए यह सीधी खरीद नहीं है। हालांकि यह दिखाता है कि सरकार इनकी एमएसपी खरीद को प्राथमिकता दे रही है। आगे अन्य राज्यों में भी ऐसी मंजूरी मिलने की संभावना बनी रहती है।

पीएसएस खरीद का असर

एमएसपी पर सरकारी खरीद शुरू होते ही मंडियों में असर दिखने लगता है। निजी व्यापारी भी एमएसपी के आसपास भाव देने को मजबूर होते हैं। किसान के पास सरकारी खरीद का विकल्प जो होता है।

इससे सिर्फ सरकारी केंद्र पर बेचने वाले किसानों को ही फायदा नहीं मिलता। मंडी के भाव पर भी इसका परोक्ष असर पड़ता है। यही वजह है कि पीएसएस को दलहन-तिलहन किसानों के लिए अहम माना जाता है।

हालांकि खरीद केंद्रों की संख्या और समय पर भुगतान भी उतना ही मायने रखता है। व्यवस्था सुचारू न रहे, तो किसानों को फिर मंडी के कम भाव पर बेचना पड़ सकता है।

किसान क्या करें

जिन राज्यों में यह खरीद मंजूर हुई है, वहां के किसान अपने नजदीकी खरीद केंद्र से जानकारी ले सकते हैं। फसल बेचने से पहले अपना बैंक खाता और जरूरी दस्तावेज अपडेट रखना बेहतर रहेगा। दूसरे राज्यों के किसान भी कृषि विभाग से ताजा जानकारी लेते रहें। सरकार समय-समय पर अलग-अलग राज्यों के लिए नई मंजूरी जारी करती रहती है।

जरूरी FAQ

खरीफ 2026-27 के लिए किन राज्यों में कितनी MSP खरीद मंजूर हुई है?
केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में कुल 5,547.99 करोड़ रुपए की दलहन-तिलहन खरीद मंजूर की है। इसमें यूपी का हिस्सा सबसे बड़ा है, जो 3,992.57 करोड़ रुपए का है। कर्नाटक में 1,107 करोड़ और तेलंगाना में 448.42 करोड़ रुपए की खरीद होगी।

किन-किन फसलों की खरीद की जाएगी?
यूपी में तुअर और मूंग खरीदी जाएगी। कर्नाटक में सोयाबीन, मूंग और सूरजमुखी की खरीद होगी। तेलंगाना में सोयाबीन और मूंग खरीदे जाएंगे। यह खरीद मूल्य समर्थन योजना यानी पीएसएस (Price Support Scheme) के तहत MSP पर की जाएगी।

क्या MP, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के किसानों को इसका फायदा मिलेगा?
नहीं, यह मंजूरी सिर्फ उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के लिए है। एमपी, सीजी और राजस्थान के किसानों के लिए यह सीधी खरीद नहीं है। हालांकि यह दिखाता है कि केंद्र सरकार दलहन-तिलहन की MSP खरीद को लगातार प्राथमिकता दे रही है, और आगे अन्य राज्यों में भी ऐसी मंजूरी मिल सकती है।

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