किसान की बात,सूत्र के साथ

मानसून विदा, एमपी में आज अधिकांश जगह तापमान 35 डिग्री के आसपास रहेगा, सीजी-राजस्थान में भी बढ़ेगी गर्मी

newz@gmail.com | Oct 5, 2026, 08:00 IST

सोमवार यानी पांच अक्टूबर को मध्य प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा। छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई शुरू है। राजस्थान में बारिश साढ़े 17 प्रतिशत कम रही, इसलिए किसानों को पानी और चारे की चिंता है।

आज का मौसम

पांच अक्टूबर को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में मौसम ज्यादातर शुष्क रहेगा। मानसून की विदाई का दौर चल रहा है। दिन में गर्मी का असर बना हुआ है। रातें अब थोड़ी ठंडी होने लगी हैं। किसानों के लिए यह समय खरीफ की उपज संभालने का है।

मध्य प्रदेश का मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक पांच अक्टूबर को सभी जिलों में मौसम शुष्क रहेगा। बारिश की संभावना नहीं है। आसमान साफ रहने की उम्मीद है।

चार अक्टूबर की सुबह तक सभी संभागों में 24 घंटे मौसम शुष्क रहा। प्रदेश में कहीं बारिश दर्ज नहीं हुई। कई इलाकों में दिन का तापमान 35 डिग्री के आसपास या उससे ऊपर रहा। कुछ शहरों में न्यूनतम तापमान कम रहा। इसलिए सुबह और रात में हल्की ठंडक रही।

भोपाल में सोमवार को आसमान साफ रहेगा। यहां तापमान 34 से 18 डिग्री के बीच रह सकता है। पहले की रिपोर्ट्स में भी अगले कुछ दिन बड़े बदलाव की बात नहीं थी।

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए

सूखा मौसम खरीफ की उपज संभालने में मदद करता है। इसी दौरान मंडियों में सोयाबीन की आवक बढ़ रही है। राजगढ़ की खिलचीपुर मंडी में हाल ही में बड़ी आवक हुई थी। वहां किसानों ने खरीदी में देरी की शिकायत की थी।

ऐसे में किसान मंडी जाने से पहले आवक और छुट्टी की जानकारी ले लें। उपज को सूखा रखना भी जरूरी है। साफ मौसम में कटी फसल को खुले में सुखाना आसान रहता है।

छत्तीसगढ़ का मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है। सरगुजा, बिलासपुर और रायपुर संभाग के कुछ हिस्सों से मानसून लौटने लगा है। बाकी हिस्सों से भी विदाई के लिए हालात अनुकूल बताए गए हैं।

बारिश को लेकर रिपोर्ट्स में थोड़ा फर्क है। एक रिपोर्ट में पांच अक्टूबर तक किसी जिले में बारिश का अलर्ट नहीं है। दूसरी रिपोर्ट में एक-दो जगह हल्की से मध्यम बारिश की बात है। उसमें भी कोई चेतावनी नहीं है। यानी बड़े पैमाने पर बारिश की उम्मीद कम है। रायपुर में दिन का तापमान हाल में 34 डिग्री के आसपास रहा। रात का तापमान करीब 25 डिग्री रहा। आने वाले दिनों में दिन गर्म और रातें ठंडी होंगी।

छत्तीसगढ़ में बारिश का हाल

इस मानसून में छत्तीसगढ़ में सामान्य से 53 मिलीमीटर ज्यादा बारिश दर्ज हुई। सितंबर में भी करीब 34 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई। यानी बारिश के मामले में राज्य की स्थिति राजस्थान से काफी अलग रही।

अब बारिश थमने से खेतों में काम की रफ्तार बढ़ सकती है। किसान मौसम का अगला अपडेट देखकर ही कटाई और सिंचाई की योजना बनाएं।

राजस्थान का मौसम

राजस्थान से मानसून की विदाई अंतिम चरण में बताई जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक वापसी की रेखा उदयपुर तक पहुंच चुकी है। बाकी हिस्सों से भी अगले 2-3 दिन में मानसून लौट सकता है।

अगले एक हफ्ते तक ज्यादातर इलाकों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है। पूर्वी राजस्थान में कुछ जगह हल्की बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में तापमान बढ़ने की बात कही गई है। इसकी वजह एंटी-साइक्लोनिक गतिविधि बताई गई है।

मौसम विभाग के अनुमान में अक्टूबर में ज्यादातर इलाकों में कम बारिश होगी। तापमान भी सामान्य से ज्यादा रह सकता है। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में सामान्य या ज्यादा बारिश भी संभव है।

राजस्थान में कम बारिश की मार

मौसम विभाग के आंकड़ों में 1 जून से 27 सितंबर तक का हिसाब है। इस दौरान राजस्थान में बारिश करीब साढ़े 17 प्रतिशत कम रही। सामान्य बारिश 424 मिलीमीटर से ज्यादा होती है। इस बार करीब 350 मिलीमीटर ही दर्ज हुई। सबसे ज्यादा असर पश्चिमी राजस्थान पर पड़ा।

पाली में सामान्य से करीब 58 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई। जैसलमेर में यह कमी करीब 54 प्रतिशत रही। जालौर में करीब 50 प्रतिशत कम बारिश हुई। बांसवाड़ा और हनुमानगढ़ में भी 38 से 39 प्रतिशत की कमी रही। कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश भी हुई। इनमें डीग, धौलपुर और सलूंबर शामिल हैं।

राजस्थान के किसानों की चिंता

कम बारिश वाले इलाकों में खरीफ फसलों पर असर पड़ा है। पेयजल और पशुओं के चारे पानी को लेकर भी चिंता बढ़ी है। सरकार ने राहत की तैयारी शुरू की है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने टैंकर से पानी देने की घोषणा की है। यह बाड़मेर और जैसलमेर में 31 दिसंबर 2026 तक चलेगा। जरूरत वाले इलाकों में चारा डिपो भी खोले जाएंगे। प्रभावित जिलों के कलेक्टर 1 करोड़ रुपए तक के काम मंजूर कर सकेंगे।

राजस्व विभाग 34 जिलों की 117 तहसीलों में गिरदावरी सर्वे कराएगा। इससे पता चलेगा कि कहां फसल को कितना नुकसान हुआ। राहत की जरूरत भी इसी सर्वे से आंकी जाएगी।

रबी की सिंचाई पर खतरा

रिपोर्ट्स के मुताबिक कम बारिश नमी और भूजल को प्रभावित कर सकती है। इसका सीधा असर रबी की शुरुआती सिंचाई पर हो सकता है। इसलिए पानी की उपलब्धता किसानों की बड़ी चिंता बनी हुई है।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार से तुरंत राहत शुरू करने को कहा है। उनका कहना है कि कई इलाकों में फसलें सूखने लगी हैं। उन्होंने गिरदावरी जल्द पूरी करने और चारे पानी के इंतजाम को भी कहा है।

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