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सीएम मोहन यादव की बड़ी घोषणा- एमपी कृषि विभाग में 1500 से ज्यादा पदों पर होगी भर्ती; 3357 कर्मचारी हुए पदोन्नत

newz@gmail.com | Oct 5, 2026, 20:35 IST

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अगले वर्ष एक लाख पदों पर भर्ती का लक्ष्य बताया। एमपी कृषि विभाग में 1500 से अधिक पद भरे जाएंगे। सरकार हर साल पदोन्नति बैठक करेगी। विभाग के 3357 कर्मचारियों को पदोन्नति मिली है।

कृषि विभाग

मध्य प्रदेश सरकार ने रोजगार से जुड़ी बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक लाख भर्तियों का लक्ष्य बताया। यह लक्ष्य अगले वर्ष तक पूरा करने की बात कही गई। हालांकि विभागवार पदों की संख्या अभी जारी नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने पदोन्नति व्यवस्था में भी नियमितता लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर वर्ष पदोन्नति प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए।

भोपाल में हुआ कार्यक्रम

मुख्यमंत्री भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम कृषि विभाग के पदोन्नत कर्मचारियों ने आयोजित किया था। कृषि अधिकारी और कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। उन्हें कार्यक्रम में गजमाला पहनाकर सम्मानित किया गया। कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कई जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी भी आयोजन में शामिल हुए।

सीएम का स्वागत करते कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी।

हर साल होगी डीपीसी

मुख्यमंत्री ने पदोन्नति प्रक्रिया में देरी पर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को पुरानी कार्यशैली बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुराने लंबित मामले निपटाना पर्याप्त नहीं है। आगे पदोन्नति प्रक्रिया हर वर्ष समय पर पूरी करनी होगी।

डीपीसी (Departmental Promotion Committee) विभागीय पदोन्नति समिति को कहा जाता है। यह समिति कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़े मामलों पर विचार करती है। मुख्यमंत्री ने चालू वर्ष की डीपीसी इसी वर्ष पूरी करने को कहा। इससे योग्य कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति मिलने की उम्मीद बढ़ेगी।

3357 कर्मचारियों का प्रमोशन

कृषि विभाग के कुल 3357 कर्मचारियों को पदोन्नति मिली है। लंबे समय से कई कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया अटकी हुई थी। मुख्यमंत्री ने सभी पदोन्नत कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय पर उनका अधिकार मिलना चाहिए।

समय पर पदोन्नति से खाली पदों की स्थिति भी स्पष्ट होगी। इससे अगली भर्ती प्रक्रिया तैयार करने में विभाग को मदद मिलेगी। कार्यक्रम की शुरुआत में कृषि सचिव निशांत वरबड़े ने जानकारी दी। उन्होंने विभाग की पदोन्नति प्रक्रिया और रूपरेखा साझा की।

कृषि विभाग में 1500 पद

कृषि विभाग में 1500 से अधिक पदों पर भर्ती होगी। यह भर्तियां अलग-अलग चयन संस्थाओं के माध्यम से की जाएंगी। पीएससी (Public Service Commission) के जरिए भी कुछ पद भरे जाएंगे। कर्मचारी चयन मंडल भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल होगा।

इन भर्तियों में उप अभियंता जैसे तकनीकी पद शामिल होंगे। सचिव और डेटा एंट्री ऑपरेटर के पद भी भरे जाएंगे। पदों की विस्तृत संख्या अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। भर्ती विज्ञापन आने पर योग्यता और आयु सीमा स्पष्ट होगी। आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा कार्यक्रम भी विज्ञापन में बताया जाएगा। उम्मीदवारों को केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करना चाहिए।

एक लाख भर्तियों का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने अगले वर्ष एक लाख भर्तियों का लक्ष्य बताया। यह लक्ष्य प्रदेश के अलग-अलग सरकारी विभागों से जुड़ा है। इस घोषणा का मतलब तत्काल एक लाख नियुक्तियां नहीं है। पदों की पहचान के बाद अलग-अलग भर्ती सूचनाएं जारी होंगी।

हर भर्ती की चयन प्रक्रिया अलग हो सकती है। पदों के अनुसार परीक्षा या दूसरी चयन व्यवस्था अपनाई जाएगी। आरक्षण और पात्रता नियम सरकारी भर्ती नियमों के अनुसार लागू होंगे। अभ्यर्थियों को विभागवार विज्ञापनों का इंतजार करना होगा।

44 आश्रितों को नियुक्ति

कार्यक्रम में 44 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र सौंपे गए। उन्हें सहायक वर्ग-3 के पद पर नियुक्ति मिली है। ये आश्रित दिवंगत सरकारी कर्मचारियों के परिवारों से जुड़े हैं। नियुक्ति से प्रभावित परिवारों को नियमित आय का सहारा मिलेगा।

मुख्यमंत्री के मुताबिक करीब 300 अनुकंपा मामलों का निपटारा हुआ है। शेष पात्र मामलों को भी जल्द पूरा करने की बात कही गई। अनुकंपा नियुक्ति सामान्य भर्ती प्रक्रिया से अलग होती है। इसमें तय नियमों के आधार पर पात्रता जांची जाती है।

खेती को विकास की धुरी बताया

मुख्यमंत्री ने कृषि को प्रदेश के विकास की मुख्य धुरी बताया। उन्होंने विभाग के मैदानी कर्मचारियों की भूमिका भी सराही। मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीद से जुड़े सरकारी आंकड़े साझा किए। उनके अनुसार करीब 14 लाख किसानों से गेहूं खरीदा गया।

सरकार ने 104 लाख मीट्रिक टन खरीद का दावा किया। मुख्यमंत्री ने इसे कृषि अमले के प्रयासों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि मैदानी कर्मचारी किसानों तक सरकारी योजनाएं पहुंचाते हैं। खरीद व्यवस्था में भी उनका सीधा योगदान रहता है। कार्यक्रम के अंत में कृषि संचालक उमाशंकर भार्गव ने आभार जताया। विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

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