देश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में मौसम बदल रहा है। मानसून की वापसी भी कई राज्यों से आगे बढ़ रही है। आईएमडी (India Meteorological Department) ने ताजा पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार छह अक्टूबर को अलग-अलग मौसम स्थितियां रहेंगी। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-बिजली संभव है। राजस्थान में बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं हुई है।
पूर्वी मध्य प्रदेश बारिश का अनुमान
मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छा सकते हैं। कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना भी है। राष्ट्रीय बुलेटिन में पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश बताई गई है। यहां छह अक्टूबर को गरज-बिजली भी हो सकती है। हालांकि भोपाल मौसम केंद्र की चेतावनी सूची में पश्चिमी क्षेत्र चिह्नित है। इस सूची में गरज-बिजली की चेतावनी दिखाई गई है।
भोपाल और आसपास मौसम में बड़ा बदलाव जरूरी नहीं है। स्थानीय बादल बनने पर हल्की वर्षा हो सकती है। बारिश का फैलाव पूरे प्रदेश में समान नहीं रहेगा। अधिकांश स्थानों पर लंबे समय तक बारिश की संभावना कम है। दिन का मौसम कुछ क्षेत्रों में गर्म रह सकता है। सुबह और रात के तापमान में हल्की गिरावट संभव है।
छत्तीसगढ़ में गरज-बिजली, कुछ जगह बूंदाबांदी
छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश संभव है। कुछ जगह बहुत हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। मौसम केंद्र रायपुर ने गरज-बिजली की संभावना जताई है। एक-दो स्थानों पर वज्रपात का खतरा भी रहेगा। यह स्थिति पूरे प्रदेश में एक साथ नहीं बनेगी। स्थानीय बादल कुछ जिलों में अचानक विकसित हो सकते हैं।
मौसम विभाग ने 9 अक्टूबर तक गतिविधि बताई है। इस दौरान कहीं-कहीं बारिश और बिजली संभव रहेगी। प्रदेश से मानसून की वापसी आगे बढ़ रही है। इसके बावजूद स्थानीय मौसम प्रणालियां बारिश करा सकती हैं। अगले दिनों में अधिकतम तापमान ज्यादा बदलने की संभावना नहीं है। दिन गर्म और रात अपेक्षाकृत आरामदायक रह सकती है।
राजस्थान रहेगा शुष्क, तापामान बढ़ेगा
राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में बारिश का अलर्ट नहीं है। जयपुर मौसम केंद्र ने पांच से छह दिन शुष्क मौसम बताया। इस दौरान आसमान मुख्य रूप से साफ रह सकता है। प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। यह अंतर दो से चार डिग्री सेल्सियस संभव है।
पांच अक्टूबर को श्रीगंगानगर में 39.7 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। राज्य में यह सबसे अधिक अधिकतम तापमान था। चूरू में तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीकानेर में पारा 38.8 डिग्री सेल्सियस रहा। छह अक्टूबर को भी दोपहर गर्म रह सकती है। खेतों में काम करने वाले लोग पानी साथ रखें। पश्चिमी राजस्थान में तेज धूप परेशान कर सकती है। सुबह के समय खेती के काम करना बेहतर रहेगा।
किसान क्या सावधानी रखें
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के किसान ताजा अलर्ट जरूर देखें। बारिश वाले क्षेत्रों में कटाई सोचकर करें। सोयाबीन की कटी फसल खुले खेत में न छोड़ें। उपज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित जगह रखें। धान की पकी फसल पर मौसम का असर पड़ सकता है। कटाई से पहले स्थानीय पूर्वानुमान जरूर जांच लें।
बारिश या तेज हवा के दौरान छिड़काव रोकना चाहिए। इससे दवा बहने और नुकसान का खतरा घटेगा। अधिक नमी वाले खेतों से पानी निकालने की व्यवस्था रखें। जलभराव सोयाबीन और सब्जियों को नुकसान पहुंचा सकता है। लंबे पौधों और सब्जियों को मजबूत सहारा दें। तेज हवा से पौधे गिरने का खतरा रहता है।
राजस्थान में शुष्क मौसम कटाई के लिए मददगार रहेगा। किसान सुबह या शाम खेत का काम करें। तेज गर्मी देखते हुए पशुओं को पर्याप्त पानी दें। उनके लिए छायादार स्थान भी उपलब्ध रखें। रबी की तैयारी करने वाले किसान मिट्टी की नमी जांचें। केवल गर्मी देखकर अतिरिक्त सिंचाई नहीं करनी चाहिए।
देश के बाकी हिस्सों का हाल
दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधि अधिक रह सकती है। केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश संभव है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-बिजली हो सकती है। उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर बढ़ रहा है। हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी संभव है।
पंजाब और हरियाणा में गरज के साथ बारिश हो सकती है। दिल्ली में भी हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं गरज-बिजली संभव है। बिहार और झारखंड में भी मौसम सक्रिय रह सकता है।
मौसम तंत्र का असर
एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत की तरफ बढ़ रहा है। यह पहाड़ी और मैदानी मौसम को प्रभावित करेगा। मध्य भारत में स्थानीय नमी और द्रोणिका असर डाल रही है। इससे बादल और गरज-बिजली बनने की संभावना है।
मानसून वापसी की रेखा रायपुर से गुजर रही है। आगे वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बताई गई हैं। मौसम पूर्वानुमान समय के साथ बदल सकता है। किसान जिला स्तर का ताजा बुलेटिन जरूर देखें।
