मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बुधवार को मौसम बदलेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वी मध्य प्रदेश पर नजर रखी है। यहां गरज-चमक और बिजली की गतिविधि हो सकती है। छत्तीसगढ़ में भी ऐसी गतिविधियों की चेतावनी जारी है। पूर्वी मध्य प्रदेश में नौ अक्टूबर तक बारिश संभव है। छत्तीसगढ़ में 10 अक्टूबर तक बारिश का अनुमान है। दोनों जगह आंधी और बिजली संभव है। हालांकि हर जिले में बारिश होना जरूरी नहीं है। मौसम गतिविधियां स्थानीय स्तर पर अलग-अलग रह सकती हैं। किसानों को अपने जिले का ताजा पूर्वानुमान देखना चाहिए।
एमपी में कहां रहेगा असर
मध्य प्रदेश में मौसम का असर मुख्यतः पूर्वी हिस्से में रहेगा। सात अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में चेतावनी जारी है। गरज-चमक और तेज हवा की गतिविधि संभव है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए कोई चेतावनी नहीं है। इस हिस्से में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहेगा।
पूर्वी हिस्से के किसानों को खास सतर्कता रखनी चाहिए। खेतों में बिजली गिरने का जोखिम बारिश से ज्यादा अहम है। ऐसे समय खुले खेत में काम करना जोखिम बढ़ा सकता है।
छत्तीसगढ़ में गरज-चमक
छत्तीसगढ़ में सात अक्टूबर को गरज-चमक की चेतावनी है। मौसम विभाग ने बिजली और आंधी जैसी गतिविधियां बताई हैं। यह चेतावनी आठ अक्टूबर तक भी जारी रहने की संभावना है। बारिश की गतिविधियां 10 अक्टूबर तक बनी रह सकती हैं।
धान किसानों के लिए यह मौसम महत्वपूर्ण हो सकता है। कई इलाकों में धान की फसल पकने लगी है। कटी फसल खुले में रखना नुकसान बढ़ा सकता है। इसलिए किसान उपज को सुरक्षित जगह रखने की तैयारी करें।
धान की कटाई के दौरान भी किसान सावधानी रखें। गरज-चमक शुरू होने पर खेत से बाहर निकलना बेहतर है। पेड़ के नीचे खड़े होने से भी बचना चाहिए।
राजस्थान में मौसम साफ
राजस्थान में सात अक्टूबर को बारिश की चेतावनी नहीं है। पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान दोनों में कोई चेतावनी नहीं है। राज्य में फिलहाल मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि आने वाले दिनों में कुछ बदलाव हो सकता है। मौसम विभाग ने बाद की गतिविधियों पर भी नजर रखी है।
राजस्थान के किसानों के लिए यह राहत वाली स्थिति है। खेतों में कटाई और मंडाई का काम जारी रखा जा सकता है। फिर भी स्थानीय मौसम अपडेट देखना जरूरी रहेगा।
कटी फसल को लंबे समय खुले में नहीं रखना चाहिए। शुष्क मौसम का फायदा उठाकर किसान काम तेजी से कर सकते हैं। फसल भंडारण की तैयारी भी समय रहते करनी चाहिए।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
मौसम बदलने पर किसानों को खेत का काम रोकना चाहिए। खासकर बिजली चमकने पर बाहर रहना सुरक्षित नहीं है। मोबाइल पर मौसम की जानकारी लगातार देखते रहें। स्थानीय कृषि विभाग की सलाह को भी प्राथमिकता दें।
कटी फसल खेत में पड़ी है तो उसे ढकें। अनाज को ऊंची और सूखी जगह पर रखें। बारिश की संभावना वाले इलाकों में तिरपाल तैयार रखें। मंडाई का काम मौसम देखकर ही तय करें।
खेत में सिंचाई भी मौसम देखकर करें। बारिश की संभावना होने पर अतिरिक्त सिंचाई से बचें। खाद और दवा का छिड़काव भी मौसम देखकर करें। तेज हवा में छिड़काव करने से बचना चाहिए।
आगे भी बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में गतिविधियां जारी रहेंगी। यह दौर नौ अक्टूबर तक कुछ इलाकों में रह सकता है। छत्तीसगढ़ में बारिश 10 अक्टूबर तक जारी रह सकती है। इसके बाद मध्य भारत में मौसम धीरे बदल सकता है।
मौसम विभाग के ताजा अपडेट में राजस्थान के लिए राहत है। सात अक्टूबर को राज्य के दोनों हिस्सों में चेतावनी नहीं है। हालांकि सप्ताहांत के आसपास राजस्थान में बदलाव संभव है। कुछ इलाकों में 10 से 12 अक्टूबर बारिश हो सकती है। यह संभावना खासतौर पर उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में बताई गई है।
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