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राजगढ़ कलेक्टर की पहल से शुरू हुआ अनाजू बेच रहा 120 प्राकृतिक खाद्य उत्पाद, किसानों से खरीदते हैं अनाज-दालें

newz@gmail.com | Oct 14, 2026, 21:47 IST

राजगढ़ के ब्यावरा से शुरू हुआ अनाजू प्राकृतिक खाद्य उत्पाद बेच रहा है। कंपनी के पास करीब 120 उत्पाद हैं और 25 लोगों को रोजगार मिला है। इनमें 19 महिलाएं शामिल हैं। कंपनी किसानों से जुड़कर देशभर में पहुंच बढ़ाना चाहती है।

अनाजू

राजगढ़ जिले के ब्यावरा से शुरू हुआ अनाजू अब अपना बाजार बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। कंपनी प्राकृतिक खाद्य उत्पादों के जरिए ग्राहकों तक पहुंच बना रही है। इसके साथ स्थानीय रोजगार, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और किसानों से जुड़ाव पर जोर दिया जा रहा है।

कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशन में यह पहल आगे बढ़ रही है। इसका उद्देश्य स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना और गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद आम लोगों तक पहुंचाना है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर तैयार करना भी इसके घोषित लक्ष्यों में शामिल है।

ब्यावरा में मार्च से शुरू हुआ काम

अनाजू प्रोडक्ट्स एलएलपी की स्थापना शौर्य गुप्ता और कोपल गुप्ता ने की थी। कंपनी की स्थापना 14 जनवरी 2026 को हुई। इसके बाद मार्च 2026 में ब्यावरा में नियमित काम शुरू किया गया।

कंपनी ने अपनी शुरुआत लोगों को खाद्य उत्पादों के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से की। उसका कहना है कि प्राकृतिक खाद्य उत्पादों के जरिए लोगों के दैनिक जीवन को बेहतर बनाने की कोशिश है। यह कंपनी का लक्ष्य है, किसी स्वास्थ्य लाभ का प्रमाणित दावा नहीं।

अनाजू की कार्यशैली में गुणवत्ता और पारदर्शिता को प्रमुखता दी गई है। कंपनी किसानों और भरोसेमंद आपूर्तिकर्ताओं से खाद्य उत्पाद जुटाती है। ग्राहकों तक पहुंचाने से पहले उत्पादों की कई स्तरों पर जांच करने की बात कही गई है।

कंपनी ने अपना सिद्धांत परिवार से जुड़ी एक सरल कसौटी के रूप में बताया है। उसके मुताबिक, जो उत्पाद अपने परिवार के लिए ठीक न हो, उसे दूसरे परिवारों तक भी नहीं पहुंचाना चाहिए। यह सोच कंपनी के गुणवत्ता संबंधी दावे का आधार है।

करीब 120 उत्पादों की श्रृंखला

कंपनी के उत्पाद समूह में करीब 120 तरह के खाद्य उत्पाद शामिल हैं। इनमें अनाज, दालें, आटा, मसाले, बीज और सूखे मेवे हैं। इसके अलावा अन्य खाद्य उत्पाद भी इस श्रृंखला का हिस्सा हैं।

इतने अलग-अलग उत्पाद रखने से कंपनी ग्राहकों की कई जरूरतों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। अनाजू ने अपनी वेबसाइट और ऑनलाइन बाजारों के जरिए बिक्री शुरू की है। कंपनी वेबसाइट के साथ फ्लिपकार्ट पर भी उत्पाद उपलब्ध कराती है। कंपनी ने अमेजन पर अपनी मौजूदगी बनाने की जानकारी भी दी है।

ऑनलाइन बिक्री से ब्यावरा के बाहर के ग्राहकों तक पहुंचने का रास्ता खुलता है। इससे स्थानीय उद्यम अपने उत्पाद व्यापक बाजार में दिखा सकता है।

महिलाओं समेत 25 लोगों को रोजगार

कंपनी के अनुसार, अब तक 25 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार दिया गया है। इनमें 19 महिलाएं शामिल हैं। वे उत्पादों की छंटाई और सफाई जैसे काम मजदूरी के आधार पर करती हैं।

यह रोजगार ब्यावरा और आसपास के क्षेत्र में स्थानीय अवसर तैयार करने की पहल का हिस्सा है। महिलाओं को काम मिलने से उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ सकती है। कितनी महिलाओं को नियमित काम मिलता है या उनकी मजदूरी कितनी है, इसकी जानकारी साझा नहीं की गई है।

कंपनी का कहना है कि उसकी गतिविधियों से कई लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार भी मिला है। इस दावे में काम के प्रकार और लाभार्थियों की संख्या का अलग ब्योरा नहीं दिया गया है। फिर भी स्थानीय स्तर पर उद्यम बढ़ने से आपूर्ति, पैकिंग और अन्य सेवाओं में अवसर बन सकते हैं।

किसानों से जुड़ने का लक्ष्य

अनाजू अपने उत्पाद किसानों और आपूर्तिकर्ताओं से प्राप्त करता है। आगे कंपनी किसानों के सहयोग को बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। इससे स्थानीय कृषि उत्पादों को बाजार से जोड़ने की संभावना बन सकती है।

कंपनी का आगामी लक्ष्य खाद्य प्रसंस्करण और पैकेजिंग की क्षमता विकसित करना है। इससे उत्पादों को तैयार करने और ग्राहकों तक भेजने की प्रक्रिया को स्थानीय स्तर पर बढ़ाया जा सकता है। यह योजना कितने समय में लागू होगी, इसकी समयसीमा नहीं बताई गई है।

स्टार्टअप एक्सीलरेट में चयन

अनाजू को स्टार्टअप एक्सीलरेट, कोल्हापुर के 10 चयनित स्टार्टअप में शामिल किया गया है। कंपनी ने इसे अपने सफर का अहम पड़ाव बताया है। उपलब्ध जानकारी में चयन की तारीख या कार्यक्रम से मिली सहायता का विवरण नहीं है।

कंपनी अब उत्पादों की पहुंच बढ़ाने और गुणवत्ता पर ध्यान बनाए रखने की बात कहती है। आधुनिक तकनीक का उपयोग भी उसकी आगे की योजनाओं में शामिल है। स्टार्टअप कार्यक्रम में चयन से उसे पहचान मिल सकती है, लेकिन इससे कारोबार की सफलता अपने आप तय नहीं होती।

कंपनी का विस्तार इस बात पर निर्भर करेगा कि वह ग्राहकों का भरोसा कैसे बनाए रखती है। उत्पादों की नियमित उपलब्धता, गुणवत्ता जांच और स्पष्ट जानकारी इसमें अहम रहेंगे। स्थानीय उद्यम के लिए बाजार तक पहुंच बनाना भी एक बड़ी चुनौती हो सकती है।

‘अनाजू एआई’ और क्यूआर योजना

कंपनी भविष्य में ‘Anaajoo AI’ विकसित करना चाहती है। इसके जरिए ग्राहकों की आहार संबंधी जरूरतों, पसंद और लक्ष्यों के अनुसार खाद्य योजनाएं सुझाने की योजना है। यह सेवा अभी भविष्य की योजना के रूप में बताई गई है।

कंपनी के मुताबिक, यह तकनीक अनाजू के उपयुक्त उत्पादों के सुझाव भी दे सकती है। इसकी शुरुआत कब होगी और यह किन जानकारियों के आधार पर सुझाव देगी, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। आहार संबंधी सुझावों की उपयोगिता और सीमाएं भी योजना लागू होने पर स्पष्ट होंगी।

अनाजू क्यूआर कोड आधारित ट्रेसेबिलिटी व्यवस्था शुरू करने की योजना भी बना रहा है। इससे ग्राहक उत्पाद के स्रोत, प्रसंस्करण और गुणवत्ता जांच की जानकारी देख सकेंगे। कंपनी का उद्देश्य आपूर्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है।

ऐसी व्यवस्था से ग्राहक उत्पाद के बारे में अधिक जानकारी पा सकते हैं। इसके लिए कंपनी को उत्पादों से जुड़ा भरोसेमंद और अद्यतन रिकॉर्ड रखना होगा। फिलहाल यह योजना है; इसके लागू होने की तारीख उपलब्ध नहीं है।

राष्ट्रीय बाजार तक पहुंच का लक्ष्य

अनाजू ब्यावरा से शुरू होकर राजगढ़ जिले के ब्रांड के रूप में देशभर के ग्राहकों तक पहुंचना चाहता है। कंपनी स्थानीय रोजगार बढ़ाने, किसानों से जुड़ने और अपनी प्रसंस्करण क्षमता विकसित करने को आगे की प्राथमिकताएं बता रही है।

प्रशासन के निर्देशन में ऐसी पहलें स्थानीय उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा देने के व्यापक लक्ष्य से जुड़ती हैं। इस मामले में कंपनी की वास्तविक प्रगति उसके उत्पादों की गुणवत्ता, बाजार में मांग और संचालन के विस्तार से आंकी जाएगी।

फिलहाल अनाजू की पहल में स्थानीय कारोबार, महिला रोजगार और डिजिटल बिक्री के प्रयास एक साथ दिखाई देते हैं। कंपनी ने अपनी योजनाओं में तकनीक और पारदर्शिता को भी जगह दी है। आने वाले समय में इन योजनाओं का क्रियान्वयन तय करेगा कि ब्यावरा का यह ब्रांड कितनी दूर तक पहुंचता है।

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