किसान की बात,सूत्र के साथ

हाटपीपल्या मंडी में 500 रु. तक कम मिल रहा भाव, किसान बोले- अन्नदाता को ही क्यों होना पड़ रहा परेशान

newz@gmail.com | Oct 23, 2026, 19:16 IST

देवास जिले की हाटपीपल्या मंडी में किसानों ने कम भाव और नीलामी में कथित पक्षपात की शिकायत की। किसानों का दावा है कि दूसरी मंडियों से 500 रुपए प्रति क्विंटल तक कम दाम मिल रहे हैं। उन्होंने पानी, शौचालय और किसान भवन की व्यवस्था सुधारने की मांग की।

मंडी

संजय शर्मा@भोपाल. देवास जिले की हाटपीपल्या कृषि उपज मंडी में किसानों को उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। निरीक्षण में भाव में भारी अंतर, नीलामी में पक्षपात और मूलभूत सुविधाओं की कमी सामने आई है। मंडी में नीलामी में अव्यवस्थाओं से नाराज किसान राधे जाट, कैलाश जाट, सचिन जाट, आकाश जाट, नीरज मकवाना और श्याम जाट ने मंडी प्रशासन से शिकायत की। इस दौरान किसानों की भीड़ ने मंडी सचिव कार्यालय के सामने हंगामा और नारेबाजी भी की।

मंडी की व्यवस्थाओं पर सवाल

किसानों ने मंडी की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए। किसान राधे जाट ने कहा कि मंडी में नीलामी पारदर्शी नहीं होती है। कुछ व्यापारियों के इशारे पर बोली लगाई जाती है। इससे किसान ठगा हुआ महसूस करता है। किसानों को सबसे बड़ी शिकायत भाव को लेकर है। किसान कैलाश जाट ने बताया कि बरोठा, देवास और इंदौर की तुलना में हाटपीपल्या में 500 रुपए प्रति क्विंटल तक कम भाव मिल रहा है।

सोयाबीन और गेहूं के दाम में अंतर

किसान सचिन जाट ने कहा कि सोयाबीन और गेहूं के दाम में भारी अंतर है। एक ही क्वालिटी की उपज का बाहर ज्यादा पैसा मिल रहा है। इससे हर ट्रॉली पर हजारों का नुकसान हो रहा है। मंडी में खरीदी व्यवस्था की निगरानी नहीं होने से किसान मजबूरी में कम दाम पर उपज बेच रहे हैं।मंडी में मूलभूत सुविधाओं की भी कमी है।

गर्मी में पीने का पानी तक नहीं

इस दौरान सस्ता भोजन, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और स्नानघर की अव्यवस्था पर भी सवाल उठाए। किसान आकाश जाट ने कहा कि दूर से आने वाले किसानों के लिए रात रुकने की जगह नहीं है। किसान भवन में ताला लगा रहता है। नीरज मकवाना ने बताया कि गर्मी में पीने के पानी के लिए भटकना पड़ता है। शौचालय में गंदगी है। अन्नदाता दिन-रात मेहनत कर देश का पेट भरता है। लेकिन मंडी में उसे सम्मान भी नहीं मिलता। किसानों ने मंडी प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग की है।

किसानों की मांग- नीलामी में पारदर्शिता हो

किसान श्याम जाट ने कहा कि हमारी प्रमुख मांग है कि उचित भाव, पारदर्शी नीलामी और सम्मानजनक सुविधाएं मिलें। अन्नदाता को अपनी ही मंडी में परेशानी क्यों उठानी पड़े। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर समाधान नहीं हुआ तो यह मुद्दा उच्च अधिकारियों के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा।

ये भी पढ़ें…

कपास-अरहर के बीच हो रही थी गांजे की खेती, धार पुलिस की कार्रवाई में 1501 पौधे जब्त

मध्यप्रदेश में गेहूं की फसल पर पानी का दबाव, क्या बदल जाएगी खेती की तस्वीर?

एमपी के छह जिलों में सूखे जैसे हालात, गेहूं का रकबा 1.73 लाख हेक्टेयर घटने का अनुमान, चना-सरसों की ओर जा रहे किसान

MP के आदिवासी जिले आलीराजपुर-झाबुआ सूखे: खरीफ फसल प्रभावित, रबी में भी पानी का संकट, दिवाली बाद पलायन की आशंका

GENERAL newz@gmail.com

Read more