किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने बड़ा ऐलान किया है। किसानों ने पहले 28 अगस्त तक दिल्ली पहुंचने की बात कही थी। लेकिन अब वे दिल्ली जाने के बजाय खनौरी बॉर्डर पर ही डटे रहेंगे। हरियाणा प्रशासन के साथ बातचीत में सहमति नहीं बन पाई। किसानों ने कहा है कि वे सड़क जाम नहीं करेंगे, बल्कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जारी रखेंगे।
किसान आंदोलन को लेकर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने हरियाणा प्रशासन के साथ हुई बातचीत का ब्योरा देते हुए बताया कि किसान फिलहाल खनौरी बॉर्डर पर ही डटे रहेंगे। दरअसल किसानों ने पहले 28 अगस्त तक दिल्ली पहुंचने का ऐलान किया था। लेकिन अब उन्होंने खनौरी बॉर्डर पर ही अपना मोर्चा जारी रखने का फैसला किया है।
डल्लेवाल ने बताया कि किसान अपने घरों से 28 अगस्त तक की पूरी तैयारी करके आए हैं, इसलिए अब यहीं लगातार मोर्चा लगाया जाएगा। किसानों ने यह भी कहा है कि वे सड़क जाम नहीं करेंगे। इसके बजाय एक तरफ बैठकर शांतिपूर्वक अपना विरोध जारी रखेंगे।
ट्रेड डील रद्द कराना है असल मकसद
किसान नेताओं का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच होने वाली संभावित ट्रेड डील को रद्द करवाना उनका असल मकसद है। किसान इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से सीधी बातचीत करना चाहते हैं।
डल्लेवाल ने कहा कि अगर कृषि मंत्रालय से जुड़े केंद्र के अधिकारी या मंत्री बातचीत के लिए आगे आते हैं, तो किसान उनके साथ बैठक करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
हरियाणा प्रशासन से बातचीत बेनतीजा
हरियाणा प्रशासन और किसान नेताओं के बीच दिल्ली यात्रा को लेकर बातचीत हुई थी। प्रशासन ने दिल्ली जाने वाले किसानों की संख्या 51 से कम करने की मांग रखी थी। इस पर किसान संगठनों ने 41 लोगों का जत्था भेजने का प्रस्ताव दिया।
लेकिन प्रशासन 41 की संख्या पर भी सहमत नहीं हुआ। सहमति न बनने के बाद अब किसान नेताओं ने दिल्ली कूच के बजाय खनौरी बॉर्डर पर ही 28 अगस्त तक शांतिपूर्ण ढंग से डटे रहने का फैसला लिया है।
