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YouTube से सीखी स्ट्रॉबेरी की खेती, महिला किसान ने सालभर में कमाए 10 लाख रुपए; आप भी आजमा सकते हैं यह तरीका

newz@gmail.com | Sep 24, 2026, 18:01 IST

मिजोरम की महिला किसान जेड टी लालरिथांगी ने स्ट्रॉबेरी खेती से कमाई का नया मॉडल बनाया है। 1000 पौधों से शुरू हुई खेती अब दो हेक्टेयर तक पहुंच गई है। साल 2025 में उन्होंने स्ट्रॉबेरी से 10 लाख रुपए से ज्यादा कमाए।

स्ट्रॉबेरी की खेती

मिजोरम के लॉन्गतलाई जिले के सांगाउ गांव की रहने वाली जेड टी लालरिथांगी ने खेती को अपना व्यवसाय बनाया है। उन्होंने स्ट्रॉबेरी की खेती से अपनी आमदनी बढ़ाई है। शुरुआत छोटे स्तर से हुई थी, लेकिन मेहनत और नई तकनीक से उन्होंने इसे बड़े कारोबार में बदल दिया।

लालरिथांगी ने साल 2024 में करीब 1000 स्ट्रॉबेरी पौधों के साथ खेती शुरू की थी। पहली ही फसल से उन्हें लगभग 1.5 लाख रुपए की कमाई हुई। इससे उनका भरोसा बढ़ा और उन्होंने खेती का विस्तार करने का फैसला लिया।

अब वह करीब दो हेक्टेयर जमीन में 10 हजार से ज्यादा स्ट्रॉबेरी पौधों की खेती कर रही हैं। इसके अलावा वह एवोकाडो, केला और दूसरी फल-सब्जियों का उत्पादन भी करती हैं।

1000 पौधों से 10 लाख रुपए तक

साल 2025 में लालरिथांगी ने स्ट्रॉबेरी खेती से 10 लाख रुपए से ज्यादा की कमाई की। उन्होंने सिर्फ ताजा फल बेचने तक खेती सीमित नहीं रखी। वह स्ट्रॉबेरी को प्रोसेस करके स्थानीय बाजार में स्ट्रॉबेरी वाइन भी बेचती हैं।

इससे उन्हें खेती से अतिरिक्त आमदनी मिली। उनका मॉडल बताता है कि किसान सिर्फ फसल उत्पादन तक सीमित नहीं रहें। कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग और बाजार से जुड़कर कमाई बढ़ाई जा सकती है।

YouTube से सीखी खेती की तकनीक

लालरिथांगी के पास स्ट्रॉबेरी उत्पादन की कोई औपचारिक ट्रेनिंग नहीं थी। उन्होंने इंटरनेट और YouTube के माध्यम से खेती की तकनीक सीखी। उन्होंने दूसरे किसानों से भी जानकारी ली। मौसम, पौधों की देखभाल और उत्पादन बढ़ाने के तरीकों को समझा।

इसके बाद उन्होंने अपने खेत में इन तकनीकों का इस्तेमाल किया। तीन बच्चों की जिम्मेदारी के साथ खेती करना उनके लिए आसान नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने समय निकालकर खेती से जुड़ी जानकारी हासिल की।

खेती को बनाया आत्मनिर्भरता का रास्ता

खेती शुरू करने से पहले लालरिथांगी निजी स्कूल में शिक्षक थीं। उन्होंने समाजशास्त्र में पोस्टग्रेजुएशन किया है। सरकारी नौकरी की कोशिशों के बाद उन्होंने खेती को अपना करियर बनाया। उनका कहना है कि कमाई के लिए सिर्फ नौकरी ही विकल्प नहीं है। मेहनत और सही योजना के साथ खेती से भी अच्छी आय हासिल की जा सकती है।

महिला किसानों के लिए बनी उदाहरण

लालरिथांगी का चयन संयुक्त राष्ट्र की संस्था खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के “100 Women Heroes in Agrifood Systems and Rural Development” सम्मान के लिए हुआ है। यह सम्मान International Year of Women Farmers 2026 के तहत दिया जा रहा है। इसके लिए 131 देशों की 600 से ज्यादा महिलाओं को नामित किया गया था। भारत से दो महिला किसानों का चयन हुआ है। लालरिथांगी को अक्टूबर में इटली के रोम स्थित FAO मुख्यालय में सम्मान दिया जाएगा।

खेती में मिला परिवार का साथ

लालरिथांगी की सफलता में परिवार का भी बड़ा योगदान रहा। उनके पति और सास-ससुर ने खेती में सहयोग किया। खेती के काम में मजदूरों की मदद लेने के साथ परिवार भी समय देता है। इसी सहयोग से उन्होंने छोटे स्तर की खेती को बड़े व्यवसाय में बदला। उनकी कहानी बताती है कि सही फसल चयन, मेहनत और बाजार की समझ से किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं।

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