मध्य प्रदेश में 14 अक्टूबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में बादल छाने और बारिश होने की संभावना है। हालांकि, सभी जिलों में भारी बारिश का अनुमान नहीं है।
मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बारिश और आंधी की संभावना बताई गई है। वहीं, अन्य पूर्वानुमानों में पश्चिमी मध्य प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को बारिश के संकेत हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश संभव है। किसानों और ग्रामीणों को अपने जिले का स्थानीय पूर्वानुमान भी देखना चाहिए। खासकर खेतों में कटाई के बाद रखी फसल को खुले में न छोड़ें। तेज हवा की आशंका होने पर हल्के तिरपाल और अस्थायी ढांचे सुरक्षित रखें।
छत्तीसगढ़ में बारिश के आसार
छत्तीसगढ़ में 14 अक्टूबर के आसपास कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। मौसम रिपोर्टों के अनुसार, राज्य में 13 से 18 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं बारिश की संभावना है।
हालांकि, पूरे राज्य में भारी बारिश की पुष्टि नहीं होती। अलग-अलग जिलों में मौसम की स्थिति अलग रह सकती है। किसानों को स्थानीय मौसम अपडेट के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनानी चाहिए।
धान की कटाई शुरू करने वाले किसान खेतों की स्थिति पर नजर रखें। कटी फसल को खेत में लंबे समय तक खुला न छोड़ें। धान की बालियों और अनाज को नमी से बचाने के लिए सुरक्षित जगह रखें। यदि बारिश की संभावना हो, तो कटाई और मड़ाई का समय सावधानी से तय करें।
राजस्थान में आंधी का अनुमान
राजस्थान में 14 अक्टूबर को कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है। मौसम रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।
पश्चिमी राजस्थान में हवा और धूल भरी आंधी का असर स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में भी बादल और हल्की बारिश हो सकती है। लेकिन हर जिले में एक जैसी स्थिति रहने की संभावना नहीं है।
किसानों को खेतों में रखी उपज को ढककर रखना चाहिए। मंडियों और खुले स्थानों पर रखे अनाज को भी सुरक्षित करें। तेज हवाओं के दौरान तिरपाल और अस्थायी शेड उड़ने का खतरा रहता है। इसलिए उन्हें मजबूती से बांधना जरूरी है।
बाकी देश में कैसा रहेगा मौसम?
14 अक्टूबर को उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान की मीडिया रिपोर्टों में दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा के लिए आंधी-तूफान का उल्लेख है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी संभावना बताई गई है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
अक्टूबर में कई किसान सोयाबीन, धान और दूसरी खरीफ फसलों की कटाई करते हैं। ऐसे समय में अचानक बारिश होने से उपज की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। खेत में पड़ी फसल भीगने से सुखाने और भंडारण में परेशानी बढ़ सकती है।
किसानों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार कटाई और मड़ाई की योजना बनानी चाहिए। कटी फसल को ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर रखें। अनाज को ढकने के लिए तिरपाल तैयार रखें। भंडारण वाली जगह पर पानी जमा होने से रोकें।
यदि तेज हवा या गरज-चमक हो, तो खुले खेतों में काम करने से बचें। बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों। सुरक्षित पक्के स्थान पर पहुंचें और मौसम सामान्य होने तक इंतजार करें।
किसानों को अपने जिले के कृषि विभाग और मौसम विभाग की सलाह को प्राथमिकता देनी चाहिए। बारिश की संभावना देखकर सिंचाई और छिड़काव जैसे काम भी तय करें। बारिश से ठीक पहले छिड़काव करने पर दवा बह सकती है। इससे लागत बढ़ सकती है और असर घट सकता है।
ये भी पढ़ें…
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में आज मौसम साफ, राजस्थान में गरज-चमक और तेज हवा की संभावना
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक का दौर, राजस्थान में आज मौसम साफ रहने का अनुमान
