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आज का मौसम: एमपी-सीजी के कई जिलों में हल्की से मध्यम तो राजस्थान के चार जिलों में भारी बारिश के आसार

newz@gmail.com | Sep 18, 2026, 08:00 IST

18 सितंबर यानी शुक्रवार को पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश बढ़ने के आसार हैं। राजस्थान के चार जिलों में भारी बारिश संभव है। तीनों राज्यों में बिजली और तेज हवाओं से फसलों तथा पशुधन को खतरा हो सकता है।

मौसम का हाल

देश के कई हिस्सों में 18 सितंबर को मानसून सक्रिय रहेगा। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बारिश की संभावना है। इन राज्यों में मौसम का असर एक जैसा नहीं रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का फैलाव अधिक रह सकता है। छत्तीसगढ़ के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश संभव है। राजस्थान में पूर्वी और पश्चिमी भागों में बारिश जारी रह सकती है।

मौसम बदलने की वजह

मानसून की द्रोणिका कई राज्यों से होकर गुजर रही है। इसका पश्चिमी सिरा राजस्थान के बीकानेर क्षेत्र से जुड़ा है। आगे यह उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड की तरफ जाती है।

सौराष्ट्र और उत्तर-पूर्व अरब सागर पर कम दबाव बना हुआ है। कई ऊपरी हवा प्रणालियां भी मौसम को प्रभावित कर रही हैं। इनके कारण मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में नमी बनी रहेगी।

उत्तरी अंडमान सागर पर भी नई मौसमी गतिविधि बन सकती है। यह प्रणाली 18 सितंबर की शाम तक वहां पहुंच सकती है। इसके असर से 19 सितंबर को नया कम दबाव बन सकता है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में अधिक बारिश, पश्चिम में कहीं-कहीं

राष्ट्रीय पूर्वानुमान में पूर्वी मध्य प्रदेश पर अधिक बारिश का संकेत है। यहां 17 और 18 सितंबर को व्यापक बारिश संभव है। बारिश के साथ गरज और आकाशीय बिजली भी गिर सकती है। सिंगरौली, सीधी, रीवा और मऊगंज इसमें शामिल हैं। अनूपपुर, शहडोल और डिंडौरी में भी कई स्थानों पर बारिश संभव है।

भोपाल, विदिशा, रायसेन और सीहोर में कुछ स्थानों पर बारिश संभव है। नर्मदापुरम, गुना, अशोकनगर और शिवपुरी में भी ऐसा मौसम रह सकता है। ग्वालियर, चंबल और जबलपुर क्षेत्रों में भी बौछारें संभव हैं।

पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश कहीं-कहीं या कुछ स्थानों पर हो सकती है। दोनों मौसम क्षेत्रों में बिजली गिरने का खतरा बताया गया है। हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा चल सकती हैं।

छत्तीसगढ़ में 19 से बढ़ेंगी मानसूनी गतिविधियां

छत्तीसगढ़ में 18 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़ सकता है। राज्य में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश संभव है। एक-दो स्थानों पर गरज के साथ बिजली गिर सकती है।

रायपुर मौसम केंद्र के अनुसार 19 सितंबर से गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। भारी बारिश का मुख्य दौर 20 सितंबर से शुरू हो सकता है। 18 सितंबर को व्यापक हल्की से मध्यम बारिश प्रमुख संभावना है। बिजली का खतरा फिर भी किसानों और पशुपालकों के लिए गंभीर रहेगा।

राजस्थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ में भारी बारिश

राजस्थान में 18 सितंबर को बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। भरतपुर, कोटा, उदयपुर, जयपुर और अजमेर संभाग प्रभावित हो सकते हैं। इन संभागों में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है। बीकानेर और जोधपुर संभाग में भी कुछ स्थानों पर बारिश संभव है। राज्य में गरज, बिजली और तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है।

बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर में भारी बारिश संभव है। इन जिलों में बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी भी है। कई अन्य जिलों में गरज-बिजली का पीला अलर्ट रहेगा। जयपुर, अजमेर, अलवर और कोटा इनमें शामिल हैं। भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर में भी चेतावनी है। पश्चिम में बालोतरा, बाड़मेर, जोधपुर और नागौर प्रभावित हो सकते हैं।

पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून जल्द लौट सकता है। वापसी के लिए 19 सितंबर के आसपास परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। इसके बाद पश्चिमी भागों में बारिश घटने का अनुमान है।

किसानों के लिए चेतावनी

मध्य प्रदेश में दाल, तिलहन और सब्जियों वाले खेतों की निगरानी जरूरी है। निचले खेतों से पानी निकालने की व्यवस्था तुरंत दुरुस्त करनी चाहिए। जलभराव से जड़ों और तैयार फसल को नुकसान हो सकता है। मक्का और दूसरी फसलों में खाद का प्रयोग सावधानी से करें। पर्याप्त बारिश और उचित नमी के बाद ही बची खाद डालें। मौसम साफ होने तक छिड़काव और सिंचाई टालना बेहतर रहेगा।

सब्जियों, बेल वाली फसलों और छोटे पौधों को सहारा दें। पॉलीहाउस और शेड नेट को तेज हवा से सुरक्षित करें। कटी उपज, बीज और कृषि यंत्र सूखी जगह रखें। छत्तीसगढ़ में खड़ी और लंबी फसलें तेज हवा से गिर सकती हैं। अधिक नमी से फफूंद और कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है। कटाई, मड़ाई और सुखाई का काम मौसम देखकर करें।

राजस्थान में तैयार खरीफ फसल को भीगने से बचाना जरूरी है। मंडियों में खुले रखे अनाज को सुरक्षित जगह पहुंचाएं। कीटनाशक छिड़काव से पहले बारिश का ताजा पूर्वानुमान जरूर देखें।

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