राजस्थान के किसानों के लिए अटल भूजल योजना से जुड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार लंबित सब्सिडी का भुगतान करेगी। इसके लिए राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि से राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसका फैसला लिया है।
अटल भूजल योजना राजस्थान के 17 जिलों में लागू थी। इसका संचालन 1 अप्रैल 2020 से शुरू हुआ था। यह योजना भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की थी। योजना का उद्देश्य भूजल प्रबंधन और जल संरक्षण को बढ़ावा देना था।
योजना के तहत किसानों को कई सुविधाओं पर सब्सिडी मिलती थी। इसमें फार्म पौंड और सिंचाई पाइपलाइन शामिल थे। डिग्गी और कृषि यंत्रों पर भी सहायता दी गई। फसल बदलाव मिनीकिट और फव्वारा भी इसमें शामिल थे। मिनी स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई को भी सहायता मिली।
157 करोड़ रुपए की देनदारी
राज्य सरकार के अनुसार करीब 157 करोड़ रुपए लंबित हैं। यह राशि कृषि और उद्यानिकी विभागों से जुड़ी है। कृषि विभाग की देनदारी करीब 90.91 करोड़ रुपए है। उद्यानिकी विभाग की देनदारी करीब 66.16 करोड़ रुपए है।
दोनों विभागों की लंबित राशि करीब 157 करोड़ रुपए बैठती है। यह भुगतान योजना के बंद होने के बाद अटका था। राज्य सरकार अब इसे अपने स्तर पर चुकाएगी।
सरकार ने भुगतान के लिए राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि चुनी है। इसे SDMF (State Disaster Mitigation Fund) कहा जाता है। वित्त विभाग ने राशि जारी करने की मंजूरी दे दी है।
क्यों अटकी थी किसानों की राशि
राज्य सरकार के बयान के अनुसार भुगतान पहले केंद्र स्तर पर अटका था। 15 अक्टूबर 2025 के बाद योजना का क्रियान्वयन नहीं हुआ। इसके कारण किसानों की सब्सिडी का भुगतान लंबित रह गया।
सरकार के अनुसार योजना की प्रशासनिक मंजूरी में भी देरी हुई। इसके बाद केंद्र से अनुदान भुगतान में असमर्थता जताई गई। राजस्थान सरकार ने इस मामले को लेकर पत्राचार किया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी इस मुद्दे पर कदम उठाया। कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने भी पत्राचार किया। राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष ने भी प्रयास किए। मुख्य सचिव स्तर से भी जल शक्ति मंत्रालय को पत्र भेजे गए।
इसके बाद राज्य सरकार ने लंबित भुगतान खुद करने का निर्णय लिया। इसके लिए आपदा न्यूनीकरण निधि से पैसा देने का फैसला हुआ।
कृषि विभाग को 90 करोड़ जारी
वित्त विभाग ने कृषि विभाग के लिए करीब 90 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। कुल कृषि विभाग की देनदारी 90.91 करोड़ रुपए है। संबंधित जिला परिषदों को बजट आवंटन के आदेश दिए गए हैं। जिला कृषि अधिकारियों को भी निर्देश जारी हुए हैं।
कृषि आयुक्त नरेश गोयल ने ये आदेश जारी किए हैं। अधिकारियों को पात्र किसानों का सत्यापन पूरा करना होगा। इसके बाद भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसका मतलब है कि सभी किसानों को तुरंत भुगतान नहीं मिलेगा। पहले पात्रता और दावों का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन पूरा होने के बाद भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
उद्यानिकी किसानों को भी राहत
अटल भूजल योजना के तहत उद्यानिकी विभाग की राशि भी लंबित है। विभाग की करीब 66.16 करोड़ रुपए की देनदारी है। इसके भुगतान की अलग प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
इस राशि से जुड़े पात्र किसानों को भी भुगतान मिलेगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फिलहाल कृषि विभाग के भुगतान की प्रक्रिया पहले आगे बढ़ी है।
उद्यानिकी विभाग की राशि का भुगतान भी राज्य सरकार करेगी। इसके लिए अलग से प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई है। इससे लंबित भुगतान वाले किसानों को राहत मिल सकती है।
किन कामों पर मिलती थी सब्सिडी
अटल भूजल योजना में किसानों को कई जल प्रबंधन सुविधाओं पर सहायता मिली। फार्म पौंड इसका प्रमुख हिस्सा था। इससे खेत में पानी जमा करने की सुविधा मिलती है। सिंचाई पाइपलाइन पर भी सब्सिडी का प्रावधान था।
किसानों को डिग्गी बनाने में भी सहायता दी जाती थी। कृषि यंत्रों पर भी योजना के तहत लाभ मिलता था। फसल बदलाव के लिए मिनीकिट दिए जाते थे। फव्वारा और मिनी स्प्रिंकलर जैसी सिंचाई सुविधाएं भी शामिल थीं। ड्रिप सिंचाई को भी योजना में जगह दी गई थी। इन उपायों का संबंध पानी के बेहतर इस्तेमाल से था।
किसानों को कैसे मिलेगा भुगतान
लंबित सब्सिडी पाने के लिए पात्रता जरूरी होगी। संबंधित अधिकारियों को किसानों का सत्यापन करना होगा। इसके बाद ही भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इसलिए किसानों के दस्तावेज और दावे जांचे जाएंगे।
सरकार ने अधिकारियों को सत्यापन जल्द पूरा करने को कहा है। कृषि विभाग के जिला स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। जिला परिषदों के स्तर पर भी बजट आवंटित किया गया है।
किसानों के लिए सबसे अहम बात भुगतान की प्रक्रिया है। अभी उपलब्ध जानकारी में व्यक्तिगत भुगतान की तारीख नहीं बताई गई है। इसलिए किसानों को विभागीय सूचना का इंतजार करना होगा।
मंत्री ने क्या कहा
कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने किसानों को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उनके अनुसार विभाग लंबित भुगतान जल्द पूरा करने पर काम कर रहा है।
मंत्री ने कहा कि किसानों को उनका हक समय पर मिले। इसके लिए विभाग जरूरी प्रक्रिया पूरी कर रहा है। हालांकि, उपलब्ध बयान में व्यक्तिगत भुगतान की तारीख नहीं बताई गई है।
राज्य सरकार का फैसला लंबित देनदारी को निपटाने से जुड़ा है। अब भुगतान की गति सत्यापन और विभागीय प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
किसानों के लिए क्या मायने
अटल भूजल योजना की सब्सिडी लंबे समय से लंबित थी। अब राज्य सरकार ने इसके भुगतान का रास्ता साफ किया है। कृषि विभाग के लिए करीब 90 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए हैं। उद्यानिकी विभाग की राशि के लिए भी प्रक्रिया शुरू हो रही है।
इससे उन किसानों को राहत मिल सकती है। जिन्होंने योजना के तहत काम कराया और सब्सिडी का इंतजार किया। हालांकि, भुगतान केवल पात्र किसानों को मिलेगा। पहले विभागीय सत्यापन पूरा होना जरूरी है। इस फैसले से जल प्रबंधन से जुड़े कामों का भुगतान भी आगे बढ़ेगा। किसानों ने फार्म पौंड और सिंचाई सुविधाओं पर निवेश किया था। अब लंबित सहायता मिलने से उनकी वित्तीय स्थिति पर असर पड़ सकता है।
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