किसान की बात,सूत्र के साथ

राष्ट्रीय मसाला सम्मेलन में किसानों की आय, खाद्य सुरक्षा और बाजार पहुंच पर जोर, जयपुर में जुटे मसाला क्षेत्र के विशेषज्ञ

newz@gmail.com | Sep 22, 2026, 19:41 IST

जयपुर में 5वां राष्ट्रीय मसाला सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें किसान, FPO, उद्योग और विशेषज्ञ शामिल हुए। सम्मेलन में किसानों की आय, खाद्य सुरक्षा, तकनीक, बाजार पहुंच और मसाला निर्यात से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

मसाला सम्मेलन

जयपुर में 5वां राष्ट्रीय मसाला सम्मेलन आयोजित किया गया। यह सम्मेलन 19 और 20 सितंबर को हुआ। आयोजन नोवोटेल जयपुर कन्वेंशन सेंटर में हुआ। वर्ल्ड स्पाइस ऑर्गनाइजेशन WSO ने इसका आयोजन किया। सम्मेलन की थीम किसानों को सशक्त बनाना थी। इसके साथ उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर भी जोर रहा।

सम्मेलन में मसाला क्षेत्र से जुड़े कई लोग पहुंचे। इसमें किसान और किसान उत्पादक संगठन शामिल रहे। FPO यानी Farmer Producer Organisation भी इसमें शामिल हुए। उद्योग प्रतिनिधि और नीति निर्माता भी मौजूद रहे। नियामक, शोधकर्ता और तकनीक विशेषज्ञ भी जुटे।

किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

सम्मेलन में किसानों की आय सबसे अहम मुद्दों में रही। बेहतर बाजार संपर्क पर विस्तार से चर्चा हुई। किसानों की तकनीक तक पहुंच बढ़ाने पर भी बात हुई। मूल्य श्रृंखला में किसानों की भागीदारी पर जोर दिया गया।

मसाला किसानों को बाजार से बेहतर जोड़ने की जरूरत बताई गई। इससे उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकता है। FPO की भूमिका भी चर्चा के केंद्र में रही। किसान समूह बाजार में सामूहिक ताकत बढ़ा सकते हैं। सम्मेलन में टिकाऊ खेती पर भी चर्चा हुई। जिम्मेदार सोर्सिंग को भी जरूरी बताया गया। किसानों, FPO, प्रोसेसर और खरीदारों के सहयोग पर जोर रहा।

WSO चेयरमैन ने क्या कहा

WSO के चेयरमैन रामकुमार मेनन ने महत्वपूर्ण बात रखी। उन्होंने मसाला क्षेत्र में किसानों के लिए अधिक मूल्य की जरूरत बताई। उनके अनुसार उपभोक्ताओं तक सुरक्षित उत्पाद पहुंचना भी जरूरी है। उन्होंने टिकाऊ उत्पादन पर ध्यान देने की बात कही। जिम्मेदार सोर्सिंग को भी उन्होंने जरूरी बताया। ट्रेसेबिलिटी और बाजार पहुंच पर भी जोर दिया।

मेनन के अनुसार मसाला क्षेत्र का भविष्य कई बातों पर निर्भर है। इनमें किसान सशक्तीकरण प्रमुख मुद्दा है। सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण मसाला उत्पादन भी जरूरी है। बदलती बाजार जरूरतों के अनुसार तैयारी भी जरूरी है।

खाद्य सुरक्षा पर बड़ी चर्चा

मसाला कारोबार में खाद्य सुरक्षा बेहद अहम मुद्दा है। सम्मेलन में इसी विषय पर विशेष चर्चा हुई। कीटनाशक अवशेषों से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। मसालों की गुणवत्ता संबंधी जरूरतों पर भी बात हुई। आपूर्ति श्रृंखला में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर रहा। किसानों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई गई। परीक्षण क्षमता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

अच्छी कृषि पद्धतियां अपनाने की जरूरत भी बताई गई। प्रसंस्करण के दौरान बेहतर तरीके अपनाने पर जोर रहा। इससे मसालों की गुणवत्ता और सुरक्षा बेहतर हो सकती है।

स्पाइसेस बोर्ड का क्या कहना है

स्पाइसेस बोर्ड के सचिव एमएस मणिवन्नन भी सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने किसान आय और गुणवत्ता को साथ लेकर चलने की बात कही। खाद्य सुरक्षा और बाजार पहुंच पर भी उन्होंने जोर दिया।

स्पाइसेस बोर्ड के सचिव एमएस मणिवन्नन स्टॉल पर मसालों की जानकारी लेते हुए।

मणिवन्नन ने स्पाइसेस बोर्ड की पहलों की जानकारी दी। बोर्ड उत्पादकता बढ़ाने में किसानों की मदद कर रहा है। बेहतर कटाई-पश्चात प्रक्रिया पर भी काम हो रहा है। गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को मजबूत करना भी लक्ष्य है। घरेलू बाजार की जरूरतों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग समझना भी जरूरी बताया गया।

तकनीक से बदल सकती है मसाला खेती

सम्मेलन में तकनीक पर भी विस्तार से चर्चा हुई। खेती की उत्पादकता बढ़ाने में तकनीक की भूमिका बताई गई। प्रसंस्करण में नई तकनीकों पर भी चर्चा हुई। डिजिटल ट्रेसेबिलिटी को महत्वपूर्ण विकल्प बताया गया। इससे उत्पाद की पूरी यात्रा समझने में मदद मिलती है। परीक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी जोर रहा। पोस्ट-हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी चर्चा हुई। आधुनिक वेयरहाउसिंग की जरूरत बताई गई। बेहतर सप्लाई चेन से नुकसान घटाने पर बात हुई।

किसानों ने अपनी समस्याएं भी बताईं

सम्मेलन में किसानों को अपनी बात रखने का अवसर मिला। FPO प्रतिनिधियों ने भी अपनी चुनौतियां साझा कीं। खेती से जुड़ी कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आईं। कटाई के बाद फसल संभालने की चुनौती बताई गई। बाजार तक पहुंच भी बड़ी समस्या बनी हुई है। बदलती बाजार जरूरतों को समझना भी जरूरी बताया गया।

किसानों ने खेत और बाजार के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई। उत्पादकों की प्राथमिकताओं पर ध्यान देने की बात हुई। वैश्विक बाजार की बदलती मांग भी चर्चा में रही।

खरीदार-विक्रेता बैठक से बाजार अवसर

सम्मेलन में बायर-सैलर मीट भी आयोजित की गई। इसका उद्देश्य किसानों को खरीदारों से जोड़ना था। इससे नए बाजार अवसर तैयार करने पर जोर रहा। ऐसी बैठकें FPO के लिए भी उपयोगी हो सकती हैं। किसान समूह सीधे संभावित खरीदारों से बातचीत कर सकते हैं। इससे बाजार की जरूरत समझने में मदद मिल सकती है।

जैविक खेती और प्रमाणन पर चर्चा

सम्मेलन में जैविक खेती पर भी सत्र रखा गया। जैविक प्रमाणन से जुड़े बदलते नियमों पर चर्चा हुई। किसानों और FPO के लिए प्रमाणन महत्वपूर्ण मुद्दा है। उपभोक्ता संरक्षण में FPO की भूमिका भी समझी गई। खरीदारों की जरूरतों को समझने पर जोर दिया गया। खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों पर भी चर्चा हुई।

मसाला किसानों के लिए क्यों अहम

भारत में मसाला उत्पादन बड़ी कृषि गतिविधियों में शामिल है। मसाले किसानों को घरेलू और विदेशी बाजार देते हैं। ऐसे में गुणवत्ता और बाजार पहुंच महत्वपूर्ण हैं। किसानों को बेहतर दाम दिलाने के लिए कई स्तर जरूरी हैं। इसमें उत्पादन से लेकर बिक्री तक सुधार शामिल है। तकनीक इस पूरी प्रक्रिया में मदद कर सकती है।

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