राजस्थान के नागौर जिले में 26 सितंबर की शाम मौसम अचानक बदल गया। अलाय गांव सहित आसपास के इलाकों में तेज आंधी आई। इसके बाद बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि हुई। कुछ ही देर में खेतों में ओलों की मोटी परत जम गई। ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि खेत सफेद नजर आने लगे। किसानों के अनुसार इस बारिश और ओलों ने तैयार फसलों को नुकसान पहुंचाया है।
कई किसानों ने बाजरे की फसल काटकर खेतों में रखी थी। बारिश के कारण कटी हुई फसल भी भीग गई। किसानों को अब फसल खराब होने और आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है।
फसलों पर पड़ी ओलों की मार
किसानों ने बताया कि दिन में मौसम सामान्य था। शाम होते ही आसमान में अचानक काले बादल छा गए। इसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। कुछ ही समय में ओलावृष्टि ने खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। ओलों की मार से खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने फसल तैयार करने में काफी मेहनत की थी।
कई किसानों ने बीज, खाद और सिंचाई पर पैसा खर्च किया था। अचानक आई प्राकृतिक आपदा से उनकी मेहनत पर असर पड़ा है। किसानों ने बताया कि फसल पकने के समय नुकसान होने से उनकी परेशानी बढ़ गई है।
नागौर के कई इलाकों में बारिश
रविवार सुबह से नागौर, मुंडवा, अलाय और कुचेरा क्षेत्र में बारिश जारी रही। मौसम में आए इस बदलाव से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। उन्हें डर है कि आगे भी बारिश जारी रही तो नुकसान बढ़ सकता है।
तेज हवा और बारिश के कारण कुछ जगहों पर पेड़ गिरने की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा बिजली के पोल टूटने और जलभराव जैसी परेशानियां भी देखने को मिलीं। ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पर लोगों की नजर बनी हुई है।
किसानों ने मांगा सर्वे
ओलावृष्टि प्रभावित किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि नुकसान का सही आकलन होना चाहिए। इसके बाद उन्हें राहत राशि और आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए।
किसानों के अनुसार फसल तैयार होने के समय नुकसान हुआ है। इससे उनकी पूरी मेहनत प्रभावित हुई है। उन्होंने प्रशासन से जल्द टीम भेजकर खेतों की स्थिति देखने की मांग की है। किसानों को उम्मीद है कि सरकार नुकसान के अनुसार मदद उपलब्ध कराएगी।
सांसद बेनीवाल ने मांगी राहत
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी किसानों के लिए राहत पैकेज की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है। बेनीवाल ने कहा कि तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि से खड़ी और कटी फसलों को नुकसान हुआ है।
उन्होंने प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देने की मांग रखी है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कंपनियों से सर्वे कराने की बात कही। उनका कहना है कि पात्र किसानों को जल्द बीमा क्लेम मिलना चाहिए। फिलहाल किसान प्रशासन की कार्रवाई और मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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