मध्य प्रदेश में रबी सीजन शुरू होने से पहले बिजली व्यवस्था पर जोर है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने उत्पादन की समीक्षा की। यह समीक्षा बुधवार को प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था को लेकर हुई। बैठक में किसानों की बिजली जरूरतों पर भी चर्चा हुई।
मंत्री ने रबी सीजन में पर्याप्त बिजली देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अभी से पुख्ता इंतजाम करने को कहा। उनका कहना था कि मांग और आपूर्ति में रुकावट नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उत्पादन और उपलब्धता पर लगातार नजर रखने को कहा।
रबी सीजन में सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत बढ़ती है। इस दौरान किसानों को नियमित बिजली आपूर्ति जरूरी होती है। इसी जरूरत को देखते हुए विभाग ने पहले समीक्षा की। बैठक में उत्पादन से जुड़े अधिकारियों ने भी जानकारी दी।
बिजली उत्पादन की स्थिति
बैठक में मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की स्थिति बताई गई। कंपनी के प्रबंध संचालक (Managing Director) मंजीत सिंह मौजूद रहे। उन्होंने प्रदेश में कोयले की उपलब्धता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फिलहाल कोयले का पर्याप्त भंडार मौजूद है। कोयले की आपूर्ति भी लगातार जारी होने की जानकारी दी गई।
बैठक में विभिन्न बिजली संयंत्रों की स्थिति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने मौजूदा उत्पादन की जानकारी भी साझा की। बताया गया कि फिलहाल किसी संयंत्र में कम उत्पादन नहीं हुआ। इससे वर्तमान उत्पादन व्यवस्था सामान्य होने की जानकारी मिली।
मंत्री ने संयंत्रों की क्षमता के अनुसार उत्पादन के निर्देश दिए। उन्होंने उत्पादन में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने को कहा। वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार स्थिति की समीक्षा करनी होगी। इससे उत्पादन में आने वाली संभावित दिक्कतों पर नजर रहेगी।
कोयले की होगी साप्ताहिक निगरानी
ऊर्जा मंत्री ने कोयले से जुड़ी जानकारी नियमित देने को कहा। संयंत्रों के कोयला भंडार की साप्ताहिक रिपोर्ट देनी होगी। कोयले की प्राप्ति और खपत की जानकारी भी देनी होगी। कोयले की गुणवत्ता की रिपोर्ट भी उपलब्ध करानी होगी।
इस व्यवस्था से संयंत्रों में ईंधन की स्थिति पता चलेगी। अधिकारी उपलब्ध कोयले और खपत का हिसाब देख सकेंगे। जरूरत के अनुसार आपूर्ति व्यवस्था में बदलाव किया जा सकेगा। रबी सीजन की मांग को देखते हुए यह निगरानी अहम होगी।
कोयले की सतत आपूर्ति का मुद्दा भी बैठक में रहा। फिलहाल विभाग ने आपूर्ति जारी रहने की जानकारी दी है। मंत्री ने उत्पादन व्यवस्था को पहले से तैयार रखने को कहा। इससे रबी सीजन में मांग बढ़ने पर तैयारी रहेगी।
एनटीपीसी बिजली पर भी नजर
बैठक में एनटीपीसी (National Thermal Power Corporation Limited) से जुड़े संयंत्रों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अनुबंधित क्षमता के अनुसार बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। इन संयंत्रों से मिलने वाली बिजली की स्थिति देखी जाएगी। इसके निरीक्षण की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए।
अनुबंधित क्षमता के अनुसार उपलब्धता की निगरानी जरूरी होगी। इससे तय क्षमता और वास्तविक उपलब्धता की जानकारी मिलेगी। अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी स्पष्ट करने को कहा गया। बैठक में इस व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए गए।
किसानों को क्या फायदा होगा
रबी फसलों में सिंचाई के लिए बिजली महत्वपूर्ण होती है। गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलें इस मौसम में बोई जाती हैं। सिंचाई की जरूरत फसल और क्षेत्र के अनुसार बदलती है। इसलिए पर्याप्त बिजली व्यवस्था किसानों के लिए महत्वपूर्ण रहती है।
सरकार की ओर से अभी पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। हालांकि वास्तविक आपूर्ति रबी सीजन में मांग पर निर्भर करेगी। मौजूदा समीक्षा का उद्देश्य पहले से व्यवस्था मजबूत करना है। बिजली उत्पादन और कोयले की उपलब्धता इसकी अहम कड़ियां हैं।
ऊर्जा मंत्री ने मांग और आपूर्ति में रुकावट नहीं आने को कहा। इसके लिए उत्पादन संयंत्रों की लगातार समीक्षा होगी। कोयले की स्थिति की साप्ताहिक जानकारी भी ली जाएगी। एनटीपीसी से मिलने वाली बिजली पर भी नजर रखी जाएगी।
अधिकारियों को लगातार समीक्षा
बैठक में कई बिजली संयंत्रों के अधिकारी जुड़े। अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए। उन्होंने अपने-अपने संयंत्रों से जुड़ी जानकारी साझा की। बैठक में उत्पादन की मौजूदा स्थिति बताई गई।
मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार समीक्षा करने को कहा। इसमें उत्पादन, कोयला और बिजली उपलब्धता शामिल रहेगी। साप्ताहिक रिपोर्ट के जरिए स्थिति की जानकारी ली जाएगी। इससे रबी सीजन की तैयारी को लगातार परखा जा सकेगा।
फिलहाल किसी संयंत्र में कम उत्पादन नहीं होने की जानकारी है। कोयले का पर्याप्त भंडार भी बताया गया है। आपूर्ति भी लगातार जारी रहने की बात सामने आई है। अब विभाग का जोर आगामी मांग के लिए तैयारी पर है।
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