किसान की बात,सूत्र के साथ

अनंत अंबानी खेती पर बोले- गांव में ही मिलें युवाओं को मौके; आंध्र में सीबीजी प्लांट पर एक लाख करोड़ का निवेश

newz@gmail.com | Oct 3, 2026, 13:09 IST

अनंत अंबानी ने आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले में कहा कि कमाई तय न होने से युवा खेती से दूर हो रहे हैं। उन्होंने गांव में कौशल, तकनीक और कारोबार के मौके देने पर जोर दिया।

अनंत अंबानी

देश के कई युवा आज खेती से दूरी बना रहे हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने इसकी वजह बताई है। उनके मुताबिक कमाई तय न होने और सीमित अवसरों से ऐसा हो रहा है। अंबानी आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गांव में मौके मिलें, तो युवा वहीं भविष्य बना सकते हैं। उन्होंने तकनीक, कौशल और कारोबार पर खास जोर दिया।

युवा क्यों हो रहे खेती से दूर

अंबानी ने कहा कि कई युवा खेती से दूर हो रहे हैं। इसकी दो वजहें उन्होंने गिनाईं। पहली वजह कमाई का तय न होना है। दूसरी वजह अवसरों का सीमित होना है।

यानी खेती में मेहनत के बाद भी आमदनी का भरोसा कम दिखता है। इसी कारण कई युवा शहरों की ओर जाते हैं। अंबानी ने यही सवाल अपने भाषण में उठाया।

गांव में ही मिले मौका

अंबानी के मुताबिक युवाओं को गांव में ही कौशल विकास के मौके मिलने चाहिए। उन्हें आधुनिक तकनीक सीखने का मौका भी मिलना चाहिए। साथ ही कारोबार के पर्याप्त अवसर भी जरूरी हैं।

उन्होंने कहा कि तब युवा गांव में रहकर भी आगे बढ़ सकते हैं। उन्हें बेहतर भविष्य के लिए गांव छोड़ना नहीं पड़ेगा। यही उनके भाषण का मुख्य संदेश रहा।

हॉर्टिकल्चर हब की आधारशिला

अंबानी ने यह बात खास कार्यक्रम में कही। मौका रायलसीमा ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब की आधारशिला का था। इसी कार्यक्रम में इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की आधारशिला भी रखी गई।

हॉर्टिकल्चर यानी बागवानी। इस परियोजना से बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। इसके लिए करीब एक लाख करोड़ रुपए की योजना बताई गई है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू भी मौजूद थे।

खेती में एआई और ड्रोन

अंबानी ने कहा कि स्कूल में तकनीक और पारंपरिक ज्ञान को जोड़ा जाएगा। इसमें एआई (Artificial Intelligence), ड्रोन और रोबोटिक्स पर काम होगा। स्मार्ट सिंचाई और प्राइस इंटेलिजेंस पर भी काम होगा।

उन्होंने एआई का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक इससे फसलों पर कीटों के हमले की जानकारी पहले मिल सकती है। यानी किसान समय रहते बचाव कर सकते हैं।

ड्रोन फसल की स्थिति पर नजर रख सकते हैं। वे पानी और पोषक तत्वों के सही इस्तेमाल में भी मदद कर सकते हैं। रोबोटिक्स खेती के मुश्किल कामों को आसान बना सकती है।

गांवों में डिजिटल ट्रेनिंग

अंबानी ने बताया कि रिलायंस जियो और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर मिलकर काम करेंगे। गांवों में वर्चुअल क्लासरूम के जरिए ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग भारतीय भाषाओं में किसानों तक पहुंचेगी।

उनके मुताबिक पढ़े-लिखे ग्रामीण युवा डिजिटल एक्सटेंशन वर्कर बन सकते हैं। यानी वे किसानों को सलाह दे सकते हैं। वे किसानों को नई तकनीक अपनाने में मदद करेंगे। इस तरह युवाओं को गांव में काम भी मिल सकता है। उन्होंने रिलायंस के जियो कृषि प्लेटफॉर्म का भी जिक्र किया। इसके जरिए किसानों के लिए डिजिटल और तकनीकी समाधान बनाए जा रहे हैं।

सीबीजी प्लांट और निवेश

अंबानी ने आंध्र प्रदेश में सीबीजी प्लांट की बात भी रखी। उन्होंने इसके लिए एक लाख करोड़ रुपए के निवेश का जिक्र किया। उनके मुताबिक इससे 3 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा हो सकती हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दशकों में राज्य को राजस्व मिलेगा। यह करीब 60 हजार करोड़ रुपए होगा। यह अंबानी का अनुमान है। रिपोर्ट में इसका कोई स्वतंत्र आकलन नहीं दिया गया है। अंबानी के अनुसार इस पहल का मकसद किसानों की खुशहाली बढ़ाना है। साथ ही स्वच्छ ऊर्जा बढ़ाना और गांवों में रोजगार देना भी मकसद है।

अनंत अंबानी ने पशुपालन पर भी बात

अंबानी ने हाईटेक पशुपालन और पशु कल्याण की भी बात की। उन्होंने जामनगर के वंतारा का जिक्र किया। उनके मुताबिक आधुनिक तकनीक से पशुपालन और पशु सेवा मजबूत हो सकती है। यानी उनकी बात सिर्फ फसलों तक सीमित नहीं रही। उन्होंने खेती, बागवानी, ऊर्जा और पशुपालन को जोड़कर तस्वीर रखी।

आगे क्या देखना होगा

अब देखना होगा कि ये योजनाएं जमीन पर कितनी तेजी से उतरती हैं। ट्रेनिंग गांवों तक कब पहुंचेगी, यह भी अहम रहेगा। रोजगार के बड़े दावे समय के साथ ही परखे जाएंगे। फिलहाल अंबानी का संदेश साफ है। उनके मुताबिक तकनीक और कौशल से खेती युवाओं के लिए आकर्षक बन सकती है।

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