Avocado Farming.विदेश में बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई कर चुके भोपाल के युवा ने बागवानी में पुरानी सोच को बदल दिया है। कंस्ट्रक्शन व्यवसाय से जुड़े युवा हर्षित गोधा ने लंदन में अध्ययन के बाद इजराइल में प्रशिक्षण लिया और अब भोपाल में एवोकैडो जैसे मैक्सिकन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। पंद्रह एकड़ के फार्म में तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद इस साल से उन्होंने एवोकैडो का उत्पादन लेना शुरू कर दिया है। वहीं अब तक वे देश के दर्जन भर से ज्यादा राज्यों में एवोकैडो के 18 हजार से ज्यादा पौधे बेंचकर नए बगीचे तैयार कराने में मदद कर चुके हैं।

इजराइल से सीखा अब भोपाल में कर रहे खेती
भोपाल में एवोकैडो की फार्मिंग की सोच कहां से आई यह भी रोचक किस्सा है। हर्षित बताते हैं लंदन में पढ़ाई के दौरान उन्होंने एवोकैडो फल का स्वाद चखा। एवोकैडो के डिब्बे पर पढ़कर उन्हें पता चला कि यह फल इजराइल से मंगाया गया है। इसके बाद उन्होंने एवोकैडो के बारे में जानकारी जुटाई। एवोकैडो अमेरिका के मैक्सिको का फल है फिर भी इजराइल जैसे गर्म देश में इसकी खेती हो रही है। विदेश में बढ़ती मांग को देखकर हर्षित ने भोपाल में इसकी खेती करने का मन बनाया और तैयारी शुरू कर दी।
परिवार को मनाने बुलाए इजराइल एक्सपर्ट
पढ़ाई के बाद वापस लौटने पर हर्षित ने परिवार में इसकी चर्चा की। परिजनों को सहमत करने के लिए उन्होंने इजराइल से एक्सपर्ट बुलाकर एवोकैडो की खेती के बारे में चर्चा कराई। चूकि एवोकैडो की खेती काफी खर्चीली है इसलिए हर्षित ने काफी जानकारी जुटाने के बाद एक्सपर्ट की सलाह के साथ इसकी शुरूआत की। इसराइल से एवोकैडो के पौधे मंगाए जिन्हें पॉली हाउस में एक साल तक रखा गया। एक साल के बाद उन्हें बगीचे में रोपा गया। अब तीन साल बाद इसमें फल आने शुरू हो गए हैं।

पॉलीहाउस से खेत तक,तीन साल का सफर
यह सफर आसान नहीं था आयात नियमों, मिट्टी परीक्षण और यहां तक कि महामारी ने भी उनकी योजनाओं में देरी कर दी। लेकिन 2021 में, उनके इजरायली एवोकाडो के पौधों को आखिरकार भोपाल में जगह मिल गई। अत्याधुनिक इजरायली तकनीक का उपयोग करते हुए, हर्षित ने सुनिश्चित किया कि प्रत्येक पौधे को सर्वोत्तम देखभाल मिले, जिससे एक फलते-फूलते बाग की नींव रखी गई।
10 एकड़ से 1 करोड़ की कमाई, लक्ष्य और भी बढ़ा
आज हर्षित का 10 एकड़ का खेत सालाना 1 करोड़ रुपये की आय देता है, और यह तो बस शुरुआत है। प्रत्येक एवोकाडो का पौधा 50 वर्षों तक फल देता है, इसलिए इसकी अपार संभावनाएं हैं। उनका लक्ष्य 100 एकड़ तक विस्तार करना है, जिससे सालाना 10 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो सके।
व्यवसाय जैसा सीखें तभी खेती देगी मुनाफा
हर्षित का कहना है व्यवसाय की तरह आधुनिक खेती के लिए भी पर्याप्त अध्ययन की जरूरत है। जब आप मौसम, जमीन की स्थिति और खेती को आत्मसात कर लेते हैं तभी यह लाभ देती है। ठीक वैसे ही जैसा की मुनाफे के लिए धंधे को समझना जरूरी होता है। जरा सी नासमझी और नुकसान तय। खूब जानकारी जुटाने के बाद एक्सपर्ट से सलाह मशविरा करते हुए एवोकैडो की खेती में उतरा।
8 एकड़ एवोकैडो और 5 एकड़ में ड्रैगन फ्रूट से कमाई
तीन साल में अब एवोकैडो की खेती में मुनाफे की उम्मीद नजर आ रही है। खेती में नवाचार और दृढ़ता के साथ ही यह टिकाऊ और अत्यधिक लाभदायक दोनों हो सकती है। अब फार्म के 8 एकड़ में एवोकैडो का उत्पादन शुरू हो गया है और 5 एकड़ में ड्रेगन फ्रूट की खेती से फार्म के खर्च निकल
