किसान की बात,सूत्र के साथ

MP में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार, बाजरा खरीद का पंजीयन 10 अक्टूबर तक, 13 हजार से ज्यादा किसान करा चुके रजिस्ट्रेशन

newz@gmail.com | Sep 23, 2026, 18:30 IST

मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा खरीद के लिए पंजीयन जारी है। अब तक 13,508 किसान पंजीयन करा चुके हैं। किसान 10 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकते हैं। प्रदेश में 1,100 से ज्यादा पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं।

समर्थन मूल्य खरीदी

मध्य प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की तैयारी चल रही है। समर्थन मूल्य पर तीन फसलों की खरीद होगी। इनमें धान, ज्वार और बाजरा शामिल हैं। इनके लिए किसानों का पंजीयन जारी है। अब तक 13,508 किसान अपना पंजीयन करा चुके हैं। पंजीयन की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर तय की गई है। किसानों को तय समय के भीतर प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अपील की है। उन्होंने किसानों से समय पर पंजीयन कराने को कहा है। इससे खरीद के समय परेशानी से बचा जा सकेगा। प्रदेश में किसानों की सुविधा के लिए 1,100 से ज्यादा केंद्र बनाए गए हैं। सरकार ने पंजीयन प्रक्रिया को आसान बनाने की बात कही है। किसान अपनी सुविधा के अनुसार निर्धारित केंद्र चुन सकते हैं।

मुफ्त पंजीयन कहां होगा

किसानों के लिए कई जगह मुफ्त पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है। ग्राम पंचायतों में सुविधा केंद्र बनाए गए हैं। जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में भी सुविधा मिलेगी।

सहकारी समितियों के पंजीयन केंद्रों पर भी शुल्क नहीं लगेगा। सहकारी विपणन संस्थाओं के केंद्रों पर भी पंजीयन मुफ्त रहेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों का खर्च कम करना है। किसान नजदीकी अधिकृत केंद्र पर जाकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

50 रुपए तक शुल्क

कुछ अधिकृत केंद्रों पर पंजीयन के लिए शुल्क देना होगा। इनमें एमपी ऑनलाइन कियोस्क शामिल हैं। कॉमन सर्विस सेंटर कियोस्क पर भी सुविधा मिलेगी। लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे भी पंजीयन कर सकते हैं। इन केंद्रों पर अधिकतम 50 रुपए शुल्क तय है।

पंजीयन के दौरान भूमि संबंधी दस्तावेज देने होंगे। किसान को आधार कार्ड भी उपलब्ध कराना होगा। अन्य फोटो पहचान पत्र भी मांगे जा सकते हैं। पंजीयन केंद्रों पर दस्तावेजों की जांच होगी। इन दस्तावेजों का रिकॉर्ड रखना भी जरूरी होगा।

कुछ किसानों के लिए अलग नियम

सिकमी और बटाईदार किसान भी पंजीयन करा सकते हैं। कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों को भी सुविधा मिलेगी। इन किसानों का पंजीयन केवल सहकारी केंद्रों पर होगा। सहकारी समितियां या सहकारी विपणन संस्थाएं पंजीयन करेंगी। इस श्रेणी के सभी किसानों का सत्यापन होगा। यह सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। सत्यापन के बाद ही पंजीयन को मान्यता मिलेगी।

आधार लिंक बैंक खाता जरूरी

समर्थन मूल्य पर बेची गई फसल का भुगतान बैंक खाते में होगा। प्राथमिकता आधार लिंक बैंक खाते को दी जाएगी। अगर आधार लिंक खाते में समस्या आती है, तो दूसरा खाता इस्तेमाल होगा। इसके लिए किसान को पंजीयन के दौरान जानकारी देनी होगी।

किसान को बैंक खाता नंबर देना होगा। इसके साथ आईएफएससी कोड भी देना जरूरी है। आईएफएससी का अर्थ Indian Financial System Code है। अक्रियाशील बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। संयुक्त बैंक खाते भी स्वीकार नहीं किए जाएंगे। फिनो, एयरटेल और पेटीएम बैंक खाते भी मान्य नहीं होंगे। किसानों को आधार और बैंक खाते को लिंक रखना चाहिए। मोबाइल नंबर भी आधार से लिंक और अपडेट होना चाहिए।

बैंक खाते का सत्यापन

पंजीयन के दौरान बैंक खाते का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए एक रुपए का परीक्षण लेनदेन होगा। यह लेनदेन मध्य प्रदेश राज्य आपूर्ति निगम कराएगा। इसके लिए ई-उपार्जन और जेआईटी पोर्टल का इस्तेमाल होगा।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य बैंक खाते की जानकारी जांचना है। इससे भुगतान व्यवस्था में संभावित परेशानी कम की जा सकेगी। किसानों को बैंक खाते की जानकारी भरते समय सावधानी रखनी होगी। गलत जानकारी से भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

आधार वेरिफिकेशन जरूरी

पंजीयन के लिए आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है। फसल बेचते समय भी आधार सत्यापन जरूरी होगा। किसान मोबाइल पर आए ओटीपी से सत्यापन कर सकते हैं। ओटीपी आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आएगा। बायोमेट्रिक डिवाइस से भी आधार सत्यापन किया जा सकेगा। इसके लिए संबंधित केंद्र पर उपलब्ध सुविधा का इस्तेमाल होगा।

पंजीयन में किसान के नाम का मिलान भी जरूरी है। भूमि रिकॉर्ड में दर्ज नाम आधार नाम से मिलना चाहिए। नाम में अंतर होने पर पंजीयन तुरंत मान्य नहीं होगा। ऐसे मामलों में तहसील कार्यालय से सत्यापन कराया जाएगा। तहसील स्तर पर सत्यापन पूरा होने के बाद पंजीयन मान्य होगा। किसानों को दस्तावेजों में नाम की स्थिति पहले जांचनी चाहिए।

किसानों को SMS से सूचना

सरकार ने किसानों तक जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। पिछले पंजीयन में उपलब्ध मोबाइल नंबरों पर एसएमएस भेजे जाएंगे। ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर जानकारी लगाई जाएगी। गांवों में डोडी पिटवाकर भी सूचना देने के निर्देश हैं। समितियों और मंडी स्तर पर बैनर लगाने को कहा गया है। अधिकारियों को सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी करने के निर्देश हैं।

इस व्यवस्था का मकसद ज्यादा किसानों तक जानकारी पहुंचाना है। इससे अंतिम तारीख से पहले पंजीयन कराने में मदद मिलेगी। किसानों को भी पंजीयन की तारीख का ध्यान रखना होगा। 10 अक्टूबर के बाद पंजीयन की सुविधा नहीं बताई गई है।

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने समय पर पंजीयन की अपील की है। उन्होंने पंजीयन व्यवस्था को सहज और सुगम बताया है। किसानों के लिए जरूरी है कि वे अधिकृत केंद्र चुनें। पंजीयन के समय सही दस्तावेज और बैंक जानकारी दें। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर को भी अपडेट रखें।

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