छत्तीसगढ़ के महासमुन्द जिले के बागबाहरा विकासखंड के ग्राम गुलझर निवासी किसान गौरव कुठारे ने खेती का तरीका बदला है। पहले वे मुख्य रूप से धान की खेती करते थे। समय के साथ उन्होंने खेती में विविधता लाने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने उद्यानिकी फसलों को अपनाना शुरू किया।
गौरव अब अपने 1.60 हेक्टेयर क्षेत्र में अलग-अलग फसलों की खेती कर रहे हैं। इसमें टमाटर, बैंगन, सेम और गेंदा जैसी फसलें शामिल हैं। उद्यानिकी फसलों से उन्हें सालभर खेती करने का मौका मिला। अलग-अलग समय पर फसल बेचकर उन्होंने आय के नए रास्ते बनाए।
ग्राफ्टेड बैंगन से मिला लाभ
गौरव कुठारे ने ग्राफ्टेड बैंगन की खेती को अपनाया। यह खेती उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत शुरू की। वर्ष 2025-26 में उन्हें ग्राफ्टेड बैंगन और टमाटर सीडलिंग प्रदर्शन योजना के तहत सहायता मिली।
एक एकड़ में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती के लिए उन्हें 30 हजार रुपए का अनुदान मिला। यह राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से दी गई। अनुदान और कृषि विभाग के सहयोग से उन्होंने आधुनिक तरीके अपनाए। इससे फसल प्रबंधन बेहतर हुआ और उत्पादन में बढ़ोतरी हुई।
23 टन उत्पादन से बढ़ी आय
गौरव कुठारे के अनुसार, ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से उन्हें करीब 23 टन उत्पादन मिला। उन्होंने बैंगन को लगभग 20 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बेचा। इससे उन्हें करीब 2 लाख 65 हजार रुपए की सकल आमदनी हुई।
खेती में ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और कृषि यंत्रों का इस्तेमाल किया गया। इन तकनीकों से पानी और लागत को नियंत्रित करने में मदद मिली। फसल प्रबंधन बेहतर होने से खेती ज्यादा व्यवस्थित हुई। इससे किसान को उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिली।
तकनीक से बदली खेती
ग्राफ्टेड बैंगन जैसी तकनीक किसानों के लिए नए अवसर खोल रही है। इसमें बेहतर पौध गुणवत्ता और आधुनिक प्रबंधन से उत्पादन बढ़ाने का प्रयास किया जाता है। गौरव कुठारे का अनुभव बताता है कि केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। किसान अपनी जमीन, मौसम और बाजार के अनुसार फसल चयन कर सकते हैं। इससे खेती से बेहतर आय के अवसर बनाए जा सकते हैं।
दूसरे किसानों को प्रेरणा
गौरव कुठारे अब आसपास के किसानों को भी उद्यानिकी फसलों के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि किसान यदि नई तकनीक अपनाएं तो खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है।
धान के साथ सब्जियों और दूसरी फसलों को शामिल करने से जोखिम कम किया जा सकता है। साथ ही अलग-अलग समय पर बाजार में फसल बेचने का अवसर मिलता है। गौरव की सफलता यह दिखाती है कि आधुनिक कृषि तकनीक और फसल विविधता से किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
ये भी पढ़ें…
CG के किसान ने गुलाब की खेती से कमाए 8 लाख रुपए, जानें पूरी खेती की तकनीक और कमाई का हिसाब
