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एमपी के सीधी में बढ़ी मिलेट की खेती: 4500 हेक्टेयर में रागी-कोदो, सीएम मोहन यादव ने किसानों को दी ये सलाह

newz@gmail.com | Sep 25, 2026, 17:59 IST

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में मिलेट यानी श्रीअन्न की खेती बढ़ रही है। 4500 हेक्टेयर में रागी-कोदो की खेती हो रही है। सीएम मोहन यादव ने यह जानकारी दी। सीएम ने बलराम कृषि महोत्सव को दौरान सीधी के किसानों को वर्चुअली संबोधित किया।

मिलेट की खेती

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में मिलेट यानी श्रीअन्न की खेती हो रही है। यह खेती अब तेजी से बढ़ रही है। जिले में करीब 4500 हेक्टेयर में रागी और कोदो की खेती हो रही है। यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी। उन्होंने सीधी के बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित किया। मुख्यमंत्री भोपाल स्थित मंत्रालय से इस कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने कहा कि खेती का भविष्य उज्जवल है।

मिलेट की खेती को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समय के साथ खेती में बदलाव करना होगा। उन्होंने नई तकनीक और फसल विविधीकरण अपनाने की सलाह दी। किसानों को खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ने की भी बात कही गई। श्रीअन्न, उद्यानिकी, पशुपालन और कृषि उद्योग नए आमदनी के रास्ते खोल सकते हैं।

सीधी मिलेट उत्पादन में अग्रणी जिला है। यहां कोदो, कुटकी, सांवा, मिजरी और काकुन जैसी फसलें उगाई जाती हैं। ये फसलें परंपरागत रूप से यहां की पहचान रही हैं। ये फसलें सीधी की संस्कृति का अहम हिस्सा मानी जाती हैं। जिले में करीब 2000 हेक्टेयर में रागी की खेती हो रही है। वहीं कोदो की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका रकबा करीब ढाई हजार हेक्टेयर है। मकसद है श्रीअन्न का उत्पादन बढ़ाना और किसानों को बाजार से जोड़ना।

सीएम का किसानों को संदेश

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने चंद्रेह शिव मंदिर का भी जिक्र किया। उन्होंने बाबा भोलेनाथ, बढ़ौरानाथ स्वामी और जगत जननी जगदंबा को नमन किया। उन्होंने कहा कि सीधी जिले में आदिशक्ति के कई पावन धाम हैं। कार्यक्रम में राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल भी मंत्रालय में मौजूद रहे। मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई भी वहां उपस्थित थे।

पर्यटन-दरी कारीगरी भी खास

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीधी की पहचान सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है। यहां पर्यटन, दरी कारीगरी और लोक संस्कृति भी उतनी ही अहम है। पंजा दरी कारीगरों ने अपनी मेहनत से सीधी को नई पहचान दी है। सीधी जिला कालीन बुनकरों का घर माना जाता है। यहां की पंजा दरी विश्व प्रसिद्ध है और विदेश तक इसकी मांग है। पंजा दरी और कालीन उत्पादों को खास योजना के तहत बढ़ावा मिल रहा है। यह योजना एक जिला-एक उत्पाद के नाम से जानी जाती है। रामपुर नैकिन के भरतपुर गांव में हथकरघा इकाई भी चल रही है। यहां आकर्षक खादी परिधान भी बनाए जाते हैं। इससे स्थानीय कारीगरों को आय के नए अवसर मिल रहे हैं।

नई तकनीक अपना रहे किसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीधी के किसान नवाचार और तकनीक अपना रहे हैं। जिले में धान, गेहूं, सरसों, चना, तिल और अरहर की खेती होती है। इसके साथ फल और सब्जियों का उत्पादन भी बढ़ रहा है। टमाटर उत्पादन में सीधी की अपनी अलग पहचान है। यहां प्याज, आलू, भिंडी, खीरा और बैंगन जैसी सब्जियां भी उगाई जाती हैं। कटहल, कलमी आम और ग्राफ्टेड अमरूद जैसी फसलों में भी बढ़ोतरी हो रही है। इन फसलों में मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे पानी की बचत के साथ पैदावार भी बढ़ रही है।

समय पर कराएं पंजीयन

मुख्यमंत्री ने बिजली आपूर्ति की जानकारी भी दी। किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली दी जा रही है। कृषि ऋण चुकाने की व्यवस्था भी किसानों की सुविधा अनुसार की गई है। उन्होंने किसानों को समर्थन मूल्य यानी एमएसपी (Minimum Support Price) पर फसल बेचने की सलाह दी। इसके लिए समय रहते पंजीयन कराना जरूरी बताया गया।

डेयरी से बढ़ेगी आमदनी

मुख्यमंत्री ने बताया कि सीधी में महिला समूहों ने बड़ा काम किया है। पिछले 6 महीनों में इन समूहों ने 24 क्विंटल महुआ लड्डू बेचे। इसके साथ 5 क्विंटल महुआ बिस्किट भी बेचे गए। इससे महिला समूहों को करीब 13 लाख रुपए की आमदनी हुई। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर महिला उद्यमियों को बधाई दी। उन्होंने किसानों को दुग्ध उत्पादन से जुड़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

उन्होंने किसानों से सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने की अपील भी की। मुख्यमंत्री ने एक नई बस सेवा की भी जानकारी दी। 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा शुरू हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

किसानों ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए। विषय था, “खेती को लाभ का धंधा कैसे बनाएं।” सिहावल की संगीता मिश्रा और रामपुर नैकिन के विपिन शुक्ला ने अनुभव बताए। सीधी के सजन सिंह और विष्णुकांत कुशवाह भी इसमें शामिल रहे। मत्स्यपालन, प्राकृतिक खेती और दाल उत्पादन में अच्छा काम करने वाले किसान सम्मानित हुए।

बेसन प्रोसेसिंग, राइस मिल और भैंस पालन से जुड़े किसानों को भी सम्मान मिला। कक्षा 10वीं में अच्छे नंबर लाने वाले कई छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और विधायक कुंवर सिंह टेकाम मौजूद रहे। कलेक्टर विकास मिश्रा समेत कई अन्य जनप्रतिनिधि भी इस मौके पर उपस्थित थे।

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