किसान की बात,सूत्र के साथ

MP में समर्थन मूल्य पर धान ज्वार बाजरा पंजीयन में किसानों की बढ़ी भागीदारी, अब तक 46,454 ने कराया रजिस्ट्रेशन

newz@gmail.com | Sep 29, 2026, 20:08 IST

मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा बेचने पंजीयन जारी है। अब तक 46,454 किसान जुड़ चुके हैं। प्रदेश में 1,100 से ज्यादा केंद्र बनाए गए हैं। पंजीयन के लिए आधार और बैंक खाते की जानकारी जरूरी है। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर है।

समर्थन मूल्य

मध्य प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 चल रहा है। इस वर्ष धान, ज्वार और बाजरा की खरीद होगी। खरीद समर्थन मूल्य पर की जाएगी। इसके लिए किसानों का पंजीयन कराया जा रहा है।

अब तक 46,454 किसान पंजीयन करा चुके हैं। किसानों के लिए 10 अक्टूबर अंतिम तारीख तय है। इसके बाद पंजीयन की सुविधा बंद हो सकती है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने यह जानकारी दी। उन्होंने किसानों से समय पर पंजीयन कराने की अपील की। मंत्री ने असुविधा से बचने की बात भी कही। प्रदेश में पंजीयन व्यवस्था को आसान बनाया गया है। इसके लिए 1,100 से ज्यादा पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं।

कहां सबसे ज्यादा पंजीयन हुए

उपलब्ध आंकड़ों में जबलपुर संभाग सबसे आगे है। यहां 21,333 किसानों ने पंजीयन कराया है। रीवा संभाग में 10,939 किसानों ने पंजीयन कराया है। नर्मदापुरम संभाग में 5,167 किसान पंजीकृत हुए हैं। शहडोल संभाग में 4,552 किसानों ने पंजीयन कराया है। भोपाल संभाग में 2,272 किसान पंजीकृत हुए हैं। सागर संभाग में 2,166 किसानों ने पंजीयन कराया है।

कहां मुफ्त में होगा पंजीयन

किसान ग्राम पंचायत से पंजीयन करा सकते हैं। जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में भी सुविधा है। सहकारी समितियों में पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है। सहकारी विपणन संस्थाओं के केंद्रों पर भी पंजीयन होगा। इन केंद्रों पर पंजीयन के लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा। किसानों को जरूरी दस्तावेज साथ लेकर जाना होगा।

इन केंद्रों पर देना होगा शुल्क

किसान एमपी ऑनलाइन कियोस्क से पंजीयन करा सकते हैं। कॉमन सर्विस सेंटर से भी पंजीयन कराया जा सकता है। लोक सेवा केंद्रों पर भी यह सुविधा मिलेगी। निजी साइबर कैफे से भी किसान पंजीयन करा सकेंगे। इन केंद्रों पर अधिकतम 50 रुपए शुल्क तय है। इससे ज्यादा शुल्क नहीं लिया जा सकता।

पंजीयन के दौरान दस्तावेज जांचे जाएंगे। भूमि संबंधी दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा। आधार कार्ड और फोटो पहचान पत्र भी जरूरी होगा।
केंद्रों पर दस्तावेजों का रिकॉर्ड रखा जाएगा।

बटाईदार किसानों के लिए अलग व्यवस्था

सिकमी और बटाईदार किसान भी पंजीयन करा सकते हैं। कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों को भी सुविधा मिलेगी। इन किसानों का पंजीयन सहकारी केंद्रों पर होगा। इन श्रेणियों के किसानों का राजस्व सत्यापन होगा। ऐसे किसानों का शत-प्रतिशत सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के बाद ही पंजीयन मान्य होगा।

आधार वेरिफिकेशन जरूरी

पंजीयन के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन जरूरी है। फसल बेचते समय भी आधार वेरिफिकेशन कराया जाएगा। वेरिफिकेशन मोबाइल पर OTP (One Time Password) से होगा। बायोमेट्रिक डिवाइस से भी वेरिफिकेशन कराया जा सकेगा।

किसान के भू-अभिलेख का नाम आधार से मिलना चाहिए। खसरे में दर्ज नाम का भी मिलान जरूरी है। नाम में अंतर होने पर सत्यापन कराया जाएगा। यह सत्यापन तहसील कार्यालय के स्तर पर होगा। सत्यापन के बाद ही ऐसा पंजीयन मान्य होगा।

बैंक खाते की जानकारी भी जरूरी

समर्थन मूल्य पर बिकने वाली उपज का भुगतान बैंक से होगा। पहले भुगतान आधार से जुड़े बैंक खाते में होगा। किसी समस्या पर दूसरे पंजीकृत खाते में भुगतान होगा। पंजीयन के समय बैंक खाता नंबर देना होगा। IFSC (Indian Financial System Code) की जानकारी भी देनी होगी।

किसान को अपना मोबाइल नंबर भी अपडेट रखना होगा। अक्रियाशील बैंक खाते मान्य नहीं होंगे। संयुक्त बैंक खाते भी स्वीकार नहीं किए जाएंगे। फिनो, एयरटेल और पेटीएम खाते भी मान्य नहीं होंगे।

बैंक खाते की जांच कैसे होगी

आधार से जुड़े खाते का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए पंजीयन के दौरान एक रुपए का लेनदेन होगा। यह लेनदेन मध्य प्रदेश राज्य आपूर्ति निगम करेगा। इसके लिए ई-उपार्जन और JIT (Just In Time) पोर्टल इस्तेमाल होगा। किसान का बैंक खाता पहले से लिंक होना चाहिए। आधार और मोबाइल नंबर भी अपडेट होना जरूरी है।

किसानों को एसएमएस से सूचना

विभाग पुराने पंजीकृत किसानों को एसएमएस भेजेगा। जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें सूचना मिलेगी। गांवों में पंजीयन की जानकारी भी सार्वजनिक होगी। ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर जानकारी लगाई जाएगी। समितियों और मंडियों में बैनर लगाए जाएंगे। गांवों में मुनादी के जरिए भी जानकारी दी जाएगी।

किसानों के लिए अंतिम तारीख अहम

धान, ज्वार और बाजरा बेचने वाले किसानों को ध्यान देना होगा। 10 अक्टूबर पंजीयन की अंतिम तारीख है। पंजीयन नहीं कराने पर समर्थन मूल्य खरीद प्रभावित हो सकती है। इसलिए किसानों को समय रहते प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। दस्तावेजों में गलती होने पर भी समय लग सकता है। आधार और भूमि रिकॉर्ड का मिलान जरूरी है। बैंक खाते की जानकारी भी सही होनी चाहिए।

मंत्री ने समय पर पंजीयन की अपील की

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से अपील की है। उन्होंने तय समय में पंजीयन कराने को कहा है। सरकार ने पंजीयन व्यवस्था आसान बनाने की जानकारी दी है। किसानों को उपलब्ध केंद्रों से प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

समय सीमा नजदीक होने से किसानों को देरी नहीं करनी चाहिए। खासकर दस्तावेजों में अंतर पहले ही ठीक कराना जरूरी है। बैंक खाते और मोबाइल की जानकारी भी अपडेट रखें।

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