किसान की बात,सूत्र के साथ

एमपी के पन्ना में भारी बारिश से उड़द-मूंग और धान को नुकसान, किसानों ने मांगा मुआवजा

newz@gmail.com | Sep 28, 2026, 17:50 IST

मध्य प्रदेश के पन्ना में कई दिन से लगातार बारिश हो रही है। खेतों में पानी भरने से उड़द, मूंग, तिल और धान प्रभावित हुए हैं। किसान फसल नुकसान का सर्वे और नियमानुसार मुआवजा मांग रहे हैं।

पन्ना में बारिश

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ाई है। पिछले चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इससे कई इलाकों में खेतों में पानी भर गया है। निचले इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी है। बारिश के कारण केन और मिढासन नदी का जलस्तर बढ़ा है। कई छोटे-बड़े नदी-नाले भी उफान पर हैं। इससे जिले के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात दिख रहे हैं। प्रशासन लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहा है।

जिले में सामान्य औसत बारिश 1176.4 मिलीमीटर है। इस साल यहां अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। लगातार बारिश के बीच प्रशासन हालात पर नजर रख रहा है।

खेतों में पानी भरने से फसल नुकसान

बारिश का सबसे बड़ा असर खेतों में दिखाई दे रहा है। कई खेतों में लगातार पानी जमा है। इससे खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों के अनुसार उड़द, मूंग और तिल की फसल प्रभावित हुई है। खेतों में खड़ी धान की फसल भी नुकसान में है।

कुछ किसानों ने फसल लगभग खराब होने की बात कही है। लगातार नमी से धान में कीट लगने की समस्या भी सामने आई है। किसानों को आगे और बारिश होने की चिंता है। बारिश जारी रही तो नुकसान बढ़ने की आशंका है।

किसानों ने सर्वे और मुआवजा मांगा

फसल नुकसान के बाद किसानों ने प्रशासन से सर्वे की मांग की है। किसान नियमानुसार मुआवजा देने की भी मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि खेती उनकी आजीविका का मुख्य आधार है। किसान कमलेश उमरे ने लगातार बारिश की जानकारी दी। उन्होंने नदी का पानी बढ़ने की बात भी कही। किसान सीताराम ने फसल खराब होने की बात बताई। उन्होंने सरकार से मदद मिलने की उम्मीद जताई।

किसान राजेंद्र सिंह ने तिल, उड़द और धान को नुकसान बताया। उन्होंने धान में इल्ली लगने की जानकारी भी दी। महिला किसान सुमित्रा बाई ने भी मदद की मांग की। वहीं, किसान राजकुमार बागरी ने भी फसल खराब होने की बात कही। उन्होंने सरकार से मुआवजे की मांग रखी है।

बारिश से नुकसान कितना हुआ?

फिलहाल फसल नुकसान का अंतिम आंकड़ा सामने नहीं आया है। वास्तविक नुकसान सर्वे के बाद ही पता चलेगा। अभी कई खेतों में पानी जमा होने की सूचना है। प्रशासन के सर्वे से नुकसान का सही आकलन होगा। इसके बाद प्रभावित किसानों की स्थिति स्पष्ट होगी। मुआवजे की प्रक्रिया भी सर्वे के आधार पर आगे बढ़ सकती है।

प्रशासन की नदियों पर नजर

लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। केन और मिढासन नदी पर खास नजर है। प्रशासन और पुलिस की टीमें स्थिति देख रही हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। नदी किनारे जाने से भी लोगों को बचना चाहिए। बढ़ते जलस्तर के बीच सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

किसानों की नजर अब बारिश पर भी है। वे बारिश रुकने और सर्वे शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। सर्वे के बाद नुकसान की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

फसल नुकसान से बढ़ी किसानों की चिंता

किसानों के लिए सितंबर का समय खरीफ फसल के लिहाज से अहम है। इस समय खेतों में कई फसलें पकने की ओर होती हैं। ऐसे में लगातार बारिश नुकसान बढ़ा सकती है। उड़द, मूंग और तिल जैसी फसलें ज्यादा नमी से प्रभावित हो सकती हैं। धान में भी ज्यादा नमी से कीट की समस्या बढ़ी है।

किसानों को आगे मौसम साफ होने की उम्मीद है। फिलहाल प्रभावित किसान प्रशासन से राहत की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग सर्वे और नियमानुसार मुआवजे पर केंद्रित है। नुकसान का आकलन होने के बाद स्थिति ज्यादा स्पष्ट होगी।

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