मध्य प्रदेश मत्स्य महासंघ की 115वीं बैठक भोपाल में हुई। बैठक की अध्यक्षता राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने की। बैठक में 2027-28 के प्रस्तावित बजट को मंजूरी मिली। मछुआ कल्याण योजनाओं और मत्स्य उत्पादन पर भी चर्चा हुई। महासंघ की आय बढ़ाने के लिए नई कार्ययोजनाओं पर जोर दिया गया।
बैठक में महासंघ की मौजूदा कार्यप्रणाली की भी समीक्षा हुई। सहकारी समितियों की सदस्यता का मुद्दा भी चर्चा में रहा। जलाशयों में काम करने वाली समितियों की जांच के निर्देश दिए गए। जांच के बाद पात्र समितियों को सदस्यता देने की बात कही गई। मौजूदा समितियों के काम की नियमित निगरानी भी होगी।
समितियों की होगी जांच
राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने सदस्यता प्रक्रिया पर जोर दिया। उन्होंने पात्र और वास्तविक समितियों की पहचान करने को कहा। इसके लिए सदस्यता से पहले समितियों का परीक्षण होगा। काम कर रही समितियों के काम की भी नियमित जांच होगी। इससे महासंघ के जलाशयों में काम की निगरानी बढ़ेगी।
समिति जांच के बाद ही सदस्यता देने की व्यवस्था होगी। इसका संबंध महासंघ के जलाशयों में मिलने वाली सदस्यता से है। बैठक में समितियों की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। महासंघ के काम में निगरानी को अहम माना गया।
योजनाओं का लाभ समय पर
बैठक में मछुआ कल्याण योजनाओं की भी समीक्षा हुई। हितग्राहियों को लाभ मिलने में देरी का मुद्दा सामने आया। राज्यमंत्री ने इस देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को लाभ देने की समय-सीमा तय करने को कहा। योजनाओं का लाभ तय समय में देने पर जोर दिया गया।
पंवार ने योजनाओं के काम में लापरवाही रोकने के निर्देश दिए। जिम्मेदार अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही गई। इसका उद्देश्य लाभार्थियों को समय पर सहायता देना है। बैठक में कल्याण योजनाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया। अधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की बात कही गई।
निधियों के उपयोग की योजना
बैठक में महासंघ की विभिन्न निधियों की समीक्षा हुई। यह समीक्षा मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम के तहत हुई। इस कानून की धारा 43 का भी उल्लेख किया गया। महासंघ की उपविधियों के तहत निधियों की जानकारी देखी गई।
बैठक में भवन निधि और विकास निधि पर चर्चा हुई। महासंघ की खाली जमीन पर निर्माण की योजना बनाई जाएगी। इसके लिए अलग कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। जरूरी निर्माण कार्यों को इसी योजना में शामिल किया जाएगा। इससे खाली जमीन के उपयोग का रास्ता तैयार होगा।
मछली उत्पादन बढ़ाने पर जोर
महासंघ के जलाशयों में मत्स्य उत्पादन की भी समीक्षा हुई। राज्यमंत्री ने उत्पादन बढ़ाने के लिए नई योजनाएं बनाने को कहा। उन्होंने नए प्रयोगों और नवाचारों पर भी जोर दिया। इन प्रयासों से मत्स्य उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया।
महासंघ की आय बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इसके लिए नई कार्ययोजनाओं और नवाचारों का उपयोग होगा। अधिकारियों को उत्पादन और आय दोनों बढ़ाने को कहा गया। मछुआ कल्याण योजनाओं के विस्तार के निर्देश भी दिए गए। विकास से जुड़ी गतिविधियां भी आगे बढ़ाई जाएंगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सचिव स्वतंत्र कुमार सिंह, प्रबंध संचालक अनुराग चौधरी भी बैठक में शामिल हुए। संचालक मनोज कुमार पथरोलिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
कुल मिलाकर बैठक में चार प्रमुख क्षेत्रों पर जोर रहा। इनमें बजट, समितियां, कल्याण योजनाएं और मत्स्य उत्पादन शामिल हैं। महासंघ की आय बढ़ाने को भी अहम मुद्दा बनाया गया। योजनाओं का लाभ समय पर देने पर खास ध्यान रहा। आगे की कार्ययोजनाओं में इन निर्देशों को शामिल किया जाएगा।
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