भोपाल | खेती के साथ बागवानी से आय बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की फल पौधरोपण योजना के तहत अब किसान फलदार बगीचा लगाने पर इकाई लागत का 40% से 50% तक अनुदान पा सकते हैं।योजना का उद्देश्य राज्य में फल उत्पादन बढ़ाना और किसानों को परंपरागत फसलों के अलावा बागवानी की ओर प्रोत्साहित करना है।

फल पौधरोपण योजना में कितनी मिलेगी सहायता
सरकार 0.25 हेक्टेयर से 4.00 हेक्टेयर तक जमीन पर फलदार बगीचा लगाने के लिए सब्सिडी दे रही है। अनुदान की राशि 3 वर्षों में 60:20:20 के अनुपात में दी जाएगी। यानी पहले साल 60%, दूसरे और तीसरे साल 20-20%। यह सहायता ड्रिप सिंचाई के साथ और बिना ड्रिप दोनों तरह के बगीचों पर लागू होगी।
इन फलों पर मिलेगा अनुदान
फल पौधरोपण योजना में आम, अमरूद, संतरा, मौसमी, नींबू, चीकू, अनार, सीताफल, बेर, अंगूर, स्ट्रॉबेरी, पपीता, केला और मुनगा यानी सहजन जैसे 14 फलदार पौधे शामिल हैं। किसान अपनी जमीन और क्षेत्र के अनुसार किसी भी फल का चयन कर सकते हैं।
कौन ले सकता है लाभ
राज्य के सभी वर्गों के किसान इस योजना के पात्र हैं। इसमें सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी और वरिष्ठ नागरिक सभी शामिल हैं। शर्त यह है कि आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी हो और उसके पास अपनी कृषि योग्य भूमि हो। 5 एकड़ यानी 2 हेक्टेयर से कम भूमि वाले लघु और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
ऐसे करें आवेदन
फल पौधरोपण योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को MPFSTS पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है। आवेदन के बाद किसानों का चयन पारदर्शी लॉटरी सिस्टम से किया जाएगा। आवेदन के समय आधार कार्ड, खसरा-बी1-नक्शा, बैंक पासबुक की कॉपी और जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी होंगे। अनुदान की राशि सीधे DBT के माध्यम से किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
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