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मध्य प्रदेश में कैटल फीड प्लांट के लिए 489 करोड़ मंजूर, पशु पालकों को होगा फायदा, दूध उत्पादन बढ़ेगा

newz@gmail.com | Sep 7, 2026, 11:52 IST

मध्य प्रदेश में कैटल फीड प्लांट के लिए NDDB ने 489 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया है। इससे किसानों को अच्छा चारा मिलेगा और दूध उत्पादन बढ़ेगा।

कैटल फीड प्लांट

भोपाल में डेयरी सेक्टर को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड यानी NDDB (National Dairy Development Board) ने प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव डेयरी सेक्टर के लिए बड़ा माना जा रहा है। बोर्ड ने मध्य प्रदेश में कैटल फीड प्लांट लगाने की योजना बनाई है। यह प्लांट पीपीपी मॉडल यानी PPP (Public Private Partnership) पर बनेंगे। इसके लिए 489 करोड़ रुपए तय किए गए हैं। राज्य में दूध खरीद और प्रोसेसिंग बढ़ाने की तैयारी चल रही है।

प्रस्ताव में एक से ज्यादा प्लांट लगाने की बात कही गई है। कितने प्लांट बनेंगे, यह अभी तय नहीं है। इनकी जगह और क्षमता भी बाद में तय होगी। यह फैसला राज्य सरकार से बातचीत के बाद लिया जाएगा।

फीड क्यों है जरूरी

अच्छी क्वालिटी का पशु चारा किसानों के लिए बहुत जरूरी है। दूध उत्पादन की लागत में इसका हिस्सा करीब 70 प्रतिशत होता है। अगर फीड सस्ता और अच्छा मिले तो किसानों की आय बढ़ सकती है। यही वजह है कि नए प्लांट लगाने की योजना बनाई गई है। कैटल फीड की गुणवत्ता सीधे दूध की मात्रा पर असर डालती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दूध उत्पादन बढ़ाना बेहद जरूरी है। इसके लिए खरीद बढ़ाने के साथ कई मोर्चों पर काम करना होगा। इसमें पशुपालन, नस्ल सुधार और पशु पोषण शामिल हैं। यह डेयरी विकास की बुनियाद मानी जाती है। इस पर राज्य सरकार के साथ मिलकर काम होगा। बिना इन तीनों पर काम किए बड़ा लक्ष्य पाना मुश्किल होगा।

एमडी बोले- अच्छी क्वालिटी का फीड जरूरी

मध्य प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के प्रबंध निदेशक जियादेव बिश्वास हैं। उन्होंने भी इस मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अच्छी क्वालिटी का फीड मिलना बहुत जरूरी है। उनके मुताबिक इसीलिए पीपीपी मॉडल अपनाया गया है। इसके तहत कैटल फीड प्लांट का प्रस्ताव लाया गया है। इसके लिए 489 करोड़ रुपए पहले ही तय कर दिए गए हैं।

डेयरी विकास के लिए पांच साल का रोडमैप

यह कैटल फीड प्लांट का प्रस्ताव NDDB के बड़े रोडमैप का हिस्सा है। अगले पांच साल में राज्य के सहकारी डेयरी क्षेत्र को बढ़ाने की योजना है। इसके तहत दूध खरीद और प्रोसेसिंग नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। NDDB देश में डेयरी विकास के लिए काम करने वाली प्रमुख संस्था है।

यह पूरा काम एक समझौते के तहत हो रहा है। यह समझौता NDDB और मध्य प्रदेश कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के बीच हुआ है। इसका मकसद सहकारी दूध खरीद का दायरा बढ़ाना है। इससे किसानों को डेयरी उत्पादों से ज्यादा फायदा मिलेगा। अभी बिचौलियों के चलते किसानों को पूरा फायदा नहीं मिल पाता।

दूध उत्पादन पर सीएम का फोकस

मुख्यमंत्री मोहन यादव लगातार दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। वे चाहते हैं कि दूध की खरीद और मार्केटिंग दोनों बेहतर हों। इसी दिशा में राज्य में कई कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का फोकस डेयरी सेक्टर को आधुनिक बनाने पर है। मध्य प्रदेश का डेयरी सेक्टर हजारों किसान परिवारों की आय से जुड़ा है। दूध उत्पादन बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। इसी वजह से सरकार और NDDB इस पर गंभीरता से काम कर रहे हैं।

दूध खरीद का बड़ा लक्ष्य

मध्य प्रदेश ने दूध खरीद के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। अभी रोज करीब 12 लाख किलो दूध खरीदा जाता है। इसे बढ़ाकर 52 लाख किलो तक ले जाने की योजना है। यह लक्ष्य मौजूदा खरीद से करीब चार गुना ज्यादा है।

प्रोसेसिंग क्षमता भी बढ़ेगी

प्रोसेसिंग क्षमता भी उसी हिसाब से बढ़ाई जाएगी। अभी रोज 17.8 लाख लीटर दूध प्रोसेस होता है। इसे बढ़ाकर 63.3 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य है। यह लक्ष्य भी अगले पांच साल में पूरा करने की योजना है। इतनी बड़ी क्षमता बढ़ाने के लिए ठोस तैयारी जरूरी होगी।

पशुपालन पर काम जरूरी

अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ प्लांट बढ़ाने से काम नहीं चलेगा। दूध उत्पादन बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है। इसके लिए पशुपालन, नस्ल सुधार और पशु स्वास्थ्य पर काम करना होगा। संतुलित पोषण भी इसमें अहम भूमिका निभाएगा। इन सबके बिना बड़े लक्ष्य अधूरे रह सकते हैं।

NDDB अब राज्य सरकार के साथ मिलकर एक योजना बनाएगा। इसमें पशुओं की नस्ल सुधार, पालन और पोषण से जुड़े उपाय शामिल होंगे। इससे दूध उत्पादन में सुधार आने की उम्मीद है। यह योजना आने वाले महीनों में तैयार हो सकती है।

आगे क्या होगा

कैटल फीड प्लांट की संख्या और जगह अभी तय नहीं हुई है। उनकी क्षमता और शुरू होने का समय भी बाद में तय होगा। यह सब राज्य सरकार से बातचीत के बाद फाइनल होगा। जैसे जैसे प्रस्ताव आगे बढ़ेगा, नई जानकारी सामने आएगी।

अगर यह योजना पूरी तरह लागू होती है तो किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। उन्हें अच्छा फीड आसानी से मिल सकेगा। इससे दूध उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। किसानों की आय भी बढ़ सकती है। मध्य प्रदेश का डेयरी सेक्टर आने वाले सालों में और मजबूत हो सकता है।

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