छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार से सवाल पूछा है। उनका सवाल है कि धान समय पर क्यों नहीं खरीदा जा रहा। उनकी मांग है कि खरीदी एक नवंबर से शुरू हो। यह बात उन्होंने रायपुर में मीडिया से बातचीत में कही। इसी बातचीत में उन्होंने कई और मुद्दे भी उठाए। इनमें पीएससी परीक्षा, महतारी वंदन योजना और महंगाई शामिल हैं।
धान खरीदी पर बघेल के सवाल
बघेल ने राज्य सरकार की धान खरीदी की तैयारियों पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि सरकार खरीदी की व्यवस्था नहीं कर पा रही है। उन्होंने पूछा कि सरकार समय पर धान खरीदना क्यों नहीं चाहती।
बघेल ने साफ तारीख रखी है। उनके मुताबिक धान खरीदी एक नवंबर से शुरू होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तारीख से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी हो जानी चाहिए।
किसानों को क्या दिक्कत होगी
बघेल ने चेतावनी दी है। खरीदी समय पर शुरू न हुई, तो किसानों को समस्या होगी। उन्होंने यह नहीं बताया कि समस्या किस रूप में आएगी। इसलिए यह उनकी चेतावनी भर है। किसानों के लिए धान की खरीदी का समय अहम होता है। इसी वजह से तारीख को लेकर यह मांग राजनीतिक बहस का मुद्दा बनी है।
पीएससी परीक्षा पर आरोप
बघेल ने पीएससी (Public Service Commission) परीक्षा को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा करती है। फिर भी कथित गड़बड़ियों की जांच नहीं हो रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के लोग अभ्यर्थियों को परीक्षा पास करवा रहे हैं। बघेल ने इसे गंभीर बात बताया।
उनकी चार मांगें
बघेल ने इस मामले में चार मांगें रखीं। पहली मांग है कि वर्ष 2024 की पीएससी परीक्षा रद्द हो। दूसरी मांग है कि जांच सीबीआई (Central Bureau of Investigation) से कराई जाए।
तीसरी मांग है कि अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर पुस्तिकाएं दी जाएं। चौथी मांग है कि परीक्षा में पारदर्शिता रहे। उन्होंने अध्यक्ष की नियुक्ति में देरी पर भी चिंता जताई।
महतारी वंदन योजना का मुद्दा
बघेल ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से वसूली का आरोप लगाया। उनके मुताबिक हितग्राही करीब 70 लाख से घटकर करीब 68 लाख रह गए हैं। उन्होंने सरकार से इसका कारण बताने को कहा।
महंगाई पर भी घेरा
बघेल ने त्योहारों के समय बढ़ती महंगाई का मुद्दा उठाया। उनके मुताबिक आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर महंगाई रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया। इसी बातचीत में उन्होंने तेल बचाने की सलाह का जिक्र किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर लाखों दीये जलाने का उदाहरण भी दिया।
रायपुर की यातायात व्यवस्था
बघेल ने रायपुर की यातायात व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि यातायात के नाम पर लोग परेशान किए जा रहे हैं। शहर की आवागमन की समस्याओं का हल नहीं निकला है।
सरकारी बंगलों पर सवाल
बघेल ने कहा, कई मंत्रियों और अधिकारियों के पास दो दो बंगले हैं। उनकी मांग है कि सभी मंत्री राजधानी के बंगले छोड़ें। उन्होंने सरकारी संसाधनों के उपयोग पर सवाल उठाने की बात भी कही।
बघेल ने रायपुर के बीटीआई ग्राउंड में प्रस्तावित व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ेगी।
एक नजर में बघेल की बातें
बघेल की पहली और सबसे अहम मांग एक नवंबर से धान खरीदी की है। इसके बाद उन्होंने पीएससी परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग रखी। महतारी वंदन योजना में वसूली का आरोप भी लगाया।
महंगाई, रायपुर के ट्रैफिक, सरकारी बंगलों और बीटीआई ग्राउंड पर भी उन्होंने सवाल उठाए। अंत में उन्होंने सरकार से आम जनता की परेशानियों पर ध्यान देने को कहा।
अभी क्या साफ नहीं है
बघेल के इस बयान में धान का समर्थन मूल्य नहीं बताया गया है। बोनस, खरीदी का लक्ष्य और मात्रा भी नहीं है। खरीदी केंद्रों की संख्या और किसानों के पंजीयन का आंकड़ा भी नहीं दिया गया। खरीदी की कोई आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। पीएससी परीक्षा की गड़बड़ी का ब्योरा भी साफ नहीं है। अध्यक्ष की नियुक्ति का मामला किस पद का है, यह भी साफ नहीं।
सरकार ने नहीं रखा पक्ष
इस मुद्दे पर सरकार की प्रतिक्रिया अब तक सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री या सत्तारूढ़ दल की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। इसलिए ये सभी बातें फिलहाल एकतरफा बयान हैं। सरकार का जवाब आने पर तस्वीर साफ हो सकेगी।
किसानों के लिए क्या मायने
किसानों के लिए सबसे जरूरी मुद्दा खरीदी की शुरुआत की तारीख है। अभी सरकार ने इस पर कोई नई घोषणा नहीं की है। किसान आधिकारिक सूचना का इंतजार करें। अपने खरीदी केंद्र और पंजीयन की जानकारी स्थानीय अधिकारियों से लेना ठीक रहेगा।
अब देखना होगा कि सरकार खरीदी की तारीख पर क्या कहती है। साथ ही देखें कि पीएससी और महतारी वंदन पर जवाब आता है या नहीं।
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