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इफको अध्यक्ष दिलीप संघाणी बने ICA के एट लार्ज डायरेक्टर, भारतीय सहकारिता को मिलेगी ग्लोबल पहचान

newz@gmail.com | Sep 19, 2026, 11:27 IST

इफको अध्यक्ष दिलीप संघाणी पनामा में हुए ICA चुनाव में 526 वोट पाकर एट लार्ज डायरेक्टर चुने गए। वे बोर्ड के तीसरे सबसे ज्यादा वोट पाने वाले निदेशक हैं। इससे भारतीय सहकारिता को वैश्विक पहचान मिलेगी।

इफको चेयरमैन

BHOPAL. भारतीय सहकारिता जगत के लिए खुशखबरी है। इंडियन फार्मर फर्टिलाइजर को-ऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) के अध्यक्ष दिलीप संघाणी सहकारिता के वैश्विक संगठन में निदेशक चुने गए हैं। ICA यानी इंटरनेशनल को-ऑपरेटिव एसोसिएशन के चुनाव में इफको अध्यक्ष को जीत मिली है। जबकि अर्जेंटीना के डॉ.एरियल ग्वारको को ICA का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया है।

ICA में 66 देशों के 193 सहकारी संगठन सदस्य हैं। पनामा में 15 सितम्बर को हुए निदेशक मंडल के चुनाव में दिलीप संघाणी 526 वोट के साथ एट लार्ज डायरेक्टर चुने गए। संघाणी ICA के 15 सदस्यीय निदेशक मंडल के चुनाव में तीसरे सबसे ज्यादा वोट पाने वाले निदेशक हैं।

क्या होता है एट-लार्ज निदेशक

ICA दुनिया की सबसे बड़ी सहकारी संस्था है, जिसकी स्थापना 1895 में हुई थी। इसका ग्लोबल बोर्ड 30 सदस्यों का होता है। जिसमें एक अध्यक्ष, 4 क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, 8 सेक्टोरल संगठनों के प्रतिनिधि, युवा और जेंडर इक्वेलिटी कमेटी के अध्यक्ष के अलावा 15 सदस्य एट-लार्ज डायरेक्टर होते हैं। जिन्हें सीधे तौर पर निर्वाचित किया जाता है। एट-लार्ज डायरेक्टर किसी एक क्षेत्र का नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के सहकारी आंदोलन का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह बोर्ड ICA की नीति, बजट और वैश्विक रणनीति तय करता है।

कौन हैं इफको चेयरमैन दिलीप संघाणी

दिलीप संघाणी व्यवसाय से वकील हैं और चार दशक से सहकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे गुजरात की अमरेली लोकसभा सीट से 1991 से 2004 तक लगातार 4 बार सांसद रहे हैं। गुजरात सरकार में मंत्री के रूप में कृषि, सहकारिता, पशुपालन, मत्स्य, कारागार, आबकारी, कानून और न्याय जैसे मंत्रालय भी संभाल चुके हैं। 2017 से गुजरात स्टेट को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन (GUJCOMASOL) के अध्यक्ष और नेशनल को-ऑपरेटिव यूनियन ऑफ इंडिया (NCUI) के अलावा NAFED जैसे शीर्ष संस्थानों के अध्यक्ष रहे हैं। संघाणी 2019 में इफको के उपाध्यक्ष बने और फिर 2022 में सर्वसम्मति से इफको के 17वें अध्यक्ष चुने गए।

आईसीए चेयरमैन डॉ. एरियल ग्वारको के साथ दिलीप संघाणी

इफको में क्या है संघाणी का योगदान

अध्यक्ष के रूप में संघाणी देशभर में फैली करीब 35,700 सहकारी समितियों और 5 करोड़ से ज्यादा किसानों के नेटवर्क का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में सहकार से समृद्धि के विजन पर इफको काम कर रहा है। इफको नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे नवाचार के जरिए खाद की जरूरत को पूरा कर रहा है। संघाणी के नेतृत्व में भारत को 2024 में पहली बार ICA ग्लोबल को-ऑपरेटिव कॉन्फ्रेंस की मेजबानी का मौका मिला। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

देश और इफको को क्या फायदा होगा

भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है जहां सहकारिता का क्षेत्र फैला हुआ है। इस लिहाज से संघाणी का आईसीए में एट लार्ज डायरेक्टर चुना जाना काफी अहम है। उनके आईसीए निदेशक बनने से भारत को सीधा प्रतिनिधित्व मिलेगा। वहीं, सहकारिता के भारतीय मॉडल को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी। इसके अलावा इफको अंतरराष्ट्रीय तकनीक, जलवायु-अनुकूल खेती और सहकारी बैंकिंग के नए मॉडलों तक पहुंच बना पाएगा। जबकि वैश्विक सहयोग से भारतीय किसानों को बेहतर बाजार, प्रशिक्षण और खेती की आधुनिक तकनीक मिल सकेंगी।

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