संजय शर्मा@भोपाल. सिवनी मालवा के ग्राम कांसखेड़ी की महिला किसान मधु रघुवंशी ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) योजना से 50 लाख की सहायता लेकर बकरी पालन शुरू किया और आज डेढ़ लाख रुपए महीना कमा रही हैं। कृषि से आर्थिक तंगी झेल रही मधु अब आत्मनिर्भर बनकर न सिर्फ अपने परिवार की स्थिति सुधार चुकी हैं, बल्कि गांव के लोगों को रोजगार भी दे रही हैं और आगे 50 लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
पहले थी आर्थिक तंगी
मधु रघुवंशी पहले केवल कृषि कार्य पर निर्भर थीं। सीमित संसाधन और कम आमदनी के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो रहा था। व्यवसाय को बड़ा करने की सोचती थीं, लेकिन पूंजी की कमी सबसे बड़ी बाधा थी। इसी दौरान पशुपालन विभाग के माध्यम से उन्हें NLM योजना के बारे में पता चला।
NLM योजना से मिली 50 लाख की मदद
जानकारी मिलने के बाद मधु ने योजना के तहत आवेदन किया। विभाग की मदद से उन्हें बकरी पालन के लिए 50 लाख रुपए की ऋण-अनुदान सहायता स्वीकृत हुई। इस सहयोग से उन्होंने व्यवस्थित तरीके से बकरी पालन इकाई की स्थापना की और व्यवसाय को विस्तार देना शुरू किया।

अब डेढ़ लाख मासिक कमाई
योजना का लाभ मिलने के बाद मधु की जिंदगी बदल गई। आज बकरी पालन से उनकी मासिक आय लगभग 1.5 लाख रुपए है। आय बढ़ने से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और गांव में सामाजिक सम्मान भी बढ़ा है। अब वे एक सफल महिला उद्यमी के रूप में पहचानी जाती हैं।
दूसरों को भी दे रहीं रोजगार
मधु खुद आत्मनिर्भर बनने तक सीमित नहीं रहीं। उन्होंने अपने फार्म पर 2 ग्रामीणों को रोजगार दिया है। उनका लक्ष्य व्यवसाय को बड़े स्तर पर ले जाकर 50 लोगों को रोजगार से जोड़ने का है। उनका कहना है कि NLM योजना उनके लिए सिर्फ मदद नहीं, सपनों को पूरा करने का जरिया बनी है।
योजना में कौन आवेदन कर सकता
राष्ट्रीय पशुधन मिशन में व्यक्तिगत उद्यमी आवेदन कर सकते हैं। स्वयं सहायता समूह भी पात्र श्रेणी में शामिल हैं। किसान उत्पादक संगठन और सहकारी संस्थाएं भी आवेदन कर सकती हैं। कुछ पंजीकृत कंपनियों को भी पात्रता मिलती है।
आवेदन ऑनलाइन प्रक्रिया से किया जाता है। परियोजना रिपोर्ट और भूमि संबंधी दस्तावेज जरूरी हो सकते हैं। बैंक की सहमति और विभागीय जांच भी जरूरी रहती है। अंतिम मंजूरी के बाद ही सब्सिडी प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
आवेदन से पहले क्या जांचें
आवेदक अपनी जमीन और चारे की उपलब्धता जरूर जांचें। स्थानीय बाजार में बकरियों की मांग भी समझना जरूरी है। परियोजना की लागत का वास्तविक आकलन पहले करना चाहिए। बैंक ऋण की शर्तें ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
पशु बीमा और स्वास्थ्य सेवा की जानकारी भी लें। केवल सब्सिडी देखकर बड़ा निवेश नहीं करना चाहिए। कमाई का दावा हर क्षेत्र में समान नहीं हो सकता। प्रशिक्षित पशु चिकित्सक से नियमित सलाह लेना बेहतर रहेगा।
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