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एमपी कैबिनेट में अहम फैसले: बागवानी को 491 करोड़ और सिंचाई को 2,607 करोड़ रुपए मिले, ब्याज मुक्त लोन को मंजूरी

newz@gmail.com | Sep 16, 2026, 22:15 IST

एमपी कैबिनेट ने आठ उद्यानिकी योजनाओं के लिए 491 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। तीन सिंचाई परियोजनाओं को 2,607.16 करोड़ रुपए मिले। इसके अलावा मार्कफेड को 2,220.62 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त ऋण भी मिलेगा।

कैबिनेट बैठक

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े कई फैसले लिए हैं। बैठक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार यानी 15 सितंबर को हुई। सबसे बड़ा जोर बागवानी और सिंचाई ढांचे पर रहा। सरकार ने आठ उद्यानिकी योजनाओं को पांच साल की निरंतरता दी। इनके लिए कुल 491 करोड़ रुपए का प्रावधान मंजूर हुआ। तीन सिंचाई परियोजनाओं को भी आगे जारी रखने की मंजूरी मिली।

इन परियोजनाओं की कुल स्वीकृत राशि 2,607.16 करोड़ रुपए है। सरकार के अनुसार इससे 1.27 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र सिंचित होगा।

उद्यानिकी को 491 करोड़

उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग की आठ योजनाएं जारी रहेंगी। इनका संचालन वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक होगा। फल पौध रोपण योजना को 100 करोड़ रुपए मिलेंगे। मसाला क्षेत्र विस्तार योजना के लिए भी 100 करोड़ मंजूर हुए। संरक्षित खेती प्रोत्साहन योजना पर 85 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

फसल बीमा के लिए 53 करोड़ रुपए रखे गए हैं। खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के विकास को भी 53 करोड़ मिलेंगे। एकीकृत शीत श्रृंखला के विकास पर 50 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इससे फल और सब्जियों के सुरक्षित भंडारण की क्षमता बढ़ सकती है। कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए 25 करोड़ रुपए मंजूर हुए। विभागीय परिसंपत्तियों के रखरखाव को भी 25 करोड़ मिलेंगे।

सरकार का दावा है कि किसानों को आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा। फसल सुरक्षा और प्रसंस्करण सुविधाओं तक पहुंच भी बेहतर हो सकेगी। संबंधित विभाग योजनाओं के नियम और दिशा-निर्देश अलग से जारी करेगा।

सिंचाई को 2,607 करोड़

कैबिनेट ने तीन प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता मंजूर की। ये परियोजनाएं उज्जैन, सिंगरौली और अशोकनगर जिलों में हैं। इनका काम वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखा जाएगा। कुल सिंचाई क्षमता लगभग 1 लाख 27 हजार 500 हेक्टेयर होगी। उज्जैन की चितावद परियोजना को सबसे बड़ा बजट मिला है। इसके लिए 1,846 करोड़ 5 लाख रुपए मंजूर हुए।

परियोजना महिदपुर तहसील के पास क्षिप्रा नदी पर प्रस्तावित है। बांध में संचित पानी से 65 हजार हेक्टेयर सिंचाई होगी। इससे क्षेत्र में खेती की जल उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।

गौंड और चंदेरी परियोजना

सिंगरौली की गौंड परियोजना को 749 करोड़ 62 लाख मिलेंगे। इसके तहत बांध और सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली विकसित होगी। परियोजना से 34 हजार 500 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा। यह मंजूरी भी अगले पांच वित्त वर्षों के लिए है। अशोकनगर की चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना भी जारी रहेगी। इसके लिए 11 करोड़ 49 लाख रुपए मंजूर किए गए।

सरकारी जानकारी में 28 हजार हेक्टेयर सिंचाई का लक्ष्य बताया गया। परियोजना में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के जरिए खेतों तक पानी पहुंचेगा।

मार्कफेड को ब्याज मुक्त ऋण

मार्कफेड (Madhya Pradesh State Cooperative Marketing Federation) को बड़ा वित्तीय समर्थन मिलेगा। संस्था को 2,220 करोड़ 62 लाख रुपए का ऋण मिलेगा। इस ऋण पर ब्याज नहीं लिया जाएगा। राशि रबी विपणन वर्ष 2024-25 की बकाया देनदारी चुकाएगी। सरकार ने भुगतान की समयसीमा 30 सितंबर 2026 तय की। वित्त विभाग राज्य की नकद स्थिति देखकर धन उपलब्ध कराएगा।

राजकोषीय घाटे की सीमा का भी ध्यान रखा जाएगा। दूसरी शर्तें मार्कफेड की वित्तीय स्थिति देखकर तय होंगी। यह सहायता सीधे किसान ऋण योजना नहीं है। इसका उद्देश्य खाद्यान्न खरीद व्यवस्था की पुरानी देनदारी निपटाना है।

लाड़ली बहनों पर फैसला

कैबिनेट ने अतिरिक्त 250 रुपए सहायता का अनुसमर्थन किया। यह राशि रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को दी गई थी। भुगतान अगस्त 2026 की नियमित सहायता के साथ किया गया। मुख्यमंत्री ने 20 अगस्त 2026 को इसका आदेश दिया था। विभाग ने 24 अगस्त को पालन आदेश जारी किया। अब मंत्रि-परिषद ने उस फैसले को औपचारिक मंजूरी दी है।

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