किसान की बात,सूत्र के साथ

राजस्थान के किसान कृषि यंत्रों के लिए इस योजना में करें आवेदन, मिल रहा है अच्छा खासा अनुदान

newz@gmail.com | Sep 24, 2026, 16:42 IST

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में किसानों को कृषि यंत्रों और प्रसंस्करण इकाइयों पर अनुदान मिलेगा। राज किसान साथी पोर्टल पर 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। योजना में राइस मिल, दाल मिल और फसल अवशेष प्रबंधन के यंत्र भी शामिल हैं।

कृषि यंत्र

राजस्थान के किसानों के लिए कृषि यंत्रों पर अनुदान का बड़ा मौका आया है। हनुमानगढ़ जिले के किसान अब इस योजना का फायदा उठा सकते हैं। यह अनुदान कृषि यंत्रों के साथ प्रसंस्करण इकाइयों पर भी मिलेगा। इच्छुक किसान 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन राज किसान साथी पोर्टल के जरिए करना होगा। कृषि विभाग की संयुक्त निदेशक यशवंती ने इसकी पूरी जानकारी दी है।

यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लागू की गई है। इसे प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत चलाया जा रहा है। इसे RKVY (Rashtriya Krishi Vikas Yojana) योजना से जोड़ा गया है। इसमें DPR (Detailed Project Report) यानी विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी शामिल है। इसका मकसद खाद्यान्न, तिलहन और बागवानी फसलों को बढ़ावा देना है। योजना कटाई के बाद की प्रसंस्करण प्रक्रिया पर खास फोकस करती है। इसमें मूल्य संवर्धन से जुड़े उपकरणों और संयंत्रों पर अनुदान दिया जाएगा।

किन उपकरणों पर मिलेगा अनुदान

इस योजना में कई तरह की मशीनों को शामिल किया गया है। इसमें मिनी राइस मिल और कम्पोजिट राइस मिलिंग प्लांट शामिल हैं। मिनी दाल मिल और मिलेट प्रसंस्करण संयंत्र भी इसमें आते हैं। इसके अलावा कई तरह के सौर ड्रायर भी शामिल किए गए हैं। वॉशिंग मशीन और क्लीनर कम ग्रेडर पर भी अनुदान मिलेगा। किसान अपनी जरूरत के अनुसार सही मशीन का चुनाव कर सकते हैं।

फसल अवशेष यंत्र भी शामिल

योजना में फसल अवशेष प्रबंधन के यंत्रों को भी जगह दी गई है। इसमें बेलर, चॉपर और रैकर जैसे यंत्र शामिल हैं। क्रॉप रिपर कम बाइंडर और स्ट्रॉ रीपर भी सूची में हैं। मल्चर जैसे आधुनिक यंत्र भी इस योजना का हिस्सा हैं। इन सभी यंत्रों पर नियमानुसार अनुदान का प्रावधान किया गया है। इससे किसान पराली और फसल अवशेष का बेहतर प्रबंधन कर सकेंगे।

610 यंत्रों का लक्ष्य तय

कृषि विभाग के मुताबिक योजना के तहत 610 भौतिक लक्ष्य तय किए गए हैं। ये लक्ष्य कृषि यंत्रों की खरीद के लिए रखे गए हैं। फसल अवशेष प्रबंधन के यंत्रों के लिए भी अलग व्यवस्था है। इनके लिए राज किसान साथी पोर्टल पर आवेदन लिए जाएंगे। आवेदनों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। पात्र किसानों को नियमों के अनुसार अनुदान की राशि दी जाएगी।

अधिकारी ने दी आवेदन की जानकारी

संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) यशवंती ने योजना की पूरी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पात्र किसान तय समय में आवेदन कर सकते हैं। उनके मुताबिक आवेदन प्रक्रिया राज किसान साथी पोर्टल पर ही होगी। पात्रता से जुड़ी शर्तें भी पोर्टल पर उपलब्ध हैं। यंत्रों की पूरी सूची भी विभागीय पोर्टल पर दी गई है। अनुदान राशि की जानकारी भी वहीं से मिल सकती है। इसके अलावा किसान नजदीकी कृषि कार्यालय से भी जानकारी ले सकते हैं।

पर्यावरण संरक्षण में मदद

यशवंती ने किसानों से योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष का सही प्रबंधन जरूरी है। इससे किसान पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे सकते हैं। पराली जलाने की समस्या पर भी इससे कुछ राहत मिल सकती है। उनके मुताबिक सही यंत्रों के इस्तेमाल से खेती की लागत भी घट सकती है। साथ ही फसल अवशेष से जुड़ी समस्याएं भी कम हो सकती हैं।

किसानों के लिए मौका क्यों अहम

राजस्थान में कृषि यंत्रों की उपलब्धता सीमित मानी जाती रही है। महंगे यंत्र खरीदना कई छोटे किसानों के लिए मुश्किल होता है। ऐसे में सरकारी अनुदान किसानों के लिए बड़ी राहत बन सकता है। प्रसंस्करण इकाइयां लगने से किसानों को उपज का बेहतर दाम मिल सकता है। इससे किसान अपनी फसल को सीधे कच्चे रूप में बेचने से बच सकेंगे। मूल्य संवर्धन से किसानों की आमदनी भी बढ़ने की उम्मीद है।

आवेदन से पहले जरूरी बातें

किसानों को आवेदन से पहले सभी शर्तें ध्यान से पढ़नी चाहिए। सही दस्तावेज और जरूरी जानकारी पहले से तैयार रखना बेहतर रहेगा। आवेदन की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 है। इसके बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसलिए किसानों को समय रहते आवेदन पूरा करना चाहिए। किसी भी असमंजस की स्थिति में नजदीकी कृषि कार्यालय से संपर्क करें। कृषि विभाग की टीम आवेदन में मदद के लिए उपलब्ध रहती है।

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