किसान की बात,सूत्र के साथ

MP का सिंगरौली बनेगा प्राकृतिक खेती का बड़ा केंद्र, तीन हजार किसानों ने दिखाई दिलचस्पी : सीएम यादव

newz@gmail.com | Sep 28, 2026, 14:45 IST

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सिंगरौली को प्राकृतिक खेती का बड़ा केंद्र बनाया जाएगा। जिले के तीन हजार से ज्यादा किसान इससे जुड़ चुके हैं। सिंचाई और उद्यानिकी के लक्ष्य भी बताए गए।

सिंगरौली में प्राकृतिक खेती

मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में प्राकृतिक खेती तेजी से फैल रही है। जिले के तीन हजार से ज्यादा किसान इससे जुड़ चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह जानकारी बलराम कृषि महोत्सव में दी। उन्होंने कहा कि सिंगरौली को प्राकृतिक खेती का बड़ा केंद्र बनाया जाएगा। अब तक सिंगरौली की पहचान ऊर्जाधानी के रूप में रही है। सरकार अब इसे खेती के मामले में भी अग्रणी जिला बनाना चाहती है। इसके लिए सिंचाई, उद्यानिकी और प्रोसेसिंग पर भी जोर दिया जा रहा है। किसानों के लिए यह बदलाव कई नए मौके ला सकता है।

सिंगरौली में प्राकृतिक खेती

मुख्यमंत्री ने बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित किया। यह आयोजन सिंगरौली में हुआ। वे मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे। उन्होंने किसानों को अनंत चतुर्दशी की शुभकामनाएं भी दीं।

मुख्यमंत्री के मुताबिक सरकार ने किसानों के हित में कई कदम उठाए हैं। तकनीक और नवाचार से उत्पादन और आमदनी बढ़ाने की कोशिश जारी है। उन्होंने सिंगरौली की भूमि को रत्नगर्भा बताया। उनका कहना था कि यहां प्राकृतिक खेती का प्रसार तेजी से हो रहा है।

श्रीअन्न में सिंगरौली आगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगरौली श्रीअन्न में आगे है। श्रीअन्न यानी मोटा अनाज। यह जिला सोन और गोपद नदी के संगम पर बसा है। यहां कोदो और सामा प्रमुख फसलें हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार ने कोदो-कुटकी की खरीद का फैसला किया है। यह खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर होगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक यह फैसला सिंगरौली और डिंडोरी के किसानों की पहल पर हुआ।

किसानों से सीएम का सीधा संवाद

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों से बात की। उन्होंने प्राकृतिक खेती की जानकारी ली। श्रीअन्न उत्पादन पर भी सवाल पूछे। हल्दी की खेती के बारे में भी उन्होंने खास तौर पर पूछा।

किसानों ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती में जैविक खाद का इस्तेमाल होता है। इससे परंपरागत खेती की तुलना में ज्यादा फायदा होता है। यह बात मुख्यमंत्री के सामने किसानों ने खुद रखी।

सिंचाई और बागवानी का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लिए बड़े लक्ष्य भी बताए। उनके मुताबिक प्रदेश में सिंचाई क्षमता का विस्तार किया जाएगा। इसे बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाया जाएगा। उद्यानिकी का रकबा भी बढ़ाकर 30 लाख हेक्टेयर तक किया जाएगा।

सरकार खाद्य प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को भी बढ़ावा देगी। एक जिला एक उत्पाद (One District One Product) योजना भी चलेगी। इससे स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

पशुपालन और डेयरी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाने की बात भी कही गई। एक लाख किसानों, युवाओं और बेटियों को खास प्रशिक्षण मिलेगा। यह बात मुख्यमंत्री ने कही। इससे प्रदेश में कृषि उद्यमियों की नई पीढ़ी तैयार होगी।

बिजली और प्रोसेसिंग यूनिट

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगरौली के किसान बदल रहे हैं। वे पारंपरिक खेती के साथ नई तकनीक अपना रहे हैं। वे नई फसलें भी उगा रहे हैं। उनके मुताबिक उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण में जिले के पास काफी संभावनाएं हैं। जिले में आटा मिल, राइस मिल और ऑयल मिल की नई इकाइयां लगी हैं। दुग्ध उत्पाद, बेकरी और खाद्य प्रसंस्करण की इकाइयां भी शुरू हुई हैं।

खेती के लिए बिजली को लेकर भी उन्होंने जानकारी दी। मुख्यमंत्री के मुताबिक किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली मिलेगी। इसके लिए फीडर अलग किए गए हैं। इससे खेती के लिए बिजली की उपलब्धता बेहतर होगी।

किसानों के लिए क्या मायने

इन घोषणाओं का असर सीधे खेत तक पहुंच सकता है। कोदो और कुटकी की खरीद एमएसपी पर होगी। इससे किसानों को कीमत का भरोसा मिलेगा। बिचौलियों के भरोसे रहने की मजबूरी भी कम हो सकती है।

आटा, चावल और तेल की मिलें जिले में ही लगी हैं। दुग्ध उत्पाद और बेकरी की इकाइयां भी शुरू हुई हैं। ऐसे में उपज को स्थानीय बाजार मिलने की उम्मीद बढ़ती है। किसान कच्चा माल बेचकर आगे की प्रक्रिया से भी जुड़ सकते हैं।

सिंचाई का दायरा बढ़ने पर बारिश पर निर्भरता घटेगी। दिन में 10 घंटे बिजली मिलने से सिंचाई का काम आसान होगा। हालांकि इन लक्ष्यों को जमीन पर उतारने की समयसीमा बताई नहीं गई है।

किसानों से सरकार की अपील

मुख्यमंत्री ने किसानों से फसल विविधीकरण अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती में रुचि लें। साथ ही पशुपालन और मछली पालन से भी जुड़ें।

कार्यक्रम स्थल पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह मौजूद थीं। सीधी और सिंगरौली के लोकसभा सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने भी संबोधित किया। अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी किसानों को संबोधित किया। विधायक रामनिवास शाह और विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पांचूलाल प्रजापति भी मौजूद रहे। प्रगतिशील किसानों के साथ जिले भर से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे।

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