किसान की बात,सूत्र के साथ

सीएम डॉ. मोहन यादव ने निवाड़ी के किसानों से सीधा संवाद किया, बोले- खेती सिर्फ जीविका नहीं, मुनाफे का व्यवसाय बने

newz@gmail.com | Sep 10, 2026, 15:26 IST

सीएम डॉ. मोहन यादव ने खेती को मुनाफे का व्यवसाय बनाने की बात कही। यह बयान निवाड़ी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में आया। मुख्यमंत्री नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से जुड़े।

बलराम महोत्सव

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि खेती को सिर्फ जीविका का साधन नहीं मानना चाहिए। इसे किसानों के लिए मुनाफे का व्यवसाय बनाया जाना चाहिए। यह बात उन्होंने निवाड़ी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में कही। यह महोत्सव किसानों को नई तकनीक से जोड़ने के लिए आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने किसानों से सीधा संवाद कर कृषि विकास पर चर्चा की।

क्यों अहम है यह बयान

डॉ. यादव ने कहा कि पुरानी सोच अब बदलनी होगी। अब तक खेती को सिर्फ पेट भरने का जरिया माना जाता रहा है। मुख्यमंत्री चाहते हैं कि किसान इसे कमाई का बड़ा जरिया बनाएं। इसके लिए सरकार हर संभव मदद देने को तैयार है।

डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि किसानों को उन्नत तकनीक और बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ भी लगातार पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र आने वाले समय में अहम भूमिका निभाएगा। यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश की समृद्धि की सबसे बड़ी गारंटी बन सकता है।

नए क्षेत्रों संभावनाएं खोजने की सलाह

मुख्यमंत्री ने किसानों को नई राह दिखाई। उन्होंने कहा कि किसान दुग्ध उत्पादन जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ें। श्रीअन्न उत्पादन और मत्स्य पालन में भी संभावनाएं तलाशें। उद्यानिकी में रुचि रखने वाले किसान इसे भी अपनाएं। उन्होंने कहा कि किसान अपनी रुचि के हिसाब से नई शुरुआत करें। उन्होंने कहा कि सरकार फील्ड से फैक्ट्री तक किसानों के साथ है। मुख्यमंत्री ने सभी किसानों से महोत्सव में भाग लेने की अपील की।

किसान कल्याण वर्ष का जोर

डॉ. यादव ने किसान कल्याण वर्ष का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसके तहत पूरे साल किसानों के लिए काम होगा। किसानों की आय बढ़ाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि खेती को अधिक लाभकारी बनाना भी जरूरी है। नई तकनीक और उन्नत बीजों से उत्पादन बढ़ेगा। आधुनिक कृषि यंत्र और वैज्ञानिक तरीके भी मददगार साबित होंगे।

कृषि महोत्सव से क्या फायदा

मुख्यमंत्री ने बलराम कृषि महोत्सव के फायदे भी गिनाए। उन्होंने कहा कि इससे किसान कृषि वैज्ञानिकों से सीधे बात कर सकते हैं। उन्नत कृषि यंत्रों की जानकारी भी उन्हें मिलती है। नई तकनीकों और बेहतर उत्पादन के तरीके भी पता चलते हैं। किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे खेती की लागत घटेगी और उत्पादन बढ़ेगा।

प्राकृतिक खेती पर जोर

डॉ. यादव ने प्राकृतिक खेती पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सरकार परंपरागत खेती के साथ जैविक खेती भी बढ़ा रही है। प्राकृतिक खेती अपनाकर किसान कम लागत में अच्छा उत्पादन कर सकते हैं। इससे किसानों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद है।

सिंचाई-बिजली की सुविधा

मुख्यमंत्री ने बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई और बिजली जरूरी हैं। सरकार इन सुविधाओं पर लगातार काम कर रही है। पर्याप्त बिजली आपूर्ति के साथ कृषि अधोसंरचना भी मजबूत की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ है। किसानों की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता से किया जा रहा है।

अन्य वर्गों के लिए भी योजनाएं

डॉ. यादव ने युवाओं, महिलाओं और गरीबों की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना लक्ष्य है। ग्रामीण इलाकों में पशुपालन और पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। गौशाला और पशुपालन योजनाएं भी ग्रामीणों को सशक्त बना रही हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों से वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन लेने की अपील की। उन्होंने आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर दिया।

शून्य ब्याज पर कर्ज की सुविधा

मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण वर्ष 2026 की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके तहत कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कर्ज की सुविधा दी जा रही है। पहले खरीफ और रबी फसलों के लिए कर्ज चुकाने की अवधि 6-6 महीने थी। अब इसे बढ़ाकर एक साल कर दिया गया है। किसान अब कर्ज लेने की तारीख से एक साल में चुका सकेंगे। प्रदेश में ढाई करोड़ किसानों को सब्सिडी पर बीज दिए गए हैं।

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