मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड का नया ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इसे संक्षेप में केसीसी (Kisan Credit Card) कहा जाता है। अब किसान घर बैठे ही केसीसी के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे बार बार कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। सरकार ने कृषि ऋण की पूरी व्यवस्था को आसान बनाने पर जोर दिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद इस पहल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार बीज से बाजार तक किसानों के साथ खड़ी है। उनके मुताबिक सरकार खेत से निर्यात तक हर कदम पर मदद कर रही है। सरकार का लक्ष्य आधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधाओं से किसानों की आय बढ़ाना है।
पोर्टल पर आवेदन कैसे करें
केसीसी किसानों के लिए एक जरूरी सुविधा मानी जाती है। इसके जरिए किसान बीज, खाद और कीटनाशक जैसे खर्च पूरे करते हैं। पहले आवेदन के लिए बार-बार बैंक या कार्यालय जाना पड़ता था। अब नए पोर्टल से यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो गई है। किसान अपने मोबाइल या कम्प्यूटर से ही आवेदन कर सकेंगे। इससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी।
शून्य ब्याज पर मिलता रहेगा ऋण
सरकार ने कृषि ऋण पर ब्याज को लेकर भी राहत दी है। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण मिलता रहेगा। सरकार ने इस व्यवस्था को और सरल बनाने की जानकारी दी है। इससे किसानों को खेती के लिए सस्ता कर्ज मिलना आसान होगा।
12 महीने में चुकाएं ऋण
ऋण चुकाने के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले खरीफ और रबी फसल का ऋण अलग अलग चुकाना पड़ता था। अब यह अनिवार्यता खत्म करने की बात कही गई है। किसान अब 12 महीने की अवधि में अपनी सुविधा से ऋण चुका सकेंगे। यह उन किसानों के लिए खास राहत है। इनकी फसल की आय अलग-अलग समय पर आती है।
कृषक कवच योजना भी शुरू
सरकार ने किसानों के लिए एक नई योजना भी शुरू की है। इसका नाम कृषक कवच योजना रखा गया है। कई किसानों के खाते सत्यापन में लंबित रहते हैं। इस वजह से वे योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। कृषक कवच योजना ऐसे किसानों को व्यवस्था से जोड़ने का काम करेगी। इससे प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें भी फायदा मिल सकेगा।
सिंचाई का बड़ा लक्ष्य
सिंचाई को लेकर भी सरकार ने बड़ा लक्ष्य रखा है। सिंचाई का रकबा अभी 60 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है। सरकार अगले ढाई साल में इसे बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करना चाहती है। इससे किसानों को खेती के लिए पानी की बेहतर सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने किसानों से पानी का सही इस्तेमाल करने की अपील भी की। साथ ही उन्होंने फसल विविधीकरण अपनाने की सलाह भी दी।
दिन में मिलेगी बिजली
बिजली को लेकर भी किसानों के लिए अच्छी खबर है। राज्य में सिंचाई के लिए किसानों को 24 घंटे बिजली मिल रही है। अब सरकार दिन में 10 घंटे बिजली देने पर भी काम कर रही है। इससे किसानों को रात में खेत जाने की परेशानी से राहत मिलेगी। दिन में बिजली मिलने से सिंचाई का काम आसान हो जाएगा।
सहकारी बैंकों का विस्तार
गांवों में सहकारी व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। राज्य में 200 नए पैक्स यानी प्राथमिक कृषि साख समिति कार्यालय शुरू हुए हैं। ग्वालियर में अपेक्स बैंक की नई संभागीय शाखा भी खोली गई है। इसका मकसद किसानों को बैंकिंग और कृषि ऋण से आसानी से जोड़ना है। सरकार शिवपुरी जिला सहकारी बैंक की हालत सुधारने में भी मदद करेगी।
एग्री-टेक पर जोर
सरकार अब खेती को सिर्फ परंपरागत तरीकों तक सीमित नहीं रखना चाहती। मुख्यमंत्री के अनुसार एग्री-टेक और एग्री-बिजनेस आने वाले समय की जरूरत हैं। किसानों को उद्यानिकी, जैविक खेती, मत्स्य पालन और पशुपालन से जोड़ा जा रहा है। उत्पादों की ग्रेडिंग, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग पर भी खास जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिल सकेगा।
मिल्क कैपिटल की भी तैयारी
दूध उत्पादन के क्षेत्र में भी मध्य प्रदेश बड़ा लक्ष्य लेकर चल रहा है। सरकार राज्य को देश की मिल्क कैपिटल बनाना चाहती है। इसके लिए हर ब्लॉक में एक वृंदावन ग्राम विकसित किया जाएगा। चारा अनुदान को 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए किया गया है। पशुपालन के लिए नई गौपालन योजना भी शुरू की गई है। इसमें 40 लाख रुपए तक के ऋण पर 10 लाख रुपए तक अनुदान मिलेगा।
फार्मर आईडी क्यों जरूरी
मुख्यमंत्री ने किसानों से फार्मर आईडी बनवाने की अपील भी की है। फार्मर आईडी से सरकारी योजनाओं का लाभ लेना आसान होगा। इससे समर्थन मूल्य पर भुगतान पाना भी आसान हो जाएगा। खाद-बीज पर सब्सिडी लेने में भी यह मददगार साबित होगी। सरकार किसानों की जानकारी को डिजिटल रूप से व्यवस्थित करना चाहती है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक बड़ी बात कही। उनके अनुसार किसानों की समृद्धि में ही प्रदेश की समृद्धि है। सरकार का पूरा फोकस खेती की लागत घटाने पर है। साथ ही सिंचाई, बिजली, सस्ता कर्ज और तकनीक पर ध्यान दिया जा रहा है। इन कदमों से किसानों को आने वाले समय में राहत मिलने की उम्मीद है।
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